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फोरेंसिक टीम ने कानपुर रेल हादसा स्थल से जुटाए सबूत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 20 Jan 2017 11:39 PM IST
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सबूत जुटाती फोरेन्सिक टीम
- फोटो : अमर उजाला
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पुखरायां ट्रेन दुर्घटना में आतंकी साजिश का खुलासा होने के बाद शुक्रवार को विधि-विज्ञान प्रयोगशाला की विशेषज्ञ टीम घटनास्थल पर गहनता से जांच की। क्षतिग्रस्त कोचों के कुछ हिस्सों की वीडियोग्राफी और फोटो भी कराई गई। कोच बी-2 की बैट्री जली हुई मिली। पटरियों के टूटे हिस्से को भी देखा। जांच के संबंध में कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। हालांकि, विस्फोटक जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई।
20 नवंबर की सुबह पुखरायां से कानपुर की ओर करीब 500 मीटर चलने पर इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें 14 कोच पटरी से उतर गए थे। हादसे में 153 लोगों की मौत हुई थी और करीब 200 लोग जख्मी हुए थे। रेलवे मुख्य संरक्षा आयुक्त पीके आचार्य के निर्देशन में जांच जारी है। बुधवार को ट्रेन हादसे के तार आतंकी हमले से जुड़े होने की सूचना पर शुक्रवार को पहुंचे विधिविज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञ मुकेश शर्मा, श्याम सुंदर सिंह और कानपुर जोन इंचार्ज पीके श्रीवास्तव ने जांच-पड़ताल की। दुर्घटना में क्षतिग्रस्त कोच एस-वन और एस-टू के अलग हुए हिस्सों और मलबे को जांचा और कुछ खास फोटो भी कराए। चिह्नित की गई क्षतिग्रस्त पटरी का कोना टूटा मिला। दुर्घटना के बाद निकाल कर रखी गई पटरियों को देखा, जो जर्जर थीं और चाबी कसे जाने वाला हिस्सा भी कमजोर था। वहीं कोच बी-टू के नीचे लगी बैट्री पूरी तरह जली हुई मिली, जिससे शॉर्ट होने का अनुमान लगाया गया। मौके पर विस्फोटक जैसी कोई चीज नहीं मिली। कोतवाल राधामोहन दुबे, चौकी इंचार्ज पुखरायां के अमरसिंह और आरपीएफ के केएस मीणा मौजूद रहे।
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20 नवंबर की सुबह पुखरायां से कानपुर की ओर करीब 500 मीटर चलने पर इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें 14 कोच पटरी से उतर गए थे। हादसे में 153 लोगों की मौत हुई थी और करीब 200 लोग जख्मी हुए थे। रेलवे मुख्य संरक्षा आयुक्त पीके आचार्य के निर्देशन में जांच जारी है। बुधवार को ट्रेन हादसे के तार आतंकी हमले से जुड़े होने की सूचना पर शुक्रवार को पहुंचे विधिविज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञ मुकेश शर्मा, श्याम सुंदर सिंह और कानपुर जोन इंचार्ज पीके श्रीवास्तव ने जांच-पड़ताल की। दुर्घटना में क्षतिग्रस्त कोच एस-वन और एस-टू के अलग हुए हिस्सों और मलबे को जांचा और कुछ खास फोटो भी कराए। चिह्नित की गई क्षतिग्रस्त पटरी का कोना टूटा मिला। दुर्घटना के बाद निकाल कर रखी गई पटरियों को देखा, जो जर्जर थीं और चाबी कसे जाने वाला हिस्सा भी कमजोर था। वहीं कोच बी-टू के नीचे लगी बैट्री पूरी तरह जली हुई मिली, जिससे शॉर्ट होने का अनुमान लगाया गया। मौके पर विस्फोटक जैसी कोई चीज नहीं मिली। कोतवाल राधामोहन दुबे, चौकी इंचार्ज पुखरायां के अमरसिंह और आरपीएफ के केएस मीणा मौजूद रहे।
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