{"_id":"66844329ea6b6e50db007339","slug":"for-the-first-time-in-kanpur-sgst-action-was-taken-against-a-builder-2024-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: शहर में पहली बार किसी बिल्डर के यहां एसजीएसटी की कार्रवाई, एक करोड़ से ज्यादा जमा कराए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: शहर में पहली बार किसी बिल्डर के यहां एसजीएसटी की कार्रवाई, एक करोड़ से ज्यादा जमा कराए
Tue, 02 Jul 2024 11:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 02 Jul 2024 11:43 PM IST
सार
बिल्डर के ठिकानों पर एसजीएसटी ने छापा मारा। ग्रेसलैंड बिल्डर एंड डेवलपर के सिविल लाइंस स्थित मुख्यालय और बर्रा स्थित प्रोजेक्टों पर कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कर चोरी की आशंका में एसजीएसटी एसआईबी की टीमों ने शहर के ग्रेसलैंड बिल्डर एंड डेवलपर अनूप कुमार सिंह के सिविल लाइंस स्थित मुख्यालय और बर्रा स्थित प्रोजेक्टों पर छापा मारा। बड़े पैमाने पर कर चोरी के साक्ष्य मिले हैं। वहीं देर रात तक चली जांच के बाद बिल्डर ने एक करोड़ तीन लाख रुपये जमा कराए हैं। टीमों ने बड़े पैमाने पर दस्तावेज भी जब्त किए हैं। शहर में पहला मौका है जब एसजीएसटी ने किसी बिल्डर पर कार्रवाई की है।
संयुक्त आयुक्त एसआईबी शिविका सिंह के निर्देश पर उपायुक्त एसआईबी सुषुमा सिंह, विवेक उपाध्याय, रामेंद्र रत्नाकर, विजय सिंह और कौशलेंद्र सिंह की टीमों ने एक साथ छापा मारा। दरअसल, गलत तरीके से आईटीसी लेने और टैक्स में गड़बड़ी मिलने के बाद कार्रवाई की गई। जांच में पता चला कि ग्राहकों से तो प्री बुकिंग में एडवांस भुगतान ले रहे थे, लेकिन पिछलों सालों में बेहद कम कर जमा कर रहे थे। इसके अलावा कर भुगतान भी अलग-अलग दरों पर कर रहे थे। आयकर विभाग, रेरा के पोर्टल पर लगातार निगरानी के बाद छापा मारा गया। बिल्डर दस्तावेज व वार्षिक रिटर्न तक नहीं दिखा पाए। बताया गया कि जांच टीमों ने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन से डाटा रिकवर किया है।
विज्ञापन
संयुक्त आयुक्त एसआईबी शिविका सिंह के निर्देश पर उपायुक्त एसआईबी सुषुमा सिंह, विवेक उपाध्याय, रामेंद्र रत्नाकर, विजय सिंह और कौशलेंद्र सिंह की टीमों ने एक साथ छापा मारा। दरअसल, गलत तरीके से आईटीसी लेने और टैक्स में गड़बड़ी मिलने के बाद कार्रवाई की गई। जांच में पता चला कि ग्राहकों से तो प्री बुकिंग में एडवांस भुगतान ले रहे थे, लेकिन पिछलों सालों में बेहद कम कर जमा कर रहे थे। इसके अलावा कर भुगतान भी अलग-अलग दरों पर कर रहे थे। आयकर विभाग, रेरा के पोर्टल पर लगातार निगरानी के बाद छापा मारा गया। बिल्डर दस्तावेज व वार्षिक रिटर्न तक नहीं दिखा पाए। बताया गया कि जांच टीमों ने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन से डाटा रिकवर किया है।
विज्ञापन