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अब निकाहनामा का प्रारूप उर्दू के साथ हिंदी और अंग्रेजी में भी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:54 PM IST
सार
- वर-वधू तीन तलाक न देने और लेने की शपथ लेंगे
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
अॉल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल और अॉल इंडिया मुस्लिम ख्वातीन बोर्ड की ओर से जारी मॉडल निकाहनामा का प्रारूप उर्दू के साथ हिंदी और अंग्रेजी में भी होगा। सुन्नी समुदाय के लिए बने निकाहनामा में ऐसा पहली बार हो रहा है।
अभी तक निकाहनामा उर्दू में ही होता रहा है। शिया समुदाय ने सबसे पहले निकाहनामा का प्रारूप अंग्रेजी में भी जारी किया था। इसके साथ ही काउंसिल के निकाहनामा के एक प्रावधान को दुरुस्त किया गया है।
इसमें वर तीन तलाक न देने और वधू तीन तलाक न लेने की भी शपथ लेंगे और अगर गुस्से में तीन तलाक मुंह से निकलता है तो उसे एक तलाक माना जाएगा।
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अभी तक निकाहनामा उर्दू में ही होता रहा है। शिया समुदाय ने सबसे पहले निकाहनामा का प्रारूप अंग्रेजी में भी जारी किया था। इसके साथ ही काउंसिल के निकाहनामा के एक प्रावधान को दुरुस्त किया गया है।
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इसमें वर तीन तलाक न देने और वधू तीन तलाक न लेने की भी शपथ लेंगे और अगर गुस्से में तीन तलाक मुंह से निकलता है तो उसे एक तलाक माना जाएगा।
प्रतीकात्मक तस्वीर
अॉल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी हाजी मोहम्मद सलीम, शिया महिला शहर काजी डॉ. हिना जहीर और सुन्नी महिला शहर काजी मारिया अफजल ने बताया कि उर्दू में निकाहनामा होने पर पासपोर्ट बनवाने में दिक्कत आती है।
दूतावास में उर्दू के प्रारूप को अंग्रेजी में करने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा खाड़ी देश के कुछ दूतावास इसे अरबी में करने के लिए कहते हैं। अगर प्रारूप अंग्रेजी में रहेगा तो सभी समझ लेंगे।
इसके साथ ही राष्ट्रभाषा में भी प्रारूप रहेगा। काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी हाजी सलीम ने बताया कि अगर कोई शादी का रजिस्ट्रेशन कराता है तो उसका नंबर भी प्रारूप में डाला जाएगा।
दूतावास में उर्दू के प्रारूप को अंग्रेजी में करने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा खाड़ी देश के कुछ दूतावास इसे अरबी में करने के लिए कहते हैं। अगर प्रारूप अंग्रेजी में रहेगा तो सभी समझ लेंगे।
इसके साथ ही राष्ट्रभाषा में भी प्रारूप रहेगा। काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी हाजी सलीम ने बताया कि अगर कोई शादी का रजिस्ट्रेशन कराता है तो उसका नंबर भी प्रारूप में डाला जाएगा।