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कुदरत का कहर: सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड में बिजली गिरने से पांच की मौत, छह झुलसे
Sat, 11 Sep 2021 09:12 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 11 Sep 2021 09:12 PM IST
सार
पुजारी चंबल गिरी ने बताया कि पिछले महीने नदियों में आई बाढ़ की वजह से मंदिर का करीब 30 फुट से अधिक निचला हिस्सा बाढ़ में डूबने के कारण पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड के कई जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने से पांच की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। एक ऐतिहासिक मंदिर में दरार आ गई है। चित्रकूट जिले में शनिवार की दोपहर को तेज बारिश के साथ कई स्थानों पर बिजली गिरी, जिसमें राजापुर के बरद्वारा में खेत में मौजूद धर्मेंद्र प्रजापति, औदहा गांव के रामऔतार व भरतकूप के भसौंधा में बकरी चरा रहे कैलाश की मौत हो गई।
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वहीं, अलग-अलग स्थानों पर बिजली की चपेट में आने से जहरी पत्नी केशव, अंगनू, मइयादीन, रामसजीवन, झुलस गए हैं। साथ ही दो दर्जन गाय व बकरियां मरी हैं। कानपुर देहात जिले के सरवनखेड़ा ब्लॉक के रौगांव में शनिवार सुबह बिजली गिरने से खेत में चारा काट रहे किसान घसीटे (55) की मौत हो गई।
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वहीं झींझक ब्लॉक के तेजपुर में बकरी चराने गई सुंदरी देवी (15) पुत्री मलखान सिंह की भी बिजली गिरने से मौत हो गई। चपेट में आकर दो बकरियां भी मर गईं। सुंदरी बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़ी हो गई थी। उधर, इटावा जिले में यमुना-चंबल नदियों के संगम पर ग्राम भरेह स्थित ऐतिहासिक भारेश्वर मंदिर पर बारिश के साथ बिजली गिरने से बुर्ज क्षतिग्रस्त हो गया।
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पुजारी चंबल गिरी ने बताया कि पिछले महीने नदियों में आई बाढ़ की वजह से मंदिर का करीब 30 फुट से अधिक निचला हिस्सा बाढ़ में डूबने के कारण कुछ हिस्सा पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका है। भरेह के ग्राम प्रधान राघवेंद्र प्रताप सिंह सेंगर ने शासन-प्रशासन से मांग की ऐतिहासिक धरोहर आस्था के प्रतीक मंदिर का जीर्णोद्धार करवाएं जिससे ऐतिहासिक धरोहर नष्ट न हो सके।