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Kanpur News: सांड के हमले से घायल किसान की इलाज के दौरान मौत
Fri, 25 Sep 2026 01:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 25 Sep 2026 01:53 AM IST
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रसूलाबाद। थाना क्षेत्र के दशहरा गांव में 19 सितंबर की शाम को घर से दुकान जा रहे किसान पर सांड से हमला कर दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बृहस्पतिवार तड़के इलाज के दौरान कानपुर में उनकी मौत हो गई।
दशहरा निवासी जितेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पिता सुरेंद्र पाल सिंह बघेल (65) खेती किसानी का काम करते थे। 19 सितंबर की शाम चार बजे के करीब वह घर से पास की दुकान पर सामान लेने जा रहे थे। तभी रास्ते में उनके ऊपर गली में टहल रहे आवारा सांड ने हमला कर दिया। इससे वह गंभीर घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने सांड को भगाने के बाद घटना की जानकारी परिजन को दी।
मौके पर पहुंचे परिजन उनको ई-रिक्शा से रसूलाबाद सीएचसी ले गए। वहां डॉ. दिलदार हाशमी ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए हैलट कानपुर नगर रेफर कर दिया। कानपुर में इलाज के दौरान पिता की बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन दोपहर में शव दशहरा लेकर आए तो किसान की पत्नी रामप्यारी, बेटी संतोषी, सुषमा, सुलेखा, रेखा व परिजन बिलखने लगे।
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वहीं,घटना को लेकर गांव के अनिल, सरनाम, श्यामवीर, शिव बहादुर सिंह ने बताया कि शासन की ओर से अन्ना मवेशियों को संरक्षित करवाने के निर्देश हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते किसानों के खेतों से लेकर गांव की गलियों तक अन्ना मवेशियों टहलते रहते हैं। आए दिन मवेशी लोगों पर हमलावर हो जाते हैं। कई बार शिकायताें के बाद भी अन्ना मवेशी संरक्षित नहीं करवाए गए। रसूलाबाद तहसीलदार पवन उपाध्याय ने बताया कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलवाई जाएगी। वहीं अन्ना मवेशियों को संरक्षित करने के लिए बीडीओ को कहा गया है।
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दशहरा निवासी जितेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पिता सुरेंद्र पाल सिंह बघेल (65) खेती किसानी का काम करते थे। 19 सितंबर की शाम चार बजे के करीब वह घर से पास की दुकान पर सामान लेने जा रहे थे। तभी रास्ते में उनके ऊपर गली में टहल रहे आवारा सांड ने हमला कर दिया। इससे वह गंभीर घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने सांड को भगाने के बाद घटना की जानकारी परिजन को दी।
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मौके पर पहुंचे परिजन उनको ई-रिक्शा से रसूलाबाद सीएचसी ले गए। वहां डॉ. दिलदार हाशमी ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए हैलट कानपुर नगर रेफर कर दिया। कानपुर में इलाज के दौरान पिता की बृहस्पतिवार सुबह करीब चार बजे मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन दोपहर में शव दशहरा लेकर आए तो किसान की पत्नी रामप्यारी, बेटी संतोषी, सुषमा, सुलेखा, रेखा व परिजन बिलखने लगे।
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वहीं,घटना को लेकर गांव के अनिल, सरनाम, श्यामवीर, शिव बहादुर सिंह ने बताया कि शासन की ओर से अन्ना मवेशियों को संरक्षित करवाने के निर्देश हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते किसानों के खेतों से लेकर गांव की गलियों तक अन्ना मवेशियों टहलते रहते हैं। आए दिन मवेशी लोगों पर हमलावर हो जाते हैं। कई बार शिकायताें के बाद भी अन्ना मवेशी संरक्षित नहीं करवाए गए। रसूलाबाद तहसीलदार पवन उपाध्याय ने बताया कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलवाई जाएगी। वहीं अन्ना मवेशियों को संरक्षित करने के लिए बीडीओ को कहा गया है।