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Kanpur News: भोगनीपुर तहसील कोर्ट में सुनवाई के दौरान दो पक्षों में विवाद
Fri, 18 Sep 2026 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:12 AM IST
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पुखरायां। भोगनीपुर तहसीलदार कोर्ट में बृहस्पतिवार को भूमि संबंधी मामले में चल रही सुनवाई के बीच दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। एसडीएम के पहुंचने पर एक पक्षीय बात करने का आरोप लगाया जाने लगा। जिसमें बार एसोसिएशन अध्यक्ष से भी नोकझोख हो गई। एसडीएम के निर्देश पर दोनों पक्ष के तीन नामजद सहित कई अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
भोगनीपुर तहसील में जसवंत सिंह बनाम नहुष कुमार के बीच राजस्व संहिता के तहत तहसीलदार कोर्ट में सुनवाई चल रही है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष तहसील कोर्ट में मौजूद थे। जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। इस बीच वहां पहुंचे कुछ वकीलों ने मामला शांत करा दिया। इसके बाद सूचना मिलते ही एसडीएम देवेंद्र सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने कोर्ट में विवाद को लेकर विरोध किया।
इस पर वहां मौजूद एक पक्ष से जसवंत सिंह ने कहा कि जो लोग जगह-जगह अवैध कब्जे कर रहे हैं उनका पक्ष लिया जा रहा है। जबकि उन्होंने जमीन खरीदी है। उन पर आरोप लगाए जा रहे है वह लोकतंत्र सेनानी है। यह कहते हुए वह तहसील कोर्ट गेट पर ही बैठ गए। जिनको लोगों ने समझाकर हटाया। इसी बीच अधिवक्ता भी एसडीएम पर संलिप्तता का आरोप लगाने लगे। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि भूमि के चल रहे मामले में दो पक्षों के बीच तहसीलदार कोर्ट में विवाद हो गया। जानकारी मिलने पर गया था। दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई कराई गई है।
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इधर, तहसील के नायब नाजिर श्रीकांत ने थाना पुलिस को तहरीर दी। जिसमें बताया कि सिखमापुर निवासी वादी जसवंत सिंह उर्फ यशवंत सिंह और प्रतिवादी मालवीय नगर पुखरायां निवासी सत्यदेव मिश्रा व रामस्वरूप उर्फ मुन्नालाल सहित कई अज्ञात तहसील कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान आपस में उलझ गए। समझाने के दौरान गालीगलौज करते हुए शांतिभंग करने का प्रयास किया। थानाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह ने बताया कि नायब नाजिर की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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कार्रवाई होने तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे अधिवक्ता
फोटो- 47- तहसील में बैठक करते अधिवक्ता। संवाद
पुखरायां। विवाद संबंधी मामले में बार एसोसिएशन के महामंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अध्यक्ष धर्म सिंह का एक वाद न्यायालय तहसीलदार भोगनीपुर में विचाराधीन है। जिसकी पैरवी कर मुवक्किल के साथ वापस चेंबर में लौट रहे थे। इसी बीच एसडीएम देवेंद्र सिंह ने उनको रोका और अभद्रता कर धमकाने लगे। जिसके कारण बार एसोसिएशन अध्यक्ष की छवि धूमिल हुई है। जिससे सभी अधिवक्ता आहत हैं। जबकि अध्यक्ष धर्म सिंह ने भी बताया कि जो वकील नहीं है वह हमे ही कहने लगा कि यह वकील नहीं है। सामाजिक अपमान करने का प्रयास किया गया। बैठक में एसडीएम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तक शुक्रवार से न्यायिक कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि ऐसी जानकारी नही है। (संवाद)
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वादी ने डीएम को दिया धरने पर बैठने का पत्र
पुखरायां। यशवंत सिंह ने बताया कि वह लोकतंत्र सेनानी है। भूमि संबंधी मामले में तहसीलदार कोर्ट में बृहस्पतिवार को उपस्थित था। कोर्ट में विपक्षी पार्टी के नौ से 10 लोग पहले से ही मौजूद थे। इस मामले को राजस्व परिषद लखनऊ चार माह में निस्तारण किए जाने का निर्देश दे चुका है। जबकि विपक्षी गणों ने नगरपालिका की भूमि पर कब्जा कर रखा है। जिसका समर्थन किया जा रहा है। इसीलिए एसडीएम प्रार्थी के साथ अन्य को फसाने की धमकी दी है। जिससे क्षुब्ध होकर 18 सितंबर से तहसील परिसर में धरने पर बैठूंगा। जिसका प्रार्थनापत्र जिलाधिकारी को दिया है। (संवाद)
