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Ganga Dussehra 2022: कानपुर के गंगा घाटों पर स्नान के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, दान-पुण्य भी किया
Thu, 09 Jun 2022 12:31 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 09 Jun 2022 12:31 PM IST
सार
पं. पवन तिवारी ने बताया कि आज के दिन गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से दस तरह के पापों का नाश होता है। आज के दिन चार शुभ योग बने है। गुरु-चंद्रमा और मंगल का दृष्टि संबंध रहेगा।
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गंगा घाटों पर स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में गंगा दशहरा पर्व पर गुरुवार को मां गंगा में हजारों की तादाद में भक्तों ने डुबकी लगाकर दान-पुण्य किया। दूर-दूर से लोग गंगा स्नान के लिए शहर पहुंचे थे। सुबह से गंगा घाटों के किनारे भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। भक्तों ने गंगा स्नान करने के बाद घाट के किनारे पंड़ितों, कन्याओं, साधु संतों को भोजन करा उन्हें दक्षिणा दी। इसके अलावा मां गंगा का विधि-विधान के साथ श्रृंगार कर उन्हें चुनरी अर्पित की।
गंगा दशहरा पर्व पर बुधवार देर रात से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। जिस कारण सेंट्रल स्टेशन व बस अड्डों में भी काफी भीड़ रही। भक्तों ने स्नान करने के बाद भगवान शिव का अभिषेक किया और चंदन का टिका लगाकर भगवान से सुख समृद्घि की कामना की। वहीं, बहुत से लोग बोतलों में भरकर घर के लिए गंगाजल भी ले गए।
पं. पवन तिवारी ने बताया कि आज के दिन गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से दस तरह के पापों का नाश होता है। आज के दिन चार शुभ योग बने है। गुरु-चंद्रमा और मंगल का दृष्टि संबंध रहेगा। इससे गज केसरी और महालक्ष्मी योग का निर्माण हुआ है। वहीं, वृष राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बना है। इसके अलावा सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों से पूरे दिन रवि योग रहा है। इस घड़ी में गंगा स्नान करने व दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
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गंगा दशहरा पर्व पर बुधवार देर रात से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। जिस कारण सेंट्रल स्टेशन व बस अड्डों में भी काफी भीड़ रही। भक्तों ने स्नान करने के बाद भगवान शिव का अभिषेक किया और चंदन का टिका लगाकर भगवान से सुख समृद्घि की कामना की। वहीं, बहुत से लोग बोतलों में भरकर घर के लिए गंगाजल भी ले गए।
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पं. पवन तिवारी ने बताया कि आज के दिन गंगा में आस्था की डुबकी लगाने से दस तरह के पापों का नाश होता है। आज के दिन चार शुभ योग बने है। गुरु-चंद्रमा और मंगल का दृष्टि संबंध रहेगा। इससे गज केसरी और महालक्ष्मी योग का निर्माण हुआ है। वहीं, वृष राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग बना है। इसके अलावा सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों से पूरे दिन रवि योग रहा है। इस घड़ी में गंगा स्नान करने व दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
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