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यूपी: गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
Tue, 20 Aug 2019 04:21 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Abhishek Singh
Updated Tue, 20 Aug 2019 04:21 AM IST
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गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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बुंदेलखंड और कानपुर आसपास सोमवार को जहां यमुना, केन, बेतवा जलस्तर कुछ कम हुआ, वहीं गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। नरौरा से पानी छोड़ने से उन्नाव के शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 24 घंटे में 11 सेंटीमीटर बढ़ा, लेकिन अभी भी चेतावनी बिंदु से एक मीटर दूर है। वहीं फर्रुखाबाद में भी गंगा का जलस्तर पांच सेमी बढ़ने से चेतावनी बिंदु से पांच सेमी दूर है। कन्नौज में भी गंगा के पानी में बढ़ोतरी हो रही है। कानपुर देहात में भी यमुना का जलस्तर घटने लगा है। प्रशासन ने लोगों को अलर्ट जारी किया है।
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कानपुर देहात में यमुना का जलस्तर करीब आधा फीट कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि मुख्य मार्ग से कई गांवों का संपर्क टूट है। लोगों को नावों के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है।
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उधर, बुंदेलखंड के बांदा में केन नदी खतरे के निशान से लगभग साढ़े 5 मीटर नीचे बह रही है। यमुना का पानी सोमवार शाम से दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। यहां यमुना की बाढ़ से दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं।
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हमीरपुर में यमुना व बेतवा का जलस्तर सोमवार को घटने लगा। शाम चार बजे यमुना का जलस्तर 103.180 मीटर और बेतवा का जलस्तर 102.400 मीटर मापा गया। चित्रकूट में हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़ने से यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। यहां एक दर्जन से ज्यादा गांवों का संपर्क कट गया और नाव चलने लगी। कई इलाकों में फसलें भी जलमग्न हो गईं।
जालौन में बेतवा का जल स्तर एक मीटर और गिरा, वहीं यमुना का जल स्तर भी स्थिर रहा। इटावा में दो दिन उफनाने के बाद तीसरे दिन सोमवार को चंबल नदी का पानी कम होने लगा, लेकिन अभी भी खतरे के निशान (119.80 मीटर ) से ऊपर चंबल बह रही है। पछायगांव की मड़ैया गांव के 20 घर बाढ़ की चपेट में हैं।
फतेहपुर में चौबीस घंटे में गंगा का जलस्तर दस सेंटीमीटर और यमुना का 50 सेंटीमीटर बढ़ा है। यमुना तटवर्ती गांव के कई प्रमुख मार्गों में पानी भर गया है। खखरेरू क्षेत्र के कुल्ली से कोट मार्ग में ससुर खदेरी नदी में बने पुल के ऊपर पानी भर गया है। किशनपुर के पास असहट नाला के पुल के ऊपर पानी भरा होने से नाव चलने लगी है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पांडु नदी भी उफनाने लगी है। औरैया में यमुना नदी तीसरे दिन सोमवार को स्थिर हो गई।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक पानी धीरे-धीरे उतार की ओर है। उधर, उन्नाव जिले में में गंगा का जलस्तर अब चेतावनी बिंदु की ओर तेजी से बढ़ने लगा है। बीते 24 घंटे में शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 11 सेंटीमीटर और बढ़ा है। गंगा का पानी चेतावनी बिंदु से अभी लगभग एक मीटर दूर है। फर्रुखाबाद में नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से सोमवार को गंगा का जलस्तर 5 सेमी बढ़कर 136.55 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से मात्र 5 सेमी दूर है।
बाढ़ का पानी अमृतपुर तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में घुस गया है। कमथरी-सुल्तानगंज खरेटा मार्ग पर 200 मीटर दूरी में करीब तीन फीट ऊंचाई से पानी बह रहा है। कन्नौज में गंगा का जलस्तर 123.900 सेमी पर पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदु से 1.700 सेमी दूर है। हरदोई में गंगा नदी चेतावनी बिंदु से महज 10 सेंटीमीटर की दूरी पर है।