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किसान के बेटे ने IAS परीक्षा उत्तीर्ण कर किया नाम रोशन
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 09:16 AM IST
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कालीचरन को मिठाई खिलाती प्रधानाचार्या डा.रजिया सुल्तान
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के महोबा जिले के एक किसान के बेटे ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा पास कर अपने परिवार सहित हमीरपुर महोबा जनपद का नाम रोशन किया है। उसने मौदहा कस्बे में अपने बहनोई की देखरेख में पढ़ाई करते हुए यह स्थान प्राप्त किया है। उसके आईएएस बनने पर परिजनों सहित विद्यालय परिवार ने खुशी जताई है और घर पर बधाइयों का तांता लग गया है।
जनपद महोबा के चरखारी कस्बे के रामनगर मोहल्ला निवासी सुंदरलाल के पास करीब पांच एकड़ जमीन है। उसके होनहार पुत्र कालीचरन में पढ़ाई के प्रति रुचि को देखते बहन क्रांति के जेठ देवकुमार ने अपने पास मौदहा बुला लिया। जेठ रहमानियां इंटर कालेज में लैब सहायक के रूप में कार्यरत हैं। उन्हीं की देखरेख में इंटरमीडिएट की परीक्षा रहमानियां इंटर कॉलेज से पास की। उसके बाद डीएवी राजीव गांधी कॉलेज बांदा से वर्ष 2015 में स्नातक की परीक्षा पास की।
इसके बाद सिविल सर्विस की तैयारी के लिए झांसी में तीन माह की कोचिंग ली और पहले ही प्रयास में प्री परीक्षा 2016 में पास करने के साथ मुख्य परीक्षा में भी सफलता प्राप्त कर ली। बताया कि उसे यूपी कैडर में 1015वीं रैंक मिली है। उसकी सफलता पर पिता सुंदरलाल, मां कुंजन, बहन क्रांति, बहनोई देवकुमार तथा रहमानियां इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा.रजिया सुल्ताना व प्रबंधक सफी अहमद एड. ने खुशी जाहिर की है। कालीचरन ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता व बहनोई देवकुमार सहित पूरे विद्यालय परिवार को दिया है।
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नियमित पढ़ाई से पाया जा सकता मुकाम
भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले कालीचरन ने बताया कि वह नियमित 7-8 घंटे पढ़ाई करता रहा। आईएएस परीक्षा पास करने के लिए उसने झांसी के एक कोचिंग सेंटर में तीन माह की तैयारी की और पहले ही प्रयास में उसने प्री और मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की। कहा कि अगर नियमित पढ़ाई कर प्रयास किया जाए तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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जनपद महोबा के चरखारी कस्बे के रामनगर मोहल्ला निवासी सुंदरलाल के पास करीब पांच एकड़ जमीन है। उसके होनहार पुत्र कालीचरन में पढ़ाई के प्रति रुचि को देखते बहन क्रांति के जेठ देवकुमार ने अपने पास मौदहा बुला लिया। जेठ रहमानियां इंटर कालेज में लैब सहायक के रूप में कार्यरत हैं। उन्हीं की देखरेख में इंटरमीडिएट की परीक्षा रहमानियां इंटर कॉलेज से पास की। उसके बाद डीएवी राजीव गांधी कॉलेज बांदा से वर्ष 2015 में स्नातक की परीक्षा पास की।
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इसके बाद सिविल सर्विस की तैयारी के लिए झांसी में तीन माह की कोचिंग ली और पहले ही प्रयास में प्री परीक्षा 2016 में पास करने के साथ मुख्य परीक्षा में भी सफलता प्राप्त कर ली। बताया कि उसे यूपी कैडर में 1015वीं रैंक मिली है। उसकी सफलता पर पिता सुंदरलाल, मां कुंजन, बहन क्रांति, बहनोई देवकुमार तथा रहमानियां इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डा.रजिया सुल्ताना व प्रबंधक सफी अहमद एड. ने खुशी जाहिर की है। कालीचरन ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता व बहनोई देवकुमार सहित पूरे विद्यालय परिवार को दिया है।
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नियमित पढ़ाई से पाया जा सकता मुकाम
भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले कालीचरन ने बताया कि वह नियमित 7-8 घंटे पढ़ाई करता रहा। आईएएस परीक्षा पास करने के लिए उसने झांसी के एक कोचिंग सेंटर में तीन माह की तैयारी की और पहले ही प्रयास में उसने प्री और मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त की। कहा कि अगर नियमित पढ़ाई कर प्रयास किया जाए तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।