Vikas Dubey: 10 करोड़ की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय ने की जब्त, वादी इंस्पेक्टर के हाजिर ने होने से सुनवाई टली
ईडी ने विकास दुबे की 10.12 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। इसमें विकास दुबे, उसके रिश्तेदारों और सहयोगियों, जयकांत वाजपेयी के रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर दर्ज कुल 28 संपत्तियां शामिल हैं। वहीं, वादी इंस्पेक्टर के कोर्ट में हाजिर न होने से बिकरू कांड की सुनवाई टल गई है।
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प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत विकास दुबे की 10.12 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की है। कानपुर और लखनऊ में विकास दुबे, उसके रिश्तेदारों और उसके सहयोगियों, जयकांत वाजपेयी के रिश्तेदारों और उसके सहयोगियों के नाम पर दर्ज कुल 28 संपत्तियों को ज़ब्त किया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि यह संपत्तियां आपराधिक गतिविधियों द्वारा अर्जित की गई थी। विकास दुबे और उनके सहयोगी विभिन्न प्रकार के अपराधों जैसे संगठित अपराध, भू माफिया, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) आदि के लिए धन के गबन आदि में शामिल थे।
प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी व्यक्तियों के बयान दर्ज किए थे और उनके आईटीआर तथा बैंक खातों की जांच की थी। तथ्य, सबूत और रिकॉर्ड के आधार पर विकास दुबे व उसके करीबियों को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में शामिल पाया गया। इस मामले में अधिकांश आरोपी जेल में हैं। उनके बयान जेल में दर्ज किए गए।
कोर्ट में हाजिर नहीं हुए वादी इंस्पेक्टर, सुनवाई टली
वहीं, बिकरू कांड के आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मामला दर्ज कराने वाले इंस्पेक्टर अदालत में हाजिर नहीं हुए। इसलिए मामले की सुनवाई टल गई। अगली तारीख सात नवंबर तय की है। दो जुलाई 2020 को हुए बिकरू कांड के बाद पुलिस व एसटीएफ ने विकास दुबे समेत छह आरोपियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।
जेल भेजे गए 30 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पांच गैंगस्टर बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही है। मामले में वादी इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन राय से बचाव पक्ष की जिरह चल रही है।
विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने बताया कि मंगलवार को वादी इंस्पेक्टर अस्वस्थ होने के कारण अदालत में हाजिर नहीं हो सके। इस कारण सुनवाई टल गई है। अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी। इस दौरान आरोपी अखिलेश दीक्षित व जय बाजपेई अदालत में उपस्थित रहे। अन्य आरोपियों को तलब नहीं किया गया।