Fatehpur Murder: चोरी के शक में बनाया बंधक…पिटाई से मौत, भाई बोला- भाड़ा लादने का झांसा देकर ले गए थे
Fatehpur News: मामले की जांच में सामने आया है कि रिक्शा चालक को चोरी के आरोप में पीटा गया है। पीटने के बाद उसके साथी रात को भाग निकले। पिटाई के बाद वहीं पड़े रहने से रिक्शा चालक को ठंड भी लग गई होगी, जिसकी वजह से मौत हो गई।
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फतेहपुर जिले में चोरी के शक में ई-रिक्शा चालक की बृहस्पतिवार भोर पिटाई से मौत हो गई। पुलिस ने बॉडी मेकर के दुकानदार समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। दुकान के गार्ड को हिरासत में लिया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के बिसौली निवासी घनश्याम सिंह (38) ई-रिक्शा चालक था। चालक के भाई रिंकू सिंह ने बताया कि घनश्याम अविवाहित थे। वह मां सत्यवती के साथ रहते थे। मां के मोबाइल पर रात करीब तीन बजे किसी ने भाड़े के लिए फोन किया। फोन के बाद घनश्याम घर से ई-रिक्शा लेकर निकले थे।
दुकान में जमीन पर पड़ा था घनश्याम
मां के पास सुबह करीब नौ बजे पुलिस का फोन आया। पुलिस ने उन्हें लखनऊ बाईपास रोड पर उधन्नापुर कोल्ड स्टोर के सामने धर्मेंद्र बॉडी मेकर की दुकान पर बुलाया। दुकान में घनश्याम जमीन पर पड़ा था। भाई ने बताया कि उसका पूरा शरीर पिटाई से काला पड़ा था। उसे बंधक बनाकर दुकान में कई घंटे पीटा गया था।
अस्पताल में करीब 10 मिनट इलाज के बाद हो गई मौत
हालत नाजुक देखकर भाई फौरन जिला अस्पताल ले गया। जिला अस्पताल में करीब 10 मिनट इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। मौत से पहले घनश्याम ने बताया कि उसे पीटने में पांच से छह लोग थे। इनमें बॉडी मेकर दुकानदार धर्मेंद्र, दुकान का चौकीदार शिवम दीक्षित व आशीष शुक्ला को वह पहचानता है।
पुलिस ने चौकीदार को पकड़ा
रिंकू ने बताया कि घनश्याम की बिना वजह पीटकर हत्या की गई है। सीओ सिटी सुशील दुबे ने बताया कि रिक्शा चालक को चोरी के आरोप में पीटा गया है। पीटने के बाद उसके साथी रात को भाग निकले। पिटाई के बाद वहीं पड़े रहने से रिक्शा चालक को ठंड भी लग गई होगी, जिसकी वजह से मौत हो गई। रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। चौकीदार को पकड़ा गया है।
भाई बोला- शातिरों के चक्कर में चली गई जान
शातिरों के चक्कर में ई रिक्शा चालक की हत्या हुई है। पुलिस की जांच में आया कि रिक्शा चालक को लेकर शातिर ट्रक बॉडी मेकर की दुकान गए थे। वहां ट्रक का रिम चोरी करते समय चौकीदार ने पकड़ा था। रिक्शा चालक फंस गया और शातिर भाग निकले। पहले भी कई बार मार्ग पर बॉडी मेकर, टायर, ऑटो पार्ट्स की दुकानों से चोरियां हो चुकी हैं।
एक्सीडेंट के बाद नहीं उठा पाता था वजन
सदर कोतवाली क्षेत्र के बिसौली गांव के घनश्याम सिंह का करीब 13 साल पहले एक्सीडेंट हुआ था। भाई रिंकू ने बताया कि एक्सीडेंट के बाद से घनश्याम कोई भी वजनी सामान नहीं उठा सकता था। इसी वजह से उसे परिवार ने मिलकर ई-रिक्शा दिलाया था। इससे वह अपना भरण पोषण करता था।
पेपर का भाड़ा लादने का झांसा देकर ले गए थे
इस हालत में वह कैसे चोरी कर सकता है। उसे शातिर भाड़े का झांसा देकर ले गए थे। अविवाहित होने की वजह से मां के साथ रहता था। उसके दो और भाई छोटू सिंह व लल्ला सिंह हैं। सभी अलग-अलग रहते हैं। मौके पर पहुंची पुलिस को पता लगा कि रिक्शा में चोर ट्रक का रिम लादने पहुंचे थे। रिक्शा चालक के पकड़े जाने के बाद काफी भीड़ हो गई। भीड़ की पिटाई से चालक की हालत गंभीर हो गई।
पिटाई के बाद अस्पताल पहुंचाते, तो बच जाती जान
रिक्शा चालक पिटाई के बाद कड़ाके की ठंड में भोर करीब चार बजे से नौ बजे तक बाॅडी मेकर के हाते में ही खुले आसमान के नीचे पड़ा रहा। करीब पांच घंटे ऐसी कड़ाके की ठंड में पड़े रहने से ठंडक लग सकती है। मारपीट के बाद भी उसे कोई भी व्यक्ति एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवा सकता था, लेकिन किसी ने प्रयास नहीं किया। करीब पांच घंटे तक वह ठंड से कराहता रहा। अगर सही समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।