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हार से हताश विपक्ष नाकामी छिपाने के लिए आयोग को लेकर फैला रहा भ्रम : महापौर
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कानपुर। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा ने पलटवार किया है। सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर किसी दल को आपत्ति है तो वह आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ लोकतांत्रिक और न्यायिक मंच पर अपनी बात रखे। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार से हताश विपक्ष अपनी नाकामी छिपाने के लिए चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर भ्रम फैला रहा है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सरकार वाले राज्यों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि भाजपा की जीत के बाद ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाए जाते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष जनता के बीच नई कहानी गढ़ने और भ्रम फैलाने की कोशिश करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनाव के दौरान संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने जैसी बातें प्रचारित की गईं, जबकि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं था। अब ईवीएम हैक होने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्वप्निल वरुण ने एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आयोग ने स्पष्ट की है। दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, मजदूरों और बेघर नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है।
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उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। इसके बावजूद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सरकार वाले राज्यों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि भाजपा की जीत के बाद ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप लगाए जाते हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष जनता के बीच नई कहानी गढ़ने और भ्रम फैलाने की कोशिश करता है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनाव के दौरान संविधान बदलने और आरक्षण खत्म करने जैसी बातें प्रचारित की गईं, जबकि ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं था। अब ईवीएम हैक होने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। स्वप्निल वरुण ने एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आयोग ने स्पष्ट की है। दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, मजदूरों और बेघर नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है।
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