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कानपुर में डेंगू की दस्तक: हैलट अस्पताल में पहली मौत, सतर्क रहना बेहद जरूरी
Sun, 20 Mar 2022 03:08 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 20 Mar 2022 03:08 PM IST
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हैलेट अस्पताल
- फोटो : सोशल मीडिया
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कानपुर के हैलट अस्पताल में डेंगू से इस साल की पहली मौत हुई है। साढ़े आठ साल की संक्रमित बच्ची को गंभीर हालत में हैलट के बालरोग अस्पताल के पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में गुरुवार को भर्ती कराया गया था, जहां अगले दिन उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया कि बच्ची को दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था और प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रही थीं। बालरोग अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कटियार ने बताया कि बच्ची डेंगू शॉक सिंड्रोम की स्थिति में थी। पतारा ब्लॉक के आगापुर गांव के रहने वाले राजकुमार तिवारी की साढ़े आठ साल की बेटी ईशा को दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था।
हालत बिगड़ी तो परिजन नौबस्ता गल्ला मंडी के पास स्थित निदान हॉस्पिटल ले गए। रोगी के मामा अंकुर शुक्ला ने बताया कि वहां जांच हुई तो रोगी को डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सचिवालय में तैनात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जो उनके रिश्तेदार हैं, उन्हें जानकारी दी।
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परिजनों ने बताया कि बच्ची को दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था और प्लेटलेट्स तेजी से कम हो रही थीं। बालरोग अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कटियार ने बताया कि बच्ची डेंगू शॉक सिंड्रोम की स्थिति में थी। पतारा ब्लॉक के आगापुर गांव के रहने वाले राजकुमार तिवारी की साढ़े आठ साल की बेटी ईशा को दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था।
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हालत बिगड़ी तो परिजन नौबस्ता गल्ला मंडी के पास स्थित निदान हॉस्पिटल ले गए। रोगी के मामा अंकुर शुक्ला ने बताया कि वहां जांच हुई तो रोगी को डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सचिवालय में तैनात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जो उनके रिश्तेदार हैं, उन्हें जानकारी दी।
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इस पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बात कर बच्ची को बालरोग अस्पताल में भर्ती किया। ईशा को बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव की निगरानी में गुरुवार को भर्ती किया गया था। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। अंकुर ने बताया कि बच्ची को निदान अस्पताल में भर्ती कराया गया तो उसका प्लेटलेट्स काउंट 57 हजार था।
छह घंटे बाद हैलट लेकर आए तो प्लेटलेट्स काउंट घटकर 37 हजार हो गया। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि मरीज को डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि, एसीएमओ संक्रामक रोग डॉ. आरएन सिंह ने डेंगू रोगी की मौत के संबंध में किसी भी जानकारी से इनकार किया है।
छह घंटे बाद हैलट लेकर आए तो प्लेटलेट्स काउंट घटकर 37 हजार हो गया। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि मरीज को डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि, एसीएमओ संक्रामक रोग डॉ. आरएन सिंह ने डेंगू रोगी की मौत के संबंध में किसी भी जानकारी से इनकार किया है।
डेंगू का हमला जल्दी शुरू, टीमें करेंगी सर्वे
कोरोना की तीसरी लहर अपने न्यूनतम स्तर पर आ गई है, लेकिन डेंगू वक्त के पहले आ धमका है। अमूमन जून में बारिश के बाद उमस भरे मौसम में डेंगू का हमला तेज होता है। इस बार डेंगू पहले आ गया है। पहला रोगी ग्रामीण अंचल से मिला है। इससे स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। अगर डेंगू वक्त से पहले फैला तो दिक्कत बढ़ेगी।
गर्मी बढ़ते ही लोग कूलरों का इस्तेमाल करने लगेंगे। घरों में कूलर के कारण ही अधिक डेंगू फैलता है। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने बताया कि टीमें मौके पर जाकर सर्वे करेंगी और डेंगू की रोकथाम संबंधी उपाय अपनाए जाएंगे। सीएमओ ने नागरिकों से भी अपील की है कि डेंगू से बचाव के तरीके अपनाएं। कहीं बेवजह पानी भरा न रहने दें। फ्रिज की प्लेट और एसी की सफाई रखें। डेंगू चूंकि साफ पानी में होता है, तो इसके ज्यादातर ब्रीडिंग स्थल घरों में ही होते हैं।
कोरोना की तीसरी लहर अपने न्यूनतम स्तर पर आ गई है, लेकिन डेंगू वक्त के पहले आ धमका है। अमूमन जून में बारिश के बाद उमस भरे मौसम में डेंगू का हमला तेज होता है। इस बार डेंगू पहले आ गया है। पहला रोगी ग्रामीण अंचल से मिला है। इससे स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। अगर डेंगू वक्त से पहले फैला तो दिक्कत बढ़ेगी।
गर्मी बढ़ते ही लोग कूलरों का इस्तेमाल करने लगेंगे। घरों में कूलर के कारण ही अधिक डेंगू फैलता है। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने बताया कि टीमें मौके पर जाकर सर्वे करेंगी और डेंगू की रोकथाम संबंधी उपाय अपनाए जाएंगे। सीएमओ ने नागरिकों से भी अपील की है कि डेंगू से बचाव के तरीके अपनाएं। कहीं बेवजह पानी भरा न रहने दें। फ्रिज की प्लेट और एसी की सफाई रखें। डेंगू चूंकि साफ पानी में होता है, तो इसके ज्यादातर ब्रीडिंग स्थल घरों में ही होते हैं।