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भड़काऊ भाषण देकर बुरे फंसे उलेमा काउसिंल के अध्यक्ष, दर्ज होगी एफआईआर

Fri, 10 Mar 2017 07:17 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 10 Mar 2017 07:17 PM IST
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fir against ulema council chairman inflammatory speeche
उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष आमिर आर मदनी
उलेमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आमिर रशादी मदनी बुरे फंस गए हैं। यूपी एडीजी ला एंड ऑर्डर दलजीत चौधरी ने एसएसपी कानपुर को उनके
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खिलाफ भड़काऊ भाषण देने व माहौल बिगाड़ने के संबंध में मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।
 


बता दें उलेमा काउंसिल अध्यक्ष ने मारे गए संदिग्ध आतंकी फैजुल्ला के घर पहुंचकर लोगों के बीच उकसाऊ व भड़काऊ भाषण दिया। न सिर्फ इतना बल्कि उन्होंने लखनऊ में हुई आतंकी मुठभेड़ को भी फर्जी एनकाउंटर करार दिया।
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मदनी ने कहा मुल्क में हिन्दू और मुसलमानों के बीच नफरत पैदा करने की साजिश चल रही है। लखनऊ में फैजुल्ला अपने आईकार्ड के साथ सजधज के नहीं मरेगा। वो हाथों में रिवाल्वर लिए मरा। क्या ये कोई फिल्म नहीं है जो यूपीएटीएस वाले दिखा रहे हैं।
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रशादी ने कहा कि मैं उनके घरवालों को तैयार कर रहा हूं। 
डीजीपी पूरे एपिसोड से बाहर क्यों हैं केवल एडीजे लॉ एंड ऑर्डर और सरकार ने मिलकर ये फर्जी एनकाउंटर कराया है। अखिलेश पर आरोप लगाया हमारे लड़के को बली का बकरा बनाया। हम लड़ेंगे। सबको लड़ायेंगे। हम उसके घर जाकर पैसे देंगे। भूखे नहीं मरने देंगे। हम सुप्रीमकोर्ट जाएंगे सभी पुलिसवालों के नार्को टेस्ट की मांग भी करेंगे।

रशादी ने ये भी कहा कि फैजुल्ला के पिता से फोन करके पुलिसवाले ये कहते हैं कि लड़के से कहो सरेन्डर करे लेकिन लड़के से बात ही नहीं कराई गई। किससे सरेन्डर करवा रहे हो। कभी एटीएस वाले कहते हैं कि तीन पासपोर्ट मिले तो दो पासपोर्ट होने की बात करते हैं। पहले बोला सैफुल्ला आईएस वाला है ‍फिर बोलते हैं आईएस वाला नहीं है इसका क्या मतलब है। एटीएस के लोग पहले भी ऐसे काम कर चुके हैं।

 

खालिद मुजाहिद को घर से उठाकर पकड़ा फिर आरडीएक्स के साथ दिखा दिया। पुलिसवाले अब मुसलमानों को प्रताड़ित नहीं कर सकेंगे। सैफुल्ला अगर अंदर था तो सैफुल्ला के भाई और पिता का नंबर पुलिस को कैसे मिला। अधिकारी फोन करके कह रहा है कि लड़के से कहो सरेन्डर कर दे। पूरा एनकाउंटर फर्जी है। पूरे एपिसोड से डीजीपी का आउट ऑफ रेन्ज होना और एडीजे लॉ एन्ड ऑर्डर का बार-बार बयान बदलना साजिश बता रहा है। जो आतंकवादी घर के अंदर बंद है उसके पास से बाप का नंबर कैसे मिला यही सबसे बड़ा सवाल है।



मकान के अंदर जितने हथियार मिले वो सब पुलिस के थे। फायरिंग फैजुल्ला नहीं कर रहा था खुद पुलिसवाले अंदर से कर रहे थे। आईएस का झंडा दिखाया गया वो भी पूरी तरह से साजिश का ही हिस्सा है। इस फर्जी एनकाउंटर से मुसलमानों को बर्बाद करने के लिए आरएसएस ने ये काम किया है। सपा संरक्षक मुलायम सिंह पर आरोप लगाते हुए रशादी ने कहा कि मुलायम ने अपनी हुकूमत में रामलला वाले मसले पर अपनी ताकत सबसे सामने दिखाने के लिए  7 लोगों को पकड़वाया था। वैसा ही काम उनके बेटे अखिलेश ने भी किया है। इस मामले को लेकर सुप्रीमकोर्ट जाएंगे।  आमिर रशादी सैफुल्ला के पिता सरताज से मिलने के बाद आतिफ और इमरान के घर भी गए।

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