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Kanpur News: बारिश से उफनाए नाले, जलभराव बना आफत
Thu, 27 Aug 2026 02:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 27 Aug 2026 02:07 AM IST
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कानपुर देहात। जनपद में 24 घंटे में 21.83 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस मानसून सीजन में दूसरी बार इतनी बारिश हुई है। झमाझम बारिश से नाले उफना गए। हालात ये हुए कि कई जगह सड़कें तालाब बन गई। राहगीरों को गंदे पानी से होकर आवाजाही करनी पड़ी। इधर यह बारिश खरीफ सीजन में धान की फसल के लिए फायदेमंद है। वहीं, बारिश से तिल व बाजरा की फसल को नुकसान है।
मौसम वैज्ञानिकों ने मध्यम बारिश की संभावना जताई थी। मंगलवार रात में ही आसमान में घने बादल छा गए। देर रात बारिश शुरू हुई तो रुक-रुक कर लगातार होती रही। बुधवार सुबह भी झमाझम बारिश हुई। ग्रामीण क्षेत्र में कच्चे रास्तों पर कीचड़ हो गया। वहीं नगरीय क्षेत्र में जल निकासी की पोल खुल गई। नाला ओवरफ्लो हो गए तो सड़कें जलमग्न नजर आईं। रनियां में नगर पंचायत कार्यालय मार्ग पर जलभराव हो गया।
इसी प्रकार रूरा में झमाझम बारिश के बाद नगर के बिजली उपकेंद्र परिसर, गांधीनगर व स्टेशन मार्ग पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। पुखरायां में नगर पालिका रोड पर बाईपास तक कई जगह नाला ओवरफ्लो होने से जलभराव हो गया। दुकानों के सामने तालाब सा नजारा रहा। इससे दुकानदार परेशान रहे। इधर जलभराव से होकर राहगीर व वाहन सवार निकले। अकबरपुर में भी बीआरसी परिसर, नबीपुर व नमस्ते चौराहा पर जलभराव रहा। मैथा व शिवली क्षेत्र में भी झमाझम बारिश हुई तो नाले ओवरफ्लो हो गए।
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अंबरपुर के किसान गोरेलाल, संतोष व बनीपारा के वीरेंद्र और सुनील ने बताया कि बारिश से धान की फसल को फायदा है। गहराई वाले खेत में पानी भरने से तिल व बाजरा की फसल खराब होने की आशंका है। अकबरपुर तहसील क्षेत्र में 35 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में 23 मिमी व मैथा तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक 47 मिमी बारिश हुई। सिकंदरा तहसील क्षेत्र में 15 मिमी, रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में सात मिमी और डेरापुर तहसील क्षेत्र में सबसे कम चार मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में औसत बारिश 21.83 मिमी रही। यह इस मानसून सीजन में तीन अगस्त को हुई औसत 25.33 मिमी बारिश से थोड़ी कम रही।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने बताया कि बारिश से धान की फसलों को फायदा है। तिल व बाजरा की फसल के लिए अधिक पानी से नुकसान की आशंका रहती है। खेत में पानी भरा होने पर किसान पानी निकाल दे। यदि पानी भरा रहा तो पौधों की जड़ें सड़ने से फसल नुकसान तय है। इधर सीएसए के कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्र ने बताया कि आगामी पांच दिनों में मध्यम से घने बादल छाए रहने के आसार है। स्थानीय स्तर पर गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
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बिजली गिरने से श्रमिक झुलसा, दो जगह घर गिरे
फोटो- 37 बिजली गिरने से झुलसे सुधीर। स्रोत ग्रामीण
फोटो- 38 मुरलीपुर में चारपाई पर पड़ा गिरी दीवार का मलबा । संवाद
फोटो-39 मुरलीपुर में दीवार ढहने से मलबे की चपेट मेंं आकर घायल का सीएचसी में हालचाल लेते तहसीलदार। संवाद
फोटो -40 मलबे में दबी गृहस्थी का सामान देखता मजदूर। संवाद
बिजली गिरने से श्रमिक झुलसा, दो जगह घर गिरे