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भोगनीपुर तहसील में जसवंत सिंह बनाम नहुष कुमार के बीच राजस्व संहिता के तहत तहसीलदार कोर्ट में सुनवाई चल रही है। बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष तहसील कोर्ट में मौजूद थे। जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। इस बीच वहां पहुंचे कुछ वकीलों ने मामला शांत करा दिया। इसके बाद सूचना मिलते ही एसडीएम देवेंद्र सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने कोर्ट में विवाद को लेकर विरोध किया।
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इस पर वहां मौजूद एक पक्ष से जसवंत सिंह ने कहा कि जो लोग जगह-जगह अवैध कब्जे कर रहे हैं उनका पक्ष लिया जा रहा है। जबकि उन्होंने जमीन खरीदी है। उन पर आरोप लगाए जा रहे है वह लोकतंत्र सेनानी है। यह कहते हुए वह तहसील कोर्ट गेट पर ही बैठ गए। जिनको लोगों ने समझाकर हटाया। इसी बीच अधिवक्ता भी एसडीएम पर संलिप्तता का आरोप लगाने लगे। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि भूमि के चल रहे मामले में दो पक्षों के बीच तहसीलदार कोर्ट में विवाद हो गया। जानकारी मिलने पर गया था। दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई कराई गई है।
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इधर, तहसील के नायब नाजिर श्रीकांत ने थाना पुलिस को तहरीर दी। जिसमें बताया कि सिखमापुर निवासी वादी जसवंत सिंह उर्फ यशवंत सिंह और प्रतिवादी मालवीय नगर पुखरायां निवासी सत्यदेव मिश्रा व रामस्वरूप उर्फ मुन्नालाल सहित कई अज्ञात तहसील कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान आपस में उलझ गए। समझाने के दौरान गालीगलौज करते हुए शांतिभंग करने का प्रयास किया। थानाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह ने बताया कि नायब नाजिर की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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कार्रवाई होने तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे अधिवक्ता
फोटो- 47- तहसील में बैठक करते अधिवक्ता। संवाद
पुखरायां। विवाद संबंधी मामले में बार एसोसिएशन के महामंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अध्यक्ष धर्म सिंह का एक वाद न्यायालय तहसीलदार भोगनीपुर में विचाराधीन है। जिसकी पैरवी कर मुवक्किल के साथ वापस चेंबर में लौट रहे थे। इसी बीच एसडीएम देवेंद्र सिंह ने उनको रोका और अभद्रता कर धमकाने लगे। जिसके कारण बार एसोसिएशन अध्यक्ष की छवि धूमिल हुई है। जिससे सभी अधिवक्ता आहत हैं। जबकि अध्यक्ष धर्म सिंह ने भी बताया कि जो वकील नहीं है वह हमे ही कहने लगा कि यह वकील नहीं है। सामाजिक अपमान करने का प्रयास किया गया। बैठक में एसडीएम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तक शुक्रवार से न्यायिक कार्य के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि ऐसी जानकारी नही है। (संवाद)
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वादी ने डीएम को दिया धरने पर बैठने का पत्र
पुखरायां। यशवंत सिंह ने बताया कि वह लोकतंत्र सेनानी है। भूमि संबंधी मामले में तहसीलदार कोर्ट में बृहस्पतिवार को उपस्थित था। कोर्ट में विपक्षी पार्टी के नौ से 10 लोग पहले से ही मौजूद थे। इस मामले को राजस्व परिषद लखनऊ चार माह में निस्तारण किए जाने का निर्देश दे चुका है। जबकि विपक्षी गणों ने नगरपालिका की भूमि पर कब्जा कर रखा है। जिसका समर्थन किया जा रहा है। इसीलिए एसडीएम प्रार्थी के साथ अन्य को फसाने की धमकी दी है। जिससे क्षुब्ध होकर 18 सितंबर से तहसील परिसर में धरने पर बैठूंगा। जिसका प्रार्थनापत्र जिलाधिकारी को दिया है। (संवाद)