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बेटे की गवाही पर पिता को हुई उम्रकैद, 11 साल पूर्व गला घोटकर की थी पत्नी की बेरहमी से हत्या
Tue, 03 Mar 2020 11:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 03 Mar 2020 11:04 PM IST
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कोर्ट ने सुनाया फैसला (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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इटावा में करीब 11 साल पहले शहर के उर्दू मोहल्ले में पत्नी की गला घोटकर हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में पांच साल के बेटे की गवाही को कोर्ट ने अहम माना है। बेटे ने कोर्ट में कहा कि उसने पिता को दुपट्टे से मां का गला घोटते देखा था।
राज्य सरकार की ओर से मामले के पैरवीकर्ता शासकीय अधिवक्ता दंड बलवीर सिंह राजपूत ने बताया कि शहर के सरायशेख तिकोनिया मोहल्ला निवासी इकराम हुसैन पुत्र अब्दुल लतीफ ने 7 अप्रैल 2009 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री शाहीन को उसके पति मुस्तकीम उर्फ छोटे पुत्र मोहसिन ने गला घोटकर मार दिया।
इकराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसने अपनी बेटी शाहीन की शादी वर्ष 1993 में शहर के ही मकसूदपुरा मोहल्ला में काली कबरें के पास रहने वाले मुस्तकीम के साथ की थी। बिजली मिस्त्री मुस्तकीम पत्नी व इकलौते बेटे के साथ उर्दू मोहल्ला में किराये के घर में रह रहा था। उसकी बेटी सिलाई कढ़ाई का काम करती थी। इससे उसने 5-6 हजार रुपये इकट्ठा कर लिए थे।
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राज्य सरकार की ओर से मामले के पैरवीकर्ता शासकीय अधिवक्ता दंड बलवीर सिंह राजपूत ने बताया कि शहर के सरायशेख तिकोनिया मोहल्ला निवासी इकराम हुसैन पुत्र अब्दुल लतीफ ने 7 अप्रैल 2009 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री शाहीन को उसके पति मुस्तकीम उर्फ छोटे पुत्र मोहसिन ने गला घोटकर मार दिया।
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इकराम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसने अपनी बेटी शाहीन की शादी वर्ष 1993 में शहर के ही मकसूदपुरा मोहल्ला में काली कबरें के पास रहने वाले मुस्तकीम के साथ की थी। बिजली मिस्त्री मुस्तकीम पत्नी व इकलौते बेटे के साथ उर्दू मोहल्ला में किराये के घर में रह रहा था। उसकी बेटी सिलाई कढ़ाई का काम करती थी। इससे उसने 5-6 हजार रुपये इकट्ठा कर लिए थे।
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घटना के सप्ताह भर पूर्व बेटी उसके पास आई थी। बेटी ने यह कहते हुए रुपये रख लेने को कहा था कि उसका पति रुपयों को छीन लेता है। हालांकि उसने इसलिए रुपये रखने से इनकार कर दिया था कि पति पत्नी के बीच का मामला है। वह दखल नहीं देना चाहता। करीब 20 दिन बाद मुस्तकीम उससे 20 हजार रुपये लेने आया और उसे बताया कि जमीन खरीदनी है।
उसने (इकराम) इतनी बड़ी रकम पास में होने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 7 अप्रैल 2009 को उसे खबर लगी कि उसकी बेटी को मुस्तकीम ने मार दिया है। वह बेटी के घर पहुंचा, जहां शाहीन की लाश चारपाई पर पड़ी मिली। उसकी रस्सी आदि किसी चीज से गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि शाहीन व उसके पति के बीच रुपयों को लेकर दिन में झगड़ा हुआ था।
उसने (इकराम) इतनी बड़ी रकम पास में होने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 7 अप्रैल 2009 को उसे खबर लगी कि उसकी बेटी को मुस्तकीम ने मार दिया है। वह बेटी के घर पहुंचा, जहां शाहीन की लाश चारपाई पर पड़ी मिली। उसकी रस्सी आदि किसी चीज से गला घोटकर हत्या कर दी गई थी। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि शाहीन व उसके पति के बीच रुपयों को लेकर दिन में झगड़ा हुआ था।
कोतवाली पुलिस ने मुस्तकीम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। सरकारी वकील बलवीर ने बताया कि इस मामले में मृतका के पिता, उसके भाई और पांच साल के बेटे की गवाही कराई गई। कोर्ट ने धारा 311 में मृतका के बेटे का तलब कराकर उसके बयान सुने थे। जिसे कोर्ट ने सबसे अहम माना है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो की न्यायाधीश रेनू सिंह ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त मुस्तकीम को हत्या करने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी मुस्तकीम को दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया।
मृतका ने अपनी मर्जी से किया था निकाह
सरकारी वकील ने बताया कि शाहीन ने मुस्तकीम से अपनी मर्जी से निकाह किया था। लेकिन मुस्तकीम अपनी पत्नी को शराब पीकर मारता पीटता था। शाहीन सिलाई कढ़ाई करके जो रुपये जमा करती थी। वह उससे छीन लेता था। इसी के चलते उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो की न्यायाधीश रेनू सिंह ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त मुस्तकीम को हत्या करने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी मुस्तकीम को दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया।
मृतका ने अपनी मर्जी से किया था निकाह
सरकारी वकील ने बताया कि शाहीन ने मुस्तकीम से अपनी मर्जी से निकाह किया था। लेकिन मुस्तकीम अपनी पत्नी को शराब पीकर मारता पीटता था। शाहीन सिलाई कढ़ाई करके जो रुपये जमा करती थी। वह उससे छीन लेता था। इसी के चलते उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी।