{"_id":"5f74bd538ebc3e9bc61cabda","slug":"dreaded-history-sheeter-ramdas-was-included-in-the-top-10-criminals","type":"story","status":"publish","title_hn":"खूंखार हिस्ट्रीशीटर रामदास टॉप-10 अपराधियों में हुआ शामिल, व्यापारी और उसके बेटे का अपहरण कर की थी हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खूंखार हिस्ट्रीशीटर रामदास टॉप-10 अपराधियों में हुआ शामिल, व्यापारी और उसके बेटे का अपहरण कर की थी हत्या
Wed, 30 Sep 2020 10:47 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 30 Sep 2020 10:47 PM IST
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कानपुर में जमीनों पर कब्जा करने वाला ग्राम प्रधान रामदास खूंखार अपराधी है। अपहरण कर व्यापारी और उसके मासूम बेटे को मार चुका है। वहीं गांव में भी दो लोगों की हत्या कर दी थी। दोहरे हत्याकांड के चश्मदीद अपने ड्राइवर को भी उसने मौत के घाट उतार दिया था।
यही वजह है कि गांव में उसकी दहशत है। उसके सामने हर कोई नतमस्तक रहता है। बाकी राजनीतिक संरक्षण से वो कानून को भी ताक पर रखता है। कार्नलगंज सीओ दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि रामदास पर 22 से अधिक केस दर्ज हैं।
इसमें एक केस छिबरामऊ कन्नौज का है। जिसमें उसने एक व्यापारी और उसके बेटे का अपहरण कर फिरौती मांगी थी। फिरौती न मिलने पर दोनों पिता-पुत्र को मार दिया। वहीं अपने गांव में दो लोगों की हत्या की।
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वारदात को उसके ड्राइवर ने देख लिया था। इसलिए तुरंत उसको भी मार दिया था। कुलमिलाकर उस पर हत्या के तीन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा रंगदारी, हत्या के प्रयास, लूट आदि के केस दर्ज हैं। उन्नाव के गंगाघाट में अपहरण कर हत्या को अंजाम दिया था।
पुलिस की शह पर रामदास बना खूंखार
रामदास को भी पुलिस की खूब शह मिली। यही वजह है कि अभी तक वो टॉप-10 अपराधियों की सूची तक में नहीं था। यही हाल विकास दुबे को लेकर भी था। उसको भी पुलिस अपराधी नहीं मानती थी। रामदास पर दो दर्जन केस होने के बाद भी पुलिस उसको शरीफ मान रही थी। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने उसको शीर्ष अपराधियों की सूची में शामिल किया है। सीओ कर्नलगंज दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि पहले रामदास टॉप-10 में नहीं था। कुछ दिन पहले ही उसको सूची में शामिल किया गया है। जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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यही वजह है कि गांव में उसकी दहशत है। उसके सामने हर कोई नतमस्तक रहता है। बाकी राजनीतिक संरक्षण से वो कानून को भी ताक पर रखता है। कार्नलगंज सीओ दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि रामदास पर 22 से अधिक केस दर्ज हैं।
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इसमें एक केस छिबरामऊ कन्नौज का है। जिसमें उसने एक व्यापारी और उसके बेटे का अपहरण कर फिरौती मांगी थी। फिरौती न मिलने पर दोनों पिता-पुत्र को मार दिया। वहीं अपने गांव में दो लोगों की हत्या की।
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वारदात को उसके ड्राइवर ने देख लिया था। इसलिए तुरंत उसको भी मार दिया था। कुलमिलाकर उस पर हत्या के तीन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा रंगदारी, हत्या के प्रयास, लूट आदि के केस दर्ज हैं। उन्नाव के गंगाघाट में अपहरण कर हत्या को अंजाम दिया था।
पुलिस की शह पर रामदास बना खूंखार
रामदास को भी पुलिस की खूब शह मिली। यही वजह है कि अभी तक वो टॉप-10 अपराधियों की सूची तक में नहीं था। यही हाल विकास दुबे को लेकर भी था। उसको भी पुलिस अपराधी नहीं मानती थी। रामदास पर दो दर्जन केस होने के बाद भी पुलिस उसको शरीफ मान रही थी। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने उसको शीर्ष अपराधियों की सूची में शामिल किया है। सीओ कर्नलगंज दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि पहले रामदास टॉप-10 में नहीं था। कुछ दिन पहले ही उसको सूची में शामिल किया गया है। जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।