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Exclusive: पांडु नदी में जा रहा गंदा पानी, सीवेज पंपिंग स्टेशनों का काम पूरा न होने पर ठेकेदार पर 54 लाख का जुर्माना
Mon, 06 Jun 2022 10:05 AM IST
शिखा पांडेय
मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर
मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 06 Jun 2022 10:05 AM IST
सार
कानपुर में पनकी में सीवर लाइन बिछाने, सीवेज पंपिंग स्टेशनों का काम भी पूरा न होने पर पांडु नदी में गंदा पानी जा रहा है। एनएमसीजी के निदेशक ने निरीक्षण कर जुलाई तक काम पूरा न होने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।
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निरीक्षण करती टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में पनका सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण अधूरा रहने पर ठेकेदार कंपनी कानपुर रिवर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (केआरएमपीएल) पर 53.92 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। सीवर लाइन, सीवेज पंपिंग स्टेशनों का निर्माण भी तय समय पर पूरा न होने से पनकी क्षेत्र का गंदा पानी सीधे पांडु नदी में जा रहा है।
रविवार को एनएमसीजी के डायरेक्टर जनरल ने इस प्लांट का निरीक्षण कर नाराजगी जताई और कंपनी को जुलाई तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। इस डेडलाइन पर भी काम पूरा न होने पर दोगुना जुर्माना लगाने के साथ ही कंपनी को काली सूची में डालने की चेतावनी दी।
नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने एसजीपीजी (सापूर जी पॉलोन जी) को उन्नाव तक के एसटीपी के पांच साल तक रखरखाव एवं संचालन, पांडु नदी के किनारे पनका गांव में तीन करोड़ लीटर प्रतिदिन क्षमता का एसटीपी, पनकी क्षेत्र का सीवेज पहुंचाने के लिए 16 किलोमीटर सीवर लाइन, एसटीपी के पास इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन आदि का 1550 करोड़ का ठेका पौने दो साल पहले दिया था।
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रविवार को एनएमसीजी के डायरेक्टर जनरल ने इस प्लांट का निरीक्षण कर नाराजगी जताई और कंपनी को जुलाई तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। इस डेडलाइन पर भी काम पूरा न होने पर दोगुना जुर्माना लगाने के साथ ही कंपनी को काली सूची में डालने की चेतावनी दी।
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नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने एसजीपीजी (सापूर जी पॉलोन जी) को उन्नाव तक के एसटीपी के पांच साल तक रखरखाव एवं संचालन, पांडु नदी के किनारे पनका गांव में तीन करोड़ लीटर प्रतिदिन क्षमता का एसटीपी, पनकी क्षेत्र का सीवेज पहुंचाने के लिए 16 किलोमीटर सीवर लाइन, एसटीपी के पास इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन आदि का 1550 करोड़ का ठेका पौने दो साल पहले दिया था।
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एसजीपीजी ने इस काम के लिए केआरएमपीएल नाम से नई कंपनी बनाई। कंपनी ने सभी एसटीपी का संचालन शुरू करने के साथ ही एसटीपी का निर्माण शुरू किया। निर्माण पूरा करने की अवधि 25 अक्तूबर 2021 थी। कोरोना की वजह से छह महीने का अतिरिक्त समय दिया गया, पर नई डेडलाइन पर भी कंपनी काम पूरा नहीं कर पाई।
घटिया कार्य, वह भी अधूरा
केआरएमपीएल का न सिर्फ काम सुस्त है, बल्कि घटिया कार्य कराया जा रहा है। बेस बनाकर गहरी सीवर लाइन बिछाना तो दूर ज्यादातर जगह दो पाइप जोड़ते समय रबड़ रिंग भी नहीं पहुंचाई जा रही है। एसटीपी का निर्माण लगभग 90 प्रतिशत हो गया है। सीवर लाइन 13 किलोमीटर बिछ पाई है। आईपीएस और आईसीआई सीवेज पंपिंग स्टेशन का सिविल वर्क चल रहा है। सुंदर नगर सीवेज पंपिंग स्टेशन का काम सबसे पिछड़ा है। पांडु नदी में गिर रहे नालों की टैपिंग नहीं हो पाई है। इस वजह से नालों से रोज करीब दो से सवा दो करोड़ लीटर गंदा पानी पांडु नदी में जा रहा है।
घटिया कार्य, वह भी अधूरा
केआरएमपीएल का न सिर्फ काम सुस्त है, बल्कि घटिया कार्य कराया जा रहा है। बेस बनाकर गहरी सीवर लाइन बिछाना तो दूर ज्यादातर जगह दो पाइप जोड़ते समय रबड़ रिंग भी नहीं पहुंचाई जा रही है। एसटीपी का निर्माण लगभग 90 प्रतिशत हो गया है। सीवर लाइन 13 किलोमीटर बिछ पाई है। आईपीएस और आईसीआई सीवेज पंपिंग स्टेशन का सिविल वर्क चल रहा है। सुंदर नगर सीवेज पंपिंग स्टेशन का काम सबसे पिछड़ा है। पांडु नदी में गिर रहे नालों की टैपिंग नहीं हो पाई है। इस वजह से नालों से रोज करीब दो से सवा दो करोड़ लीटर गंदा पानी पांडु नदी में जा रहा है।
कंपनी पर लगा 53.23 लाख जुर्माना
जल निगम के मुख्य अभियंता आररके शर्मा ने दूसरी डेडलाइन में भी कार्य पूरा न होने पर केआरएमपीएल पर एक हफ्ते पहले 53,93,077 रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं जाजमऊ एसटीपी से गंदा पानी गंगा में बहाने पर भी इस कंपनी पर जल निगम 17 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगा चुकी है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी जुर्माना लगाया था। एनएमसीजी के डायरेक्टर जनरल जी अशोक कुमार ने रविवार को जल निगम के अफसरों के साथ पनका एसटीपी का निरीक्षण किया। केआरएमपीएल के दिल्ली से आए वरिष्ठ अधिकारी प्रकाश चंद्र शुक्ला और कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मानवेंद्र ने बताया कि एसटीपी का कार्य 90 प्रतिशत हो गया है। सिविल वर्क लगभग पूरा है। डीजी ने चेतावनी दी कि जुलाई तक काम पूरा कर लें। बाद में उन्होंने पौधरोपण भी किया। निरीक्षण में जल निगम के मुख्य अभियंता आरके शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर ज्ञानेंद्र चौधरी आदि शामिल थे।
जल निगम के मुख्य अभियंता आररके शर्मा ने दूसरी डेडलाइन में भी कार्य पूरा न होने पर केआरएमपीएल पर एक हफ्ते पहले 53,93,077 रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं जाजमऊ एसटीपी से गंदा पानी गंगा में बहाने पर भी इस कंपनी पर जल निगम 17 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगा चुकी है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी जुर्माना लगाया था। एनएमसीजी के डायरेक्टर जनरल जी अशोक कुमार ने रविवार को जल निगम के अफसरों के साथ पनका एसटीपी का निरीक्षण किया। केआरएमपीएल के दिल्ली से आए वरिष्ठ अधिकारी प्रकाश चंद्र शुक्ला और कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर मानवेंद्र ने बताया कि एसटीपी का कार्य 90 प्रतिशत हो गया है। सिविल वर्क लगभग पूरा है। डीजी ने चेतावनी दी कि जुलाई तक काम पूरा कर लें। बाद में उन्होंने पौधरोपण भी किया। निरीक्षण में जल निगम के मुख्य अभियंता आरके शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर ज्ञानेंद्र चौधरी आदि शामिल थे।