{"_id":"57f68a254f1c1b807f26f804","slug":"dial-100-launcing-delayed-by-renaming","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाम बदलने से टली डायल 100 की लॉन्चिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाम बदलने से टली डायल 100 की लॉन्चिंग
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 06 Oct 2016 11:00 PM IST
विज्ञापन
डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने डायल 100 का नाम बदलकर यूपी 100 कर दिया है। इस कारण इसकी लॉन्चिंग भी टल गई है। 20 अक्तूबर को होने वाली लॉन्चिंग अब नवंबर के पहले सप्ताह में हो सकती है।
पुलिसिंग को और बेहतर करने के लिए प्रदेश सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजना डायल 100 को सेंट्रलाइज्ड कर रिलॉन्चिंग की तैयारी में है। एक्शन जल्द हो, इसलिए इसका कंट्रोल रूम लखनऊ में बनाया जाएगा। चूंकि यह सेवा पूरे प्रदेश में होगी, इसलिए इसका नाम बदलकर अब यूपी 100 किया गया है। इसके चलते 700 इनोवा, 2500 बोलेरो और 1600 दोपहिया वाहनों पर डायल 100 की जगह यूपी 100 लिखा जा रहा है। इनमें 57 वाहन शहर पुलिस को मिलने हैं।
यूपी 100 के वाहनों के लिए पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग जारी है। हर वाहन पर एक हेडकांस्टेबल, एक कांस्टेबल और एक ड्राइवर (कांस्टेबल) तैनात रहेगा। पुलिसकर्मियों को तकनीक और व्यवहार बेहतर करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा एमबीटी (मोबाइल डाटा टर्मिनल) डिवाइस से वीडियो बनाने और उसे कंट्रोल रूम भेजने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिसिंग को और बेहतर करने के लिए प्रदेश सरकार अपनी महत्वाकांक्षी योजना डायल 100 को सेंट्रलाइज्ड कर रिलॉन्चिंग की तैयारी में है। एक्शन जल्द हो, इसलिए इसका कंट्रोल रूम लखनऊ में बनाया जाएगा। चूंकि यह सेवा पूरे प्रदेश में होगी, इसलिए इसका नाम बदलकर अब यूपी 100 किया गया है। इसके चलते 700 इनोवा, 2500 बोलेरो और 1600 दोपहिया वाहनों पर डायल 100 की जगह यूपी 100 लिखा जा रहा है। इनमें 57 वाहन शहर पुलिस को मिलने हैं।
विज्ञापन
यूपी 100 के वाहनों के लिए पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग जारी है। हर वाहन पर एक हेडकांस्टेबल, एक कांस्टेबल और एक ड्राइवर (कांस्टेबल) तैनात रहेगा। पुलिसकर्मियों को तकनीक और व्यवहार बेहतर करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा एमबीटी (मोबाइल डाटा टर्मिनल) डिवाइस से वीडियो बनाने और उसे कंट्रोल रूम भेजने की भी ट्रेनिंग दी जा रही है।
विज्ञापन