फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Deceaseds niece impersonates deceased, case opened during property transfer in KDA, report filed

फर्जीवाड़ा: संपत्ति के लिए भतीजी बनी मृतक की बेटी, KDA में संपत्ति नामांतरण के दौरान खुला मामला, रिपोर्ट दर्ज

Tue, 20 Feb 2024 10:20 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 20 Feb 2024 10:20 AM IST
सार

Kanpur News: शहर में करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए भतीजी मृतक की बेटी बन बैठी। उसने फर्जी कागजातों के सहारे पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनवा लिया था। केडीए में संपत्ति नामांतरण के दौरान मामले का खुलासा हुआ।

विज्ञापन
Deceaseds niece impersonates deceased, case opened during property transfer in KDA, report filed
केडीए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में एक परिवार के सभी तीन सदस्यों की मौत के बाद भतीजी करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए बेटी बन गई। फर्जी कागजातों के सहारे पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र बनवाकर खुद को विवाहित बेटी बताया और फिर संपत्ति अपने नाम कराने के लिए केडीए में प्रार्थना पत्र दिया। वहां से जांच शुरू हुई, तो मामला खुल गया।  फर्जीवाड़े की जानकारी पर मृतक के भाई ने प्रमाण-पत्र निरस्त कराने के बाद कोतवाली में धोखेबाज पति-पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा दी है।

विज्ञापन

किदवईनगर के ब्लॉक निवासी शिवसेवक शुक्ला के छोटे भाई गिरजाशंकर शुक्ला की मृत्यु छह मई 2021 व उनकी पत्नी अरुणा शुक्ला की नौ अक्तूबर 2021 को हो गई थी। गिरजाशंकर के इकलौते बेटे राहुल शुक्ला की मृत्यु 25 अगस्त 2023 को हो गई थी। राहुल की मौत से पहले उसके आवेदन पर 22 मार्च 2023 को एसडीएम सदर के यहां से पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र जारी किया गया था, जिसमें गिरजाशंकर के पारिवारिक सदस्यों के रूप में सिर्फ राहुल का नाम दर्ज था।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद सविता त्रिपाठी नाम से हुए आवेदन पर दो नवंबर 2023 को दूसरा पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र जारी हुआ, जिसमें गिरजाशंकर, अरुणा शुