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Kanpur News: यूरिया खाद के लिए मारामारी, पीसीएफ केंद्र पर लाइन में लगे रहे किसान
Thu, 11 Dec 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 11 Dec 2025 12:26 AM IST
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मूसानगर। कस्बा स्थित पीसीएफ केंद्र पर बुधवार को यूरिया खाद के वितरण को लेकर मारामारी रही। एक ट्रक खाद पहुंचने की सूचना पर बड़ी संख्या में किसान केंद्र पर पहुंच गए। जिससे भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। देर शाम तक किसानों की लाइन लगी रही। जिसको टोकन नहीं मिला उसे खाद नहीं मिल सकी।
किसान रामकुमार, ओमकार, देवेंद्र, महेश और शिवचरण ने बताया कि इस समय खेतों में गेहूं की फसल को यूरिया खाद की जरूरत है। खेत में पानी भी लग गया है। यदि खाद नहीं मिली तो ओठ चली जाएगी। इसके बाद जब दुबारा सिंचाई होगी तभी खाद पड़ सकेगी। जिससे फसल की बढ़वार मारी जाएगी। उत्पादन भी कम हो जाएगा। अभी बोआई के समय डीएपी नहीं मिल रही थी अब यूरिया में भी मारामारी है। दुकानों में खाद महंगी मिल रही है। किसान जाए तो कहां जाए। बताया कि दो बोरी खाद दिनभर में मिलना मुश्किल हो रहा है। केंद्र प्रभारी रामकुमार ने बताया कि सभी के कागज जमा कर क्रमबद्ध तरीके से खाद वितरित की जा रही है। बुधवार को 350 सौ बोरी खाद वितरित की गई। गुरुवार को भी खाद बांटी जाएगी। जबकि गुरगांव समिति में खाद खतम हो गई।
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टाेकन नहीं ले पाने से खाद भी नहीं मिली
किसान शेरपुर गुढ़ा की सुशीला, महारानी, क्योटरा बांगर की राजरानी, निवेदिता और सुदामा देवी ने बताया कि समय पर कागज जमा न हो पाने और टोकन न मिलने की वजह से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा है।
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किसान रामकुमार, ओमकार, देवेंद्र, महेश और शिवचरण ने बताया कि इस समय खेतों में गेहूं की फसल को यूरिया खाद की जरूरत है। खेत में पानी भी लग गया है। यदि खाद नहीं मिली तो ओठ चली जाएगी। इसके बाद जब दुबारा सिंचाई होगी तभी खाद पड़ सकेगी। जिससे फसल की बढ़वार मारी जाएगी। उत्पादन भी कम हो जाएगा। अभी बोआई के समय डीएपी नहीं मिल रही थी अब यूरिया में भी मारामारी है। दुकानों में खाद महंगी मिल रही है। किसान जाए तो कहां जाए। बताया कि दो बोरी खाद दिनभर में मिलना मुश्किल हो रहा है। केंद्र प्रभारी रामकुमार ने बताया कि सभी के कागज जमा कर क्रमबद्ध तरीके से खाद वितरित की जा रही है। बुधवार को 350 सौ बोरी खाद वितरित की गई। गुरुवार को भी खाद बांटी जाएगी। जबकि गुरगांव समिति में खाद खतम हो गई।
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टाेकन नहीं ले पाने से खाद भी नहीं मिली
किसान शेरपुर गुढ़ा की सुशीला, महारानी, क्योटरा बांगर की राजरानी, निवेदिता और सुदामा देवी ने बताया कि समय पर कागज जमा न हो पाने और टोकन न मिलने की वजह से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा है।
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