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फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर बैंकवालों ने डकारे लाखों, ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 25 Sep 2018 09:45 PM IST
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उन्नाव के सफीपुर में ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की शाखा में पूर्व में तैनात रहे बैंक अधिकारियों ने चार साल में 74 फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर 46 लाख निकाल लिए। लाखों का घोटाला विभागीय जांच में पकड़ा गया है। क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देश पर शाखा प्रबंधक ने नौ बैंक अधिकारियों और 74 किसानों पर गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
सफीपुर कस्बा स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में वर्ष 2008 से 2012 के बीच तैनात रहे शाखा प्रबंधकों ने 74 फर्जी किसानों के नाम केसीसी कार्ड जारी कर 46 लाख रुपये पार कर दिए। इस दौरान एक के बाद एक शाखा प्रबंधक स्थानांतरित होकर दूसरे जिले चले गए। लाखों का घोटाला बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ की ऑडिट टीम ने पकड़ा। बैंक ने अपने स्तर से जांच कराई तो पाया कि अधिकांश क्रेडिट कार्डों में ओवरराइटिंग है। इसके बाद टीम ने क्रेडिट कार्ड पर दर्ज किसानों के नाम पते के आधार पर स्थलीय सत्यापन किया। सत्यापन में एक भी किसान टीम को नहीं मिला। ऑडिट टीम ने क्षेत्रीय कार्यालय और चेयरमैन को अपनी रिपोर्ट भेजी। विभागीय जांच में लाखों का घपला सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शाखा प्रबंधक आशुतोष शुक्ला ने सफीपुर कोतवाली में 83 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपियों में 9 बैंक अधिकारी और 74 किसानों के नाम हैं। सफीपुर कोतवाली राघवन कुमार ने बताया कि बैंक के शाखा प्रबंधक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी व अन्य कार्रवाई की जाएगी।
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सफीपुर कस्बा स्थित ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में वर्ष 2008 से 2012 के बीच तैनात रहे शाखा प्रबंधकों ने 74 फर्जी किसानों के नाम केसीसी कार्ड जारी कर 46 लाख रुपये पार कर दिए। इस दौरान एक के बाद एक शाखा प्रबंधक स्थानांतरित होकर दूसरे जिले चले गए। लाखों का घोटाला बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ की ऑडिट टीम ने पकड़ा। बैंक ने अपने स्तर से जांच कराई तो पाया कि अधिकांश क्रेडिट कार्डों में ओवरराइटिंग है। इसके बाद टीम ने क्रेडिट कार्ड पर दर्ज किसानों के नाम पते के आधार पर स्थलीय सत्यापन किया। सत्यापन में एक भी किसान टीम को नहीं मिला। ऑडिट टीम ने क्षेत्रीय कार्यालय और चेयरमैन को अपनी रिपोर्ट भेजी। विभागीय जांच में लाखों का घपला सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर शाखा प्रबंधक आशुतोष शुक्ला ने सफीपुर कोतवाली में 83 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपियों में 9 बैंक अधिकारी और 74 किसानों के नाम हैं। सफीपुर कोतवाली राघवन कुमार ने बताया कि बैंक के शाखा प्रबंधक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी व अन्य कार्रवाई की जाएगी।
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इन पर हैं गबन के आरोप
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एक अगस्त 2008 से 28 जुलाई 2010 तक प्रबंधक आरके तिवारी के कार्यकाल में 14 फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए। 29 अक्तूबर 2010 को चार्ज संभालने वाले संतोष त्रिपाठी के हस्ताक्षर से 13 फर्जी कार्ड बने। वह 25 मई 2011 को स्थानांतरण होकर दूसरे जनपद चले गए। 27 मई 2011 को चार्ज संभालने वाले विजय कुमार 25 अगस्त 2015 तक प्रबंधक पद पर तैनात रहे। इस दौरान 47 फर्जी कार्ड जारी किए गए। बैंक प्रबंधकों के अलावा बैंक कर्मी विजय मिश्रा, केएल कुशवाहा, जयकरन सिंह, आर यादव, पंकज शंखवार, शैलेंद्र कुमार पर गबन के आरोप लगे हैं। बता दें कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक आरके तिवारी 30 अप्रैल 2012 को सेवानिवृत हो गए। इसके अलावा बीती 30 जून को संतोष त्रिपाठी व विजय कुमार भी सेवानिवृत हो चुके हैं।