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चुपके से बनी ग्लू भट्ठियां ध्वस्त होंगी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:06 AM IST
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वाजिदपुर में चल रहीं ग्लू भट्ठियां
- फोटो : amarujala
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कानपुर। गंगा किनारे फिर से बनाई गईं ग्लू भट्ठियों को हटाने के लिए बुधवार को टीम बनाई गई। इससे पहले लखनऊ में आश्वासन समिति की बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय इकाई के अधिकारियों को ग्लू भट्ठियों को हटाने का आदेश दिया गया। बुधवार को इस संबंध में बोर्ड के अधिकारियों की टीम जिलाधिकारी से भी मिलेगी। जिससे भट्ठियां हटाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मुहैया हो सके। अमर उजाला ने गंगा के पास चल रही अवैध ग्लू फैक्ट्रियों का मुद्दा उठाया था। साथ ही कहा था कि फैक्ट्रियां हटीं या नहीं उसकी निरंतर प्रकाशित की जाएंगी।
आश्वासन समिति के अध्यक्ष सतीश महाना ने बैठक में क्षेत्रीय इकाई अधिकारी डॉ. सिकंदर से कहा कि पिछली बार भी ग्लू भट्ठियों को हटाने के लिए निर्देश बोर्ड को दिया गया था, उस दौरान कुछ भट्ठियां हटाई गई, लेकिन वे फिर से वहां आ गईं। इन्हें तत्काल हटाया जाए। इनसे गंगा के पानी और आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि यह भट्ठियां वैसे तो नगर निगम और केडीए की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई है, लेकिन गंगा के 200 मीटर के दायरे के अंदर होने की वजह से उन लोगों की जिम्मेदारी बढ़ी है। साथ ही इन्हें शुरू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से किसी तरह की एनओसी नहीं ली गई है। इसीलिए इनको हटाया जाना जरूरी है। टीम बना ली गई है। मौके पर जाकर इन्हेें देखा भी गया। जल्द ही इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
फिर से धधकी फैक्ट्रियां
जाजमऊ के वाजिदपुर में ग्लू फैक्ट्रियां फिर से धधकने लगी हैं। शनिवार को अमर उजाला ने क्षेत्र की पड़ताल की तो ग्लू फैक्ट्रियां धधकती मिलीं। जबकि प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़े पैमाने पर भट्ठियां तोड़ी थीं। लेकिन फिर वह धधकने लगीं।
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आश्वासन समिति के अध्यक्ष सतीश महाना ने बैठक में क्षेत्रीय इकाई अधिकारी डॉ. सिकंदर से कहा कि पिछली बार भी ग्लू भट्ठियों को हटाने के लिए निर्देश बोर्ड को दिया गया था, उस दौरान कुछ भट्ठियां हटाई गई, लेकिन वे फिर से वहां आ गईं। इन्हें तत्काल हटाया जाए। इनसे गंगा के पानी और आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ रहा है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि यह भट्ठियां वैसे तो नगर निगम और केडीए की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई है, लेकिन गंगा के 200 मीटर के दायरे के अंदर होने की वजह से उन लोगों की जिम्मेदारी बढ़ी है। साथ ही इन्हें शुरू करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से किसी तरह की एनओसी नहीं ली गई है। इसीलिए इनको हटाया जाना जरूरी है। टीम बना ली गई है। मौके पर जाकर इन्हेें देखा भी गया। जल्द ही इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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फिर से धधकी फैक्ट्रियां
जाजमऊ के वाजिदपुर में ग्लू फैक्ट्रियां फिर से धधकने लगी हैं। शनिवार को अमर उजाला ने क्षेत्र की पड़ताल की तो ग्लू फैक्ट्रियां धधकती मिलीं। जबकि प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बड़े पैमाने पर भट्ठियां तोड़ी थीं। लेकिन फिर वह धधकने लगीं।
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