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एसएनके ग्रुप का निदेशक 17 साल पुराने केस में वॉन्टेड: प्रतिबंधित रॉक फास्फेट फैक्टरी को करता था सप्लाई
Fri, 03 Sep 2021 03:59 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 03 Sep 2021 03:59 PM IST
सार
एसएनके पान मसाला ग्रुप के निदेशक अविनाश मोदी प्रतिबंध के दौरान झांसी से फर्रुखाबाद की मदन मोहन फर्टिलाइजर फैक्टरी को रॉक फास्फेट सप्लाई किया करता था। इस मामले में फर्रुखाबाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई थी। शासन के आदेश पर ईओडब्ल्यू को जांच ट्रांसफर हुई थी।
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एसएनके पान मसाला कंपनी के मालिक और निदेशक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसएनके पान मसाला ग्रुप के निदेशक अविनाश मोदी 17 साल पुराने मुकदमे में वॉन्टेड है। ईओडब्लयू (आर्थिक अपराध शाखा) कानपुर यूनिट ने इस केस की जांच की थी। ईओडब्ल्यू उसको तलाश नहीं सकी थी। अब जब अविनाश मोदी को सेंट्रल जीएसटी ने गिरफ्तार किया तब ईओडब्ल्यू के अफसरों ने अपनी कार्रवाई शुरू की है। जल्द इस केस में ईओडब्ल्यू कोर्ट से आरोपी के खिलाफ बी वारंट जारी कर अपने केस में तलब कराएगी।
फर्रूखाबाद की एक फैक्टरी में थी सप्लाई
ईओडब्ल्यू एसपी बाबूराम के मुताबिक अविनाश मोदी अपनी फर्म के जरिये रॉक फास्फेट की सप्लाई करता था। सन् 2004 में फर्रुखाबाद कोतवाली में अविनाश मोदी, शरद, भूपेंद्र जैन और सतेंद्र जैन समेत पांच पर एक एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें आरोप था कि जब रॉक फास्फेट की सप्लाई करने में रोक लगी थी तब आरोपियों ने फर्रुखाबाद स्थित मदन मोहन मालवीय फर्टिलाइजर फैक्टरी को झांसी से सप्लाई की।
ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हुई थी जांच
संबंधित विभाग ने जब जांच की तो इसका खुलासा और साक्ष्य मिले। कुछ समय बाद ये जांच ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हुई थी। ईओडब्ल्यू ने तफ्तीश आगे बढ़ाई तो पता चला कि अविनाश मोदी का पता झांसी का है। वहां पर वह नहीं मिला। एक मकान था, जिसमें कोई सामान भी नहीं था। लिखापढ़ी में कुर्क हुई। आरोपी के खिलाफ वारंट जारी हुआ लेकिन उसके बारे में जानकारी नहीं जुटा सके। आखिर में ईओडब्ल्यू ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
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फर्रूखाबाद की एक फैक्टरी में थी सप्लाई
ईओडब्ल्यू एसपी बाबूराम के मुताबिक अविनाश मोदी अपनी फर्म के जरिये रॉक फास्फेट की सप्लाई करता था। सन् 2004 में फर्रुखाबाद कोतवाली में अविनाश मोदी, शरद, भूपेंद्र जैन और सतेंद्र जैन समेत पांच पर एक एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें आरोप था कि जब रॉक फास्फेट की सप्लाई करने में रोक लगी थी तब आरोपियों ने फर्रुखाबाद स्थित मदन मोहन मालवीय फर्टिलाइजर फैक्टरी को झांसी से सप्लाई की।
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ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हुई थी जांच
संबंधित विभाग ने जब जांच की तो इसका खुलासा और साक्ष्य मिले। कुछ समय बाद ये जांच ईओडब्ल्यू को ट्रांसफर हुई थी। ईओडब्ल्यू ने तफ्तीश आगे बढ़ाई तो पता चला कि अविनाश मोदी का पता झांसी का है। वहां पर वह नहीं मिला। एक मकान था, जिसमें कोई सामान भी नहीं था। लिखापढ़ी में कुर्क हुई। आरोपी के खिलाफ वारंट जारी हुआ लेकिन उसके बारे में जानकारी नहीं जुटा सके। आखिर में ईओडब्ल्यू ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
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काकादेव थाने में एसएनके पान मसाला कम्पनी के मालिक व निदेशक
- फोटो : अमर उजाला
अब ईओडब्ल्यू की रडार पर आया अविनाश
कुछ दिन पहले जब सेंट्रल जीएसटी की टीम ने एसएनके के मालिक नवीन कुरेले और निदेशक अविनाश मोदी को गिरफ्तार किया तब ईओडब्ल्यू को जानकारी हुई। एसपी ईओडब्ल्यू ने विवेचक को तलब कर केस डायरी मंगवाई। पूरी डिटेल निकालने के बाद तय किया जल्द से जल्द आरोपी अविनाश के खिलाफ बी वारंट जारी कराएं। ताकि उनके केस में वह तलब हो सके। एक टीम उसके पते की तस्दीक कर रही है।
इस तरह आरोपियों का पकड़ी गई थी करतूत
अफसरों ने बताया कि जो केस दर्ज किया गया था वह सब्सिडी घोटाले से संबंधित था। जांच में पता चला कि सब्सिडी फर्टिलाइजर कंपनी को मिली ही नहीं। मगर उसमें ये तथ्य आया कि प्रतिबंध के दौरान रॉक फास्फेट सप्लाई किया गया। तब केस दूसरी तरफ मुड़ा और अविनाश समेत अन्य लोग आरोपी बनाए गए।
कुछ दिन पहले जब सेंट्रल जीएसटी की टीम ने एसएनके के मालिक नवीन कुरेले और निदेशक अविनाश मोदी को गिरफ्तार किया तब ईओडब्ल्यू को जानकारी हुई। एसपी ईओडब्ल्यू ने विवेचक को तलब कर केस डायरी मंगवाई। पूरी डिटेल निकालने के बाद तय किया जल्द से जल्द आरोपी अविनाश के खिलाफ बी वारंट जारी कराएं। ताकि उनके केस में वह तलब हो सके। एक टीम उसके पते की तस्दीक कर रही है।
इस तरह आरोपियों का पकड़ी गई थी करतूत
अफसरों ने बताया कि जो केस दर्ज किया गया था वह सब्सिडी घोटाले से संबंधित था। जांच में पता चला कि सब्सिडी फर्टिलाइजर कंपनी को मिली ही नहीं। मगर उसमें ये तथ्य आया कि प्रतिबंध के दौरान रॉक फास्फेट सप्लाई किया गया। तब केस दूसरी तरफ मुड़ा और अविनाश समेत अन्य लोग आरोपी बनाए गए।