मुरलीपुर में मलबे में दबकर एक किसान घायल, भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात/डेरापुर। मुंगीसापुर में बुधवार को मकान की तीसरी मंजिल पर काम कर रहा श्रमिक बिजली गिरने से झुलस गया। जमीन पर आकर गिरने से गंभीर श्रमिक का हैलट में उपचार हो रहा है। इधर रसूलाबाद के मुरलीपुर व सिकंदरा के राजपुर में घर गिरी की घटनाएं हुई। मलबे में दबकर गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। जबकि एक किसान घायल हो गया।
दो दिन से हो रही बारिश से घर गिरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। मुंगीसापुर निवासी मकान मालिक संजय गुप्ता ने बताया कि तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। लिफ्टर मशीन लगी थी। ओडेरी निवासी सुधीर कुमार (28) बिजली गिरने से चपेट में आ गए। वह जमीन पर गिरकर घायल हो गए। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां से हैलट रेफर कर दिया गया। इधर बिजली गिरने से संजय गुप्ता व कई पड़ोसियों के घरों में लगे इन्वर्टर, पंखे व अन्य बिजली के उपकरण फुंक गए। डेरापुर थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। प्रथम दृष्टया घटना बिजली गिरने से घटना होने की बात सामने आ रही है।
इधर, बारिश के दौरान मंगलवार रात रसूलाबाद ब्लॉक के सिमरामऊ के मजरा मुरलीपुर में झोपड़ी की दीवार ढह गई। मलबे में दबकर भोला दिवाकर घायल हो गए। सौरभ दिवाकर ने बताया कि पिता भोला दिवाकर, मां बसंती देवी और वह झोपड़ी में लेटे थे। बारिश के दौरान ईंटों की दीवार भरभरा गई। घायल पिता को सीएचसी रसूलाबाद में भर्ती कराया है। मलबे में दबकर गृहस्थी का सामान व अनाज बर्बाद हो गया। तहसीलदार संतोष सिंह ने बताया कि नियमानुसार आर्थिक मदद दी जाएगी।
वहीं, राजपुर के अशोक नगर में बुधवार को बारिश के दौरान शैलेंद्र अवस्थी के कच्चे घर की छत ढह गई। मलबे में दबकर गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई। शैलेंद्र की पत्नी मोहिनी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे पति मजदूरी करने गए थे। वह बच्चों के लिए खाना बना रही थी। तभी बारिश के दौरान कच्ची छत ढह गई। लेखपाल रविंद्र शुक्ला ने नुकसान का आकलन किया। एसडीएम सिकंदरा ऊषा सिंह ने बताया कि लेखपाल की रिपोर्ट की जांच कराकर मदद दी जाएगी।
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मौसम वैज्ञानिकों ने मध्यम बारिश की संभावना जताई थी। मंगलवार रात में ही आसमान में घने बादल छा गए। देर रात बारिश शुरू हुई तो रुक-रुक कर लगातार होती रही। बुधवार सुबह भी झमाझम बारिश हुई। ग्रामीण क्षेत्र में कच्चे रास्तों पर कीचड़ हो गया। वहीं नगरीय क्षेत्र में जल निकासी की पोल खुल गई। नाला ओवरफ्लो हो गए तो सड़कें जलमग्न नजर आईं। रनियां में नगर पंचायत कार्यालय मार्ग पर जलभराव हो गया।
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इसी प्रकार रूरा में झमाझम बारिश के बाद नगर के बिजली उपकेंद्र परिसर, गांधीनगर व स्टेशन मार्ग पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। पुखरायां में नगर पालिका रोड पर बाईपास तक कई जगह नाला ओवरफ्लो होने से जलभराव हो गया। दुकानों के सामने तालाब सा नजारा रहा। इससे दुकानदार परेशान रहे। इधर जलभराव से होकर राहगीर व वाहन सवार निकले। अकबरपुर में भी बीआरसी परिसर, नबीपुर व नमस्ते चौराहा पर जलभराव रहा। मैथा व शिवली क्षेत्र में भी झमाझम बारिश हुई तो नाले ओवरफ्लो हो गए।
