Kanpur: गंगा खतरे के निशान से महज 31 सेमी दूर, और बढ़ेगा जलस्तर...अब सता रहा बाढ़ का खतरा, जानें पूरी स्थिति
Kanpur News: सोमवार देर रात तक गंगा में पौने लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी शहर आएगा। ऐसे में कटरी और उसके आस-पास रहने वाले लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। बाढ़ आई तो चैनपुरवा, घामरखेड़ा, देवनीपुरवा और मक्कापुरवा जैसे गांवों में सबसे पहले इसका असर दिखेगा।
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पहाड़ों पर हुई मूसलाधर बारिश के चलते लगातार गंगा में पानी बढ़ता जा रहा है। रविवार रात को शुक्लागंज में गंगा चेतावनी बिंदु 112 मीटर से महज 39 सेमी नीचे थी। सोमवार सुबह चेतावनी बिंदु से महज 31 सेमी दूर रह गई। यह नौबत तब आई है, जब बैराज के सभी 30 गेट खुले हैं और रविवार को शहर से इस सीजन का सबसे ज्यादा 2.95 लाख क्यूसेक पानी बहाया गया है।
वहीं शहर की बात करें, तो गंगा चेतावनी बिंदु 113 मीटर से अभी 1.31 मीटर नीचे हैं। सिंचाई विभाग के गेज रीडर उत्तम पाल ने बताया कि सोमवार सुबह नरौरा से 211074 क्यूसेक और हरिद्वार से 129352 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। यह पानी गुरुवार या शुक्रवार तक शहर पहुंचेगा। फिलहाल बैराज में बिठूर की तरफ यानी अपस्ट्रीम में 113.150 और डाउनस्ट्रीम में 112.870 मीटर जलस्तर है
कटरी के लोगों को सता रहा बाढ़ का खतरा
सोमवार देर रात तक गंगा में पौने लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी शहर आएगा। ऐसे में कटरी और उसके आस-पास रहने वाले लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। बाढ़ आई तो चैनपुरवा, घामरखेड़ा, देवनीपुरवा और मक्कापुरवा जैसे गांवों में सबसे पहले इसका असर दिखेगा। कल्लूपुरवा के पास पानी की कटान हुई है। इसके अलावा नून नदी में पानी बढ़ने से बाकरगंज, रमेलनगर, हिंगूपुर, ख्योरा कटरी और भगवानदीन का पुरवा के लोग चिंतित हैं।
ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखें
वहीं, घाटों के किनारे जाने पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं। बता दें कि हाल ही में जिलाधिकारी विशाख जी ने बढ़े हुए जलस्तर से प्रभावित गांव में रहने वाले ग्रामीणों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ चौकियों के सक्रिय होने के साथ राहत सामग्री जुटा ली जाए। जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर प्रभावित गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर लें।