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होजरी इंडस्ट्री का सर्वे करने आई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2016 01:16 AM IST
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गंगा
- फोटो : amar ujala
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कानपुर। रूमा स्थित होजरी की औद्योगिक इकाइयोें में जेएलडी (जीरो लिक्विड डिस्चार्ज) सिस्टम लगाने के लिए मिशन फॉर क्लीन गंगा की एजेंसी तमिलनाडु वॉटर इनवेंस्टमेंट कंपनी (टीडब्लूआईसी) ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। पांच सदस्यीय टीम के लीडर वेलयप्पन के टीम मेंबर एक-एक इकाइयों का दस दिनों तक अध्ययन करेंगे। इसके बाद इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर यहां बनाए जाने वाले ट्रीटमेंट प्लांट की डीपीआर बनेगी।
यूपी में टीडब्लूआईसी के तहत हो रहे कार्यों का नेतृत्व कर रहे साजिद हुसैन ने बताया कि रूमा में डाइंग का काम करने वाली औद्योगिक इकाइयोें में अभी तक जेएलडी सिस्टम नहीं लगा है। टीम के सदस्य सभी इकाइयों में जाकर देखेंगे कि हर इंडस्ट्री से कितना कचरा युक्त पानी निकल रहा है। पानी का रंग कैसा है। साथ ही इंडस्ट्री कौन-कौन सा केमिकल प्रयोग कर रही हैं। साजिद हुसैन के अनुसार सर्वे और डीपीआर बनाने के काम में चार महीने लग सकते हैं। यह टीम फर्रुखाबाद, मथुरा, पिलखुआ भी जाएगी।
कमिश्नर के फोन पर दस मिनट में ट्रक छूटा
कानपुर। कागजी कार्रवाई पूरे होने के बाद भी मंडी समिति के अधिकारी की ओर से रोके गए गेहूं लदे ट्रक को रिलीज कराने, लाइसेंस बनने में अफसरों की मनमानी की शिकायत कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कमिश्नर से की। बाद में कमिश्नर के फोन करने पर ट्रक छोड़ दिया गया। कमिश्नर ने मामले की जांच कराने के आदेश दिए।
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व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय पंडित, महामंत्री विनोद गुप्ता, मुकुंद मिश्रा की अगुवाई में व्यापारियों ने कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन को ज्ञापन देकर बताया कि 300 बोरा लदा ट्रक 27 अप्रैल को हमीरपुर से महाराजपुर में आने के लिए रवाना हुआ था। इसके पूरे कागज ड्राइवर के पास थे। मूसानगर मंडी समिति के कर्मचारियों ने चेकिंग की और ट्रक को रवाना कर दिया था। लेकिन कानपुर मंडी समिति सचल दल के विनय प्रकाश सिंह ने ट्रक के कागजात दिखाने के बाद भी ट्रक रोक लिया। वहीं बताया कि एक फर्म ने मंडी समिति से लाइसेंस लेने के लिए दो साल से आवेदन कर रखा था लेकिन चढ़ावा न देने के कारण लाइसेंस नहीं दिया गया। इस पर कमिश्नर ने फ ोन पर मंडी समिति के डीडीए अमित यादव को ट्रक रिलीज कराने, फर्म का लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए। विनोद गुप्ता ने बताया कि कमिश्नर के फोन करने के बाद 10 मिनट में ट्रक छूट गया। ज्ञापन देने वालों में मनीष मिश्रा, विजय मिश्रा, पारस अवस्थी, महेश गुप्ता, रामजी शुक्ल आदि थे।
उद्यमियों को बेवजह दिए जा रहे हैं नोटिस
कानपुर। जिला उद्योग केंद्र फजलगंज में शुक्रवार को डीआईसी जीएम अनिल कुमार की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में सीईटीपी जल्द लगवाने, यूपीएसआईडीसी की ओर से कई गुना मेंटेनेंस शुल्क लिए जाने की समस्या बताई। उप्र नियंत्रण बोर्ड से ऐसे उद्योगों को एनओसी समाप्त करने या सहमति पत्र न लिए जाने की मांग की जहां पानी या फ्यूल का इस्तेमाल ही नहीं होता है। समाधान दिवस में 33 शिकायतें दर्ज कराई गईं। जीएम डीआईसी ने उद्यमियों को बताया कि दो सीटीईपी बनाए जाने हैं। कंसल्टेंट की नियुक्ति की जानी है। उद्यमियों ने शिकायत की कि औद्योगिक क्षेत्र में कई ऐसे उद्योग हैं जिनके उत्पादन या अन्य प्रोसेस में पानी या फ्यूल का उपयोग नहीं होता है। ऐसे उद्योगों को उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी या सहमति की आवश्यकता समाप्त की जाए, नोटिस न भेजे जाएं। यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्र पनकी और दादानगर में सीईटीपी की स्थापना की जानी हैं। जिसका संचालन प्रदेश सरकार करेगी। संचालन में आने वाला खर्च उद्यमी उठाएंगे। लेकिन अभी तक इस पर प्रगति नही हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि जिन उद्योगों को एनओसी के लिए नोटिस जारी कियागया हैं, उसकी सूची अगली बैठक में