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फतेहपुर: बिजली गिरने से ढाई सौ साल पुराने जागेश्वर धाम मंदिर के गुंबद में आई दरार, अरघे का फर्श क्षतिग्रस्त
Sat, 18 Apr 2020 02:34 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 18 Apr 2020 02:34 PM IST
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बिजली गिरने से जागेश्वर धाम मंदिर के गुंबद में आई दरार
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर जिले में असोथर के जागेश्वर धाम मंदिर में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने से मंदिर का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना शनिवार सुबह लगभग साढ़े पांच बजे की है। बारिश बंद होने के बाद मंदिर पहुंचे ग्रामीण यह देख हतप्रभ रह गए।
बता दें कि जागेश्वर धाम मंदिर करीब ढाई सौ साल पुराना है। यह मंदिर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर असोथर गाजीपुर मार्ग पर झब्बापुर गांव के पास स्थित है। गोधरामऊ गांव के शिवपूजन चौरसिया ने कई दशक पहले मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। पुजारी रामेश्वर गोस्वामी ने बताया कि वह मंदिर के ही एक हिस्से में आराम कर रहे थे।
सुबह पहले बूंदाबांदी शुरू हुई। अचानक गरज-चमक के साथ तेज आवाज से वह सहम गए। बारिश रुकने के बाद जब देखा तो मंदिर में शिवलिंग के अरघा का फर्श व शीशा टूटा पड़ा था। मंदिर के गुंबद के पास पांच से छह फीट तक दरार आ गई है। मंदिर में तेरस की शिवरात्रि पर हर साल बड़ा मेला लगता है। यह मेला होली के दिन खत्म होता है।
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बता दें कि जागेश्वर धाम मंदिर करीब ढाई सौ साल पुराना है। यह मंदिर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर असोथर गाजीपुर मार्ग पर झब्बापुर गांव के पास स्थित है। गोधरामऊ गांव के शिवपूजन चौरसिया ने कई दशक पहले मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। पुजारी रामेश्वर गोस्वामी ने बताया कि वह मंदिर के ही एक हिस्से में आराम कर रहे थे।
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सुबह पहले बूंदाबांदी शुरू हुई। अचानक गरज-चमक के साथ तेज आवाज से वह सहम गए। बारिश रुकने के बाद जब देखा तो मंदिर में शिवलिंग के अरघा का फर्श व शीशा टूटा पड़ा था। मंदिर के गुंबद के पास पांच से छह फीट तक दरार आ गई है। मंदिर में तेरस की शिवरात्रि पर हर साल बड़ा मेला लगता है। यह मेला होली के दिन खत्म होता है।
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