{"_id":"585ebaa24f1c1b2e4ee3baea","slug":"govt-department-on-target-matter-of-tax-evasion","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सरकारी विभागों पर निगाहें, टैक्स चोरी मिली तो गए काम से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब सरकारी विभागों पर निगाहें, टैक्स चोरी मिली तो गए काम से
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:43 PM IST
सार
- यूपीएसआईडीसी व कैंट बोर्ड के बाद दूसरे बड़े विभागों की भी होगी जांच
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपीएसआईडीसी व कैंट बोर्ड की तरह ही कुछ और सरकारी विभाग आयकर के निशाने पर हैं। इनमें एक दर्जन से अधिक चिह्नित सरकारी विभागों में 50 करोड़ से अधिक टीडीएस चोरी के संकेत मिले हैं। आयकर अफसरों ने ऐसे विभागों की कुंडली निकाल ली है और जल्द ही जांच पड़ताल हो सकती है।
आयकर विभाग के टीडीएस विंग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स विभाग ने करदाताओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। करदाताओं में सरकारी विभाग भी शामिल होते हैं।
विभिन्न मदों में व्यय पर यहां से टीडीएस व टीसीएस की कटौती की जाती है, लेकिन कई विभागों में टीडीएस व टीसीएस में हेरफेर की सूचनाएं आ रही हैं। जल्द ही यहां आयकर विभाग के सर्वे होंगे।
विज्ञापन
बिल व टैक्स भुगतान की मांगी जानकारी
आयकर विभाग ने सभी सरकारी विभागों से आठ नवंबर से 30 दिसंबर तक जमा होने वाले बिल व टैक्स भुगतान का ब्यौरा मांगा है। खासतौर से नगर निगम, बिजली विभाग, केडीए, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी, यूपीएसआईसी, उद्योग विभाग, वाणिज्यकर से जानकारी मांगी है।
विज्ञापन
आयकर विभाग के टीडीएस विंग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स विभाग ने करदाताओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। करदाताओं में सरकारी विभाग भी शामिल होते हैं।
विज्ञापन
विभिन्न मदों में व्यय पर यहां से टीडीएस व टीसीएस की कटौती की जाती है, लेकिन कई विभागों में टीडीएस व टीसीएस में हेरफेर की सूचनाएं आ रही हैं। जल्द ही यहां आयकर विभाग के सर्वे होंगे।
विज्ञापन
बिल व टैक्स भुगतान की मांगी जानकारी
आयकर विभाग ने सभी सरकारी विभागों से आठ नवंबर से 30 दिसंबर तक जमा होने वाले बिल व टैक्स भुगतान का ब्यौरा मांगा है। खासतौर से नगर निगम, बिजली विभाग, केडीए, आवास विकास, यूपीएसआईडीसी, यूपीएसआईसी, उद्योग विभाग, वाणिज्यकर से जानकारी मांगी है।