लेकर आएंगे। नियमावली को देखने के बाद एनओसी या सहमति की आवश्यकता पर निर्णय होगा। जीएम डीआईसी ने बताया कि नगर निगम की 18, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 3, उद्योग विभाग की 1, यूपीएसआईडीसी की 4, व्यापार कर की 2, केडीए की 3, केस्को और एनएचआई की 1-1 समस्या है । आईआईए, पीआईए, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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यूपी में टीडब्लूआईसी के तहत हो रहे कार्यों का नेतृत्व कर रहे साजिद हुसैन ने बताया कि रूमा में डाइंग का काम करने वाली औद्योगिक इकाइयोें में अभी तक जेएलडी सिस्टम नहीं लगा है। टीम के सदस्य सभी इकाइयों में जाकर देखेंगे कि हर इंडस्ट्री से कितना कचरा युक्त पानी निकल रहा है। पानी का रंग कैसा है। साथ ही इंडस्ट्री कौन-कौन सा केमिकल प्रयोग कर रही हैं। साजिद हुसैन के अनुसार सर्वे और डीपीआर बनाने के काम में चार महीने लग सकते हैं। यह टीम फर्रुखाबाद, मथुरा, पिलखुआ भी जाएगी।
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कमिश्नर के फोन पर दस मिनट में ट्रक छूटा
कानपुर। कागजी कार्रवाई पूरे होने के बाद भी मंडी समिति के अधिकारी की ओर से रोके गए गेहूं लदे ट्रक को रिलीज कराने, लाइसेंस बनने में अफसरों की मनमानी की शिकायत कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कमिश्नर से की। बाद में कमिश्नर के फोन करने पर ट्रक छोड़ दिया गया। कमिश्नर ने मामले की जांच कराने के आदेश दिए।
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व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय पंडित, महामंत्री विनोद गुप्ता, मुकुंद मिश्रा की अगुवाई में व्यापारियों ने कमिश्नर मो. इफ्तिखारुद्दीन को ज्ञापन देकर बताया कि 300 बोरा लदा ट्रक 27 अप्रैल को हमीरपुर से महाराजपुर में आने के लिए रवाना हुआ था। इसके पूरे कागज ड्राइवर के पास थे। मूसानगर मंडी समिति के कर्मचारियों ने चेकिंग की और ट्रक को रवाना कर दिया था। लेकिन कानपुर मंडी समिति सचल दल के विनय प्रकाश सिंह ने ट्रक के कागजात दिखाने के बाद भी ट्रक रोक लिया। वहीं बताया कि एक फर्म ने मंडी समिति से लाइसेंस लेने के लिए दो साल से आवेदन कर रखा था लेकिन चढ़ावा न देने के कारण लाइसेंस नहीं दिया गया। इस पर कमिश्नर ने फ ोन पर मंडी समिति के डीडीए अमित यादव को ट्रक रिलीज कराने, फर्म का लाइसेंस बनवाने के निर्देश दिए। विनोद गुप्ता ने बताया कि कमिश्नर के फोन करने के बाद 10 मिनट में ट्रक छूट गया। ज्ञापन देने वालों में मनीष मिश्रा, विजय मिश्रा, पारस अवस्थी, महेश गुप्ता, रामजी शुक्ल आदि थे।
उद्यमियों को बेवजह दिए जा रहे हैं नोटिस
कानपुर। जिला उद्योग केंद्र फजलगंज में शुक्रवार को डीआईसी जीएम अनिल कुमार की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में सीईटीपी जल्द लगवाने, यूपीएसआईडीसी की ओर से कई गुना मेंटेनेंस शुल्क लिए जाने की समस्या बताई। उप्र नियंत्रण बोर्ड से ऐसे उद्योगों को एनओसी समाप्त करने या सहमति पत्र न लिए जाने की मांग की जहां पानी या फ्यूल का इस्तेमाल ही नहीं होता है। समाधान दिवस में 33 शिकायतें दर्ज कराई गईं। जीएम डीआईसी ने उद्यमियों को बताया कि दो सीटीईपी बनाए जाने हैं। कंसल्टेंट की नियुक्ति की जानी है। उद्यमियों ने शिकायत की कि औद्योगिक क्षेत्र में कई ऐसे उद्योग हैं जिनके उत्पादन या अन्य प्रोसेस में पानी या फ्यूल का उपयोग नहीं होता है। ऐसे उद्योगों को उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी या सहमति की आवश्यकता समाप्त की जाए, नोटिस न भेजे जाएं। यह भी कहा कि औद्योगिक क्षेत्र पनकी और दादानगर में सीईटीपी की स्थापना की जानी हैं। जिसका संचालन प्रदेश सरकार करेगी। संचालन में आने वाला खर्च उद्यमी उठाएंगे। लेकिन अभी तक इस पर प्रगति नही हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने बताया कि जिन उद्योगों को एनओसी के लिए नोटिस जारी कियागया हैं, उसकी सूची अगली बैठक में लेकर आएंगे। नियमावली को देखने के बाद एनओसी या सहमति की आवश्यकता पर निर्णय होगा। जीएम डीआईसी ने बताया कि नगर निगम की 18, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 3, उद्योग विभाग की 1, यूपीएसआईडीसी की 4, व्यापार कर की 2, केडीए की 3, केस्को और एनएचआई की 1-1 समस्या है । आईआईए, पीआईए, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी मौजूद रहे।