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WOW: अब पता चलेगा गंगा में कितनी हैं डॉल्फिन
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 23 Oct 2016 04:12 PM IST
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डॉल्फिन (फाइल फोटो)
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कानपुर से फतेहपुर तक 175 किलोमीटर लंबी गंगा नदी में डॉल्फिन की गिनती का अभियान शनिवार से शुरू हो गया। राज्य वन विभाग और डब्लूडब्लूएफ इंडिया (वर्ल्डवाइड फंड फॉर नेचर) की संयुक्त टीम गंगा बैराज से निकली। सोमवार शाम को यह सर्वे पूरा होगा। रविवार को गणना पूरी होगी।
कानपुर मंडल के मुख्य वन संरक्षक केआर यादव और कानपुर जू निदेशक दीपक कुमार और डीएफओ एसएस श्रीवास्तव ने झंडी दिखाकर नदी में टीम को रवाना किया। मोटरबोट से रवाना हुई टीम शनिवार शाम को सरसौल के नजफगढ़ (बिपौसी) गांव तक गई। डॉल्फिन गणना पर वर्ष 2015 में प्रदेश की गंगा नदी में 1271 डॉल्फिन रिकॉर्ड की गई थीं।
डब्लूडब्लूएफ इंडिया के अभियान प्रभारी डॉ. सीताराम टैगोर के नेतृत्व में टीम रवाना हुई है। पौने दो सौ किलोमीटर के इस सर्वे में डॉल्फिन की संख्या सोमवार देर शाम तक पता चलेगी। पिछले दिनों गंगा पर बने बांध, बैराज और प्रदूषण से डॉल्फिन के जीवन पर बुरा असर पड़ा है।
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कानपुर मंडल के मुख्य वन संरक्षक केआर यादव और कानपुर जू निदेशक दीपक कुमार और डीएफओ एसएस श्रीवास्तव ने झंडी दिखाकर नदी में टीम को रवाना किया। मोटरबोट से रवाना हुई टीम शनिवार शाम को सरसौल के नजफगढ़ (बिपौसी) गांव तक गई। डॉल्फिन गणना पर वर्ष 2015 में प्रदेश की गंगा नदी में 1271 डॉल्फिन रिकॉर्ड की गई थीं।
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डब्लूडब्लूएफ इंडिया के अभियान प्रभारी डॉ. सीताराम टैगोर के नेतृत्व में टीम रवाना हुई है। पौने दो सौ किलोमीटर के इस सर्वे में डॉल्फिन की संख्या सोमवार देर शाम तक पता चलेगी। पिछले दिनों गंगा पर बने बांध, बैराज और प्रदूषण से डॉल्फिन के जीवन पर बुरा असर पड़ा है।
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