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अंबरपुर के किसान गोरेलाल, संतोष व बनीपारा के वीरेंद्र और सुनील ने बताया कि बारिश से धान की फसल को फायदा है। गहराई वाले खेत में पानी भरने से तिल व बाजरा की फसल खराब होने की आशंका है। अकबरपुर तहसील क्षेत्र में 35 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में 23 मिमी व मैथा तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक 47 मिमी बारिश हुई। सिकंदरा तहसील क्षेत्र में 15 मिमी, रसूलाबाद तहसील क्षेत्र में सात मिमी और डेरापुर तहसील क्षेत्र में सबसे कम चार मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले में औसत बारिश 21.83 मिमी रही। यह इस मानसून सीजन में तीन अगस्त को हुई औसत 25.33 मिमी बारिश से थोड़ी कम रही।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर खलील खान ने बताया कि बारिश से धान की फसलों को फायदा है। तिल व बाजरा की फसल के लिए अधिक पानी से नुकसान की आशंका रहती है। खेत में पानी भरा होने पर किसान पानी निकाल दे। यदि पानी भरा रहा तो पौधों की जड़ें सड़ने से फसल नुकसान तय है। इधर सीएसए के कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्र ने बताया कि आगामी पांच दिनों में मध्यम से घने बादल छाए रहने के आसार है। स्थानीय स्तर पर गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
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बिजली गिरने से श्रमिक झुलसा, दो जगह घर गिरे
फोटो- 37 बिजली गिरने से झुलसे सुधीर। स्रोत ग्रामीण
फोटो- 38 मुरलीपुर में चारपाई पर पड़ा गिरी दीवार का मलबा । संवाद
फोटो-39 मुरलीपुर में दीवार ढहने से मलबे की चपेट मेंं आकर घायल का सीएचसी में हालचाल लेते तहसीलदार। संवाद
फोटो -40 मलबे में दबी गृहस्थी का सामान देखता मजदूर। संवाद
बिजली गिरने से श्रमिक झुलसा, दो जगह घर गिरे
मुरलीपुर में मलबे में दबकर एक किसान घायल, भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात/डेरापुर। मुंगीसापुर में बुधवार को मकान की तीसरी मंजिल पर काम कर रहा श्रमिक बिजली गिरने से झुलस गया। जमीन पर आकर गिरने से गंभीर श्रमिक का हैलट में उपचार हो रहा है। इधर रसूलाबाद के मुरलीपुर व सिकंदरा के राजपुर में घर गिरी की घटनाएं हुई। मलबे में दबकर गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। जबकि एक किसान घायल हो गया।
दो दिन से हो रही बारिश से घर गिरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। मुंगीसापुर निवासी मकान मालिक संजय गुप्ता ने बताया कि तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। लिफ्टर मशीन लगी थी। ओडेरी निवासी सुधीर कुमार (28) बिजली गिरने से चपेट में आ गए। वह जमीन पर गिरकर घायल हो गए। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां से हैलट रेफर कर दिया गया। इधर बिजली गिरने से संजय गुप्ता व कई पड़ोसियों के घरों में लगे इन्वर्टर, पंखे व अन्य बिजली के उपकरण फुंक गए। डेरापुर थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। प्रथम दृष्टया घटना बिजली गिरने से घटना होने की बात सामने आ रही है।
इधर, बारिश के दौरान मंगलवार रात रसूलाबाद ब्लॉक के सिमरामऊ के मजरा मुरलीपुर में झोपड़ी की दीवार ढह गई। मलबे में दबकर भोला दिवाकर घायल हो गए। सौरभ दिवाकर ने बताया कि पिता भोला दिवाकर, मां बसंती देवी और वह झोपड़ी में लेटे थे। बारिश के दौरान ईंटों की दीवार भरभरा गई। घायल पिता को सीएचसी रसूलाबाद में भर्ती कराया है। मलबे में दबकर गृहस्थी का सामान व अनाज बर्बाद हो गया। तहसीलदार संतोष सिंह ने बताया कि नियमानुसार आर्थिक मदद दी जाएगी।
वहीं, राजपुर के अशोक नगर में बुधवार को बारिश के दौरान शैलेंद्र अवस्थी के कच्चे घर की छत ढह गई। मलबे में दबकर गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई। शैलेंद्र की पत्नी मोहिनी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे पति मजदूरी करने गए थे। वह बच्चों के लिए खाना बना रही थी। तभी बारिश के दौरान कच्ची छत ढह गई। लेखपाल रविंद्र शुक्ला ने नुकसान का आकलन किया। एसडीएम सिकंदरा ऊषा सिंह ने बताया कि लेखपाल की रिपोर्ट की जांच कराकर मदद दी जाएगी।