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हवाई यात्रा में ‘कोहरा नहीं बनेगा टेंशन’, यहां लग रहा हाईटेक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम

Wed, 20 Sep 2017 10:00 PM IST
सुरजीत तिवारी, अमर उजाला, कानपुर
सुरजीत तिवारी, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 20 Sep 2017 10:00 PM IST
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Fog will not make tension in air travel
तीन से चार महीने में सिस्टम लगा लिया जाएगा
इस बार कोहरे और खराब मौसम के कारण फ्लाइट पहले की तरह निरस्त नहीं होंगी। दरअसल, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट में आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) लगवाने का निर्णय लिया है। इसके लिए कंपनी को वर्क आर्डर जारी कर दिया गया है। चकेरी एयरपोर्ट के डायरेक्टर के मुताबिक तीन से चार महीने में सिस्टम लगा लिया जाएगा। इस सिस्टम के लगने से दृश्यता बढ़ जाएगी। इससे फ्लाइट कोहरे और खराब मौसम में भी आसानी से लैंड कर सकेगी।
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एयर उड़ीसा कंपनी से अनुबंध

Fog will not make tension in air travel
एक सप्ताह में निरीक्षण को आ सकती है टीम
केंद्र सरकार ने स्पाइसजेट और एयर उड़ीसा कंपनी से चकेरी एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू करने का अनुबंध किया है। वर्तमान में रन-वे पर कारपेटिंग बिछाने का काम चल रहा है। डायरेक्टर के मुताबिक नवंबर के पहले सप्ताह में यह काम पूरा हो सकता है। इसके बाद स्पाइसजेट दिल्ली के लिए दो और वाराणसी के लिए एक फ्लाइट शुरू कर सकती है। हालांकि एयर उड़ीसा ने अभी ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। एक सप्ताह में उसकी टीम निरीक्षण को आ सकती है। भविष्य में कोहरे और खराब मौसम में कम दृश्यता के कारण फ्लाइट निरस्त न हो, इस दिशा में भी आईएएआई ने काम शुरू कर दिया है। उम्मीद है कि चार महीने मेें यहां आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लग जाएगा। 
 
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ऐसे काम करता है सिस्टम

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ऐसे में यह सिस्टम मददगार साबित होगा
इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम रन-वे पर लगाया जाता है। यह एक तरह का सर्वर सिस्टम होता है। इससे निकलने वाले तरंगें फ्लाइट से कनेक्ट हो जाती हैं। इसकी मदद से कोहरे और खराब मौसम में भी तीन किलोमीटर (3000 मीटर) दूर तक का रन-वे पायलट देख सकेगा और आसानी से फ्लाइट को लैँड करा लेगा। फ्लाइट के लिए कम से कम 1500 मीटर की दृश्यता होनी चाहिए। दिसंबर, जनवरी में कोहरे के कारण दृश्यता इससे कम हो जाती है। ऐसे में यह सिस्टम मददगार साबित होगा।
 
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एयर इंडिया ने उठाया था खामियाजा

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फ्लाइट को लखनऊ के एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया था
चकेरी एयरपोर्ट पर आईएलएस लगा तो है लेकिन वह अत्याधुनिक तकनीकी से लैस नहीं है। इसका खामियाजा शहर की जनता के साथ एयर इंडिया को भी उठाना पड़ा था। 10 दिसंबर 2016 से 25 मई तक यहां से चली एयर इंडिया की फ्लाइट का समय कई बार कोहरे के कारण बदला गया। कई बार पर्याप्त दृश्यता न मिलने के कारण फ्लाइट को लखनऊ के एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया। कई फ्लाइट निरस्त भी हुईं। इसी का खामियाजा रहा कि धीरे-धीरे यात्री कम होने लगे और अंत में एयर इंडिया को अपनी सेवा बंद करनी पड़ी थी। 

एयरपोर्ट डायरेक्टर  जमील खालिक ने बताया कि चकेरी एयरपोर्ट पर चार महीने में आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम लग जाएगा। मुख्यालय स्तर से सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। इस सिस्टम के लगने से कोहरे और खराब मौसम में भी फ्लाइट आसानी से उतारी जा सकेगी। 
 
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