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पिटाई से जख्मी भालू के मुंह से लगातार आ रहा खून, जान बचाने में जुटा वन विभाग
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 04 Apr 2017 02:49 PM IST
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चिड़ियाघर में बंद घायल भालू
- फोटो : संजय लाेचन पांडेय, अमर उजाला कानपुर
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कानपुर देहात में रविवार रात पकड़े गए भालू की ग्रामीणों की पिटाई से हालत बिगड़ गई है। चिड़ियाघर अस्पताल में भालू ने दिनभर कुछ नहीं खाया। भालू के मुंह से खून आ रहा है। डॉक्टरों की एक टीम भालू की देखरेख में 24 घंटे लगा दी गई है।
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के कंधिया गांव में रविवार सुबह काला भालू भटककर आ गया था। वन विभाग की टीम ने दस घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भालू को पकड़ा और उसे चिड़ियाघर लाई। जू निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने भालू की पिटाई करने के साथ ही उसका मुंह भी रस्सी से बांध दिया था। जिससे भालू की हालत बिगड़ गई है।
भालू की देखरेख में लगे वन्य जीव चिकित्सक डॉ. नासिर ने बताया कि सोमवार को भालू ने दिनभर कुछ नहीं खाया। पानी के साथ दवा मिलाकर रखी गई थी, उसे भी भालू ने नहीं पिया है। भालू के बलगम से खून आ रहा है। जिससे अंदरूनी जख्म होने की आशंका है।
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डॉक्टर ने गर्मी देखते हुए भालू को खुद नहलाया भी लेकिन फिर भी उसकी हालत जस की तस बनी रही। डॉ. नासिर ने बताया कि अब उसे इंजेक्शन के सहारे दवा दी जाएगी। इलाज के बाद जब भालू पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा तो उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के कंधिया गांव में रविवार सुबह काला भालू भटककर आ गया था। वन विभाग की टीम ने दस घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भालू को पकड़ा और उसे चिड़ियाघर लाई। जू निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने भालू की पिटाई करने के साथ ही उसका मुंह भी रस्सी से बांध दिया था। जिससे भालू की हालत बिगड़ गई है।
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भालू की देखरेख में लगे वन्य जीव चिकित्सक डॉ. नासिर ने बताया कि सोमवार को भालू ने दिनभर कुछ नहीं खाया। पानी के साथ दवा मिलाकर रखी गई थी, उसे भी भालू ने नहीं पिया है। भालू के बलगम से खून आ रहा है। जिससे अंदरूनी जख्म होने की आशंका है।
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डॉक्टर ने गर्मी देखते हुए भालू को खुद नहलाया भी लेकिन फिर भी उसकी हालत जस की तस बनी रही। डॉ. नासिर ने बताया कि अब उसे इंजेक्शन के सहारे दवा दी जाएगी। इलाज के बाद जब भालू पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा तो उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।