{"_id":"6230a5c1e30a29441b79b1eb","slug":"fatehpur-20-60-lakhs-cheated-in-the-name-of-job","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहपुर: नौकरी का झांसा देकर 20.60 लाख ठगे, डीआईओएस कार्यालय के बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फतेहपुर: नौकरी का झांसा देकर 20.60 लाख ठगे, डीआईओएस कार्यालय के बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Tue, 15 Mar 2022 08:15 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 15 Mar 2022 08:15 PM IST
सार
जौनपुर के युवक से ठगी का मामला सामने आया है। उससे नौकरी लगवाने के नाम पर 20.60 लाख ठग लिए गए।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नौकरी लगवाने का झांसा देकर डीआईओएस कार्यालय के बाबू ने जौनपुर के युवक से 20.60 लाख रुपये ठग लिए। एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बाबू करीब 15 दिन से कार्यालय से लापता है।
जौनपुर के सुल्तानपुर निवासी अमित गिरि ने तहरीर में बताया कि डीआईओएस कार्यालय में तैनात बाबू सत्य प्रकाश वर्मा ने विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। नौकरी के एवज में डीआईओएस को देने के लिए 24 लाख 10 हजार रुपय मांगे थे।
अमित ने अप्रैल 2017 से जुलाई 2018 के बीच चार बार में शेषमारी गोस्वामी, मुकेश तिवारी और रामयज्ञ गिरि की मौजूदगी रुपये बाबू को दिए थे। काफी समय तक नौकरी नहीं लगी तो अमित ने बाबू से रुपये मांगे। बाबू ने 20 लाख 60 हजार रुपये की चेक शेषमारी, मुकेश और रामयज्ञ के नाम दे दी लेकिन चेक बाउंस हो गया।
विज्ञापन
दबाव बनाने पर बाबू ने तीन लाख 50 हजार रुपये नकद लौटा दिए। बकाया पैसे मांगने पर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। एसपी ने जांच सीओ बिंदकी को सौंपी। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि बाबू सत्यप्रकाश पर धोखाधड़ी, गबन और गाली-गलौज की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
जौनपुर के सुल्तानपुर निवासी अमित गिरि ने तहरीर में बताया कि डीआईओएस कार्यालय में तैनात बाबू सत्य प्रकाश वर्मा ने विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया था। नौकरी के एवज में डीआईओएस को देने के लिए 24 लाख 10 हजार रुपय मांगे थे।
विज्ञापन
अमित ने अप्रैल 2017 से जुलाई 2018 के बीच चार बार में शेषमारी गोस्वामी, मुकेश तिवारी और रामयज्ञ गिरि की मौजूदगी रुपये बाबू को दिए थे। काफी समय तक नौकरी नहीं लगी तो अमित ने बाबू से रुपये मांगे। बाबू ने 20 लाख 60 हजार रुपये की चेक शेषमारी, मुकेश और रामयज्ञ के नाम दे दी लेकिन चेक बाउंस हो गया।
विज्ञापन
दबाव बनाने पर बाबू ने तीन लाख 50 हजार रुपये नकद लौटा दिए। बकाया पैसे मांगने पर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। एसपी ने जांच सीओ बिंदकी को सौंपी। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि बाबू सत्यप्रकाश पर धोखाधड़ी, गबन और गाली-गलौज की रिपोर्ट दर्ज की गई है।