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Kanpur News: जीपीएफ घोटाले में पूर्व प्रधानाचार्य को दो, तीन कर्मियों को तीन साल की कैद

Sat, 27 Dec 2025 01:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Sat, 27 Dec 2025 01:59 AM IST
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Former principal gets two years' imprisonment, three employees three years' imprisonment in GPF scam
कानपुर देहात। ग्राम्य विकास इंटर काॅलेज बुधौली में वर्ष 2009 में 37 लाख के जीपीएफ घोटाला में बुधवार को स्पेशल जज सीबीआई भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट लखनऊ ने फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी ठहराते हुए तत्कालीन प्रधानाचार्य को दो साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रधान लिपिक, सहायक लिपिक व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। चारों पर एक लाख सत्तर हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बुधौली कॉलेज में जीपीएफ घोटाला काफी चर्चा में रहा। मामला जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय तक पहुंचा तो इसमें एक साल तक विभागीय जांच पड़ताल चलती रही। इसके बाद वर्ष 2010 में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच की थी।
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सीबीआई के अभियोजन अधिकारी आशीष कुमार सक्सेना के मुताबिक सीबीआई ने इस मामले में तत्कालीन प्रधानाचार्य आरके कटियार, सहायक लिपिक अनंत प्रताप सिंह, वरिष्ठ लिपिक विनय कुमार शर्मा, चतुर्थश्रेणी कर्मी सुरेंद्र सिंह, डीआईओएस कार्यालय के तत्कालीन लेखाधिकारी शिवशरण तिवारी, डीआईओएस के लिपिक हरिनारायण गोस्वामी, अनिरुद्ध के अलावा प्रवक्ता रामतीर्थ कटियार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी।
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सुनवाई के दौरान रामतीर्थ कटियार की मृत्यु हो गई। इस मामले में 42 गवाह अदालत में पेश किए गए। अदालत ने आरोप पत्र के हर बिंदुओं पर बारीकी से जांच की।
तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को सीबीआई कोर्ट ने धोखाधड़ी की धारा में प्रधानाचार्य को दो साल की सजा 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही विनय कुमार शर्मा, अनंत प्रताप सिंह, सुरेंद्र को धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में तीन-तीन साल की सजा व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अदालत ने तत्कालीन लेखाधिकारी शिवशरण तिवारी, लिपिक हरिनारायण गोस्वामी, अनिरुद्ध को बरी किया है।
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