{"_id":"5f48efc88111361d833f759c","slug":"five-more-corona-patients-get-life-from-plasma-therapy","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्लाज्मा थेरेपी से पांच और कोरोना मरीजों को मिला जीवन, कोरोना विजेताओं ने दान किया प्लाज्मा, कुल संख्या हुई 57","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लाज्मा थेरेपी से पांच और कोरोना मरीजों को मिला जीवन, कोरोना विजेताओं ने दान किया प्लाज्मा, कुल संख्या हुई 57
Fri, 28 Aug 2020 05:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 28 Aug 2020 05:22 PM IST
विज्ञापन
प्लाज्मा थेरेपी
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना मरीजों के इलाज में प्लाज्मा थेरेपी कारगर साबित हो रही है। इससे पांच और मरीज स्वस्थ होकर अपने घर गए हैं। ये सभी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थे। जबकि बहुत से मरीजों में इस थेरेपी से सुधार नजर आ रहा है। इससे पहले हैलट में भर्ती तीन मरीज प्लाज्मा थेरेपी से स्वस्थ होकर अपने घर गए थे।
और छह मरीज गंभीर स्थिति से बाहर आए हैं। मरीज की तबीयत बिगड़ते ही प्लाज्मा थेरेपी मिल जाए तो उसकी स्थिति गंभीर नहीं होने पाती है। संक्रमण नियंत्रण में आने लगता है। उधर, गुरुवार को तीन और कोरोना विजेताओं ने हैलट के ब्लड बैंक में प्लाज्मा दान किया। साथ ही कोरोना से ठीक हुए लोगाें से दूसरे मरीजों की जान बचाने के लिए आगे आने की अपील की।
विज्ञापन
और छह मरीज गंभीर स्थिति से बाहर आए हैं। मरीज की तबीयत बिगड़ते ही प्लाज्मा थेरेपी मिल जाए तो उसकी स्थिति गंभीर नहीं होने पाती है। संक्रमण नियंत्रण में आने लगता है। उधर, गुरुवार को तीन और कोरोना विजेताओं ने हैलट के ब्लड बैंक में प्लाज्मा दान किया। साथ ही कोरोना से ठीक हुए लोगाें से दूसरे मरीजों की जान बचाने के लिए आगे आने की अपील की।
विज्ञापन
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग हैलट में भर्ती कोरोना मरीजों के अलावा निजी अस्पतालों के संक्रमितों को भी प्लाज्मा मुहैया करा रहा है। इनमें मुख्य रूप से रीजेंसी व एसपीएम अस्पताल शामिल हैं। रीजेंसी मेें 15 मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दी गई है। इनमें से पांच रोगी स्वस्थ होकर घर चले गए हैं।
जबकि आठ रोगियों की स्थिति सुधर रही है। कुछ आईसीयू से निकलकर एचडीयू और वार्ड में आ गए हैं। जबकि दो अति गंभीर मरीजों में इसका असर नहीं दिखा है। रीजेंसी के सीनियर चेस्ट फिजिशियन डॉ. राजीव कक्कड़ का कहना है कि इस थेरेपी के बाद मरीजों में सुधार आया है। वे ठीक हो रहे हैं।
हैलट के ब्लड बैंक में आनंदपुरी के शिव अग्रवाल, रंजीत नगर के गगनदीप और उन्नाव के हितेश शुक्ला ने प्लाज्मा दान किया। इसके साथ ही प्लाज्मा दान करने वालों की कुल संख्या 57 हो गई। प्लाज्मा दाताओं का कहना है कि ईश्वर ने सेवा का मौका दिया है। ऐसे में दूसरे कोरोना विजेताओं को भी आगे आना चाहिए।
जबकि आठ रोगियों की स्थिति सुधर रही है। कुछ आईसीयू से निकलकर एचडीयू और वार्ड में आ गए हैं। जबकि दो अति गंभीर मरीजों में इसका असर नहीं दिखा है। रीजेंसी के सीनियर चेस्ट फिजिशियन डॉ. राजीव कक्कड़ का कहना है कि इस थेरेपी के बाद मरीजों में सुधार आया है। वे ठीक हो रहे हैं।
हैलट के ब्लड बैंक में आनंदपुरी के शिव अग्रवाल, रंजीत नगर के गगनदीप और उन्नाव के हितेश शुक्ला ने प्लाज्मा दान किया। इसके साथ ही प्लाज्मा दान करने वालों की कुल संख्या 57 हो गई। प्लाज्मा दाताओं का कहना है कि ईश्वर ने सेवा का मौका दिया है। ऐसे में दूसरे कोरोना विजेताओं को भी आगे आना चाहिए।