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Kanpur News: मेडिकल कॉलेज में पहली बार ऑर्थोस्कोपी से हुई घुटने के लिगामेंट की सर्जरी
Sun, 04 Oct 2026 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 04 Oct 2026 12:33 AM IST
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कानपुर देहात। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में शनिवार को चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और कदम जुड़ गया। कॉलेज में पहली बार घुटने के टूटे लिगामेंट की ऑर्थोस्कोपी विधि से सफल सर्जरी की गई। रवि (18) के बाएं घुटने में चोट लगने से लिगामेंट टूट गए थे। इसके चलते उसे चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी। सर्जरी के बाद मरीज को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है।
रवि चोट लगने के बाद उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचा था। जांच में उसके बाएं घुटने के लिगामेंट क्षतिग्रस्त पाए गए। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी। शनिवार को ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉ. रामकुमार गौतम, डॉ. पलास गुप्ता और डॉ. शाहिद लाहिरी ने रवि का ऑपरेशन किया। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. रेहाना ने संभाली। जबकि ओटी स्टाफ में मेघा, अरसल, अभिनव और शिवांग ने सहयोग किया। डॉ. रामकुमार गौतम ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की हालत स्थिर है।
प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में यह पहली लिगामेंट सर्जरी है। ऑर्थोस्कोपी विधि से हुई इस सर्जरी को ऑर्थोपेडिक विभाग की सेवाओं के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। इससे घुटने के लिगामेंट संबंधी समस्या वाले मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने की सुविधा बढ़ी है। गंभीर मामलों को छोड़कर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों पर जाने की जरूरत में कमी आएगी।
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रवि चोट लगने के बाद उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचा था। जांच में उसके बाएं घुटने के लिगामेंट क्षतिग्रस्त पाए गए। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी। शनिवार को ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉ. रामकुमार गौतम, डॉ. पलास गुप्ता और डॉ. शाहिद लाहिरी ने रवि का ऑपरेशन किया। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. रेहाना ने संभाली। जबकि ओटी स्टाफ में मेघा, अरसल, अभिनव और शिवांग ने सहयोग किया। डॉ. रामकुमार गौतम ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की हालत स्थिर है।
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प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में यह पहली लिगामेंट सर्जरी है। ऑर्थोस्कोपी विधि से हुई इस सर्जरी को ऑर्थोपेडिक विभाग की सेवाओं के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। इससे घुटने के लिगामेंट संबंधी समस्या वाले मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने की सुविधा बढ़ी है। गंभीर मामलों को छोड़कर मरीजों को इलाज के लिए दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों पर जाने की जरूरत में कमी आएगी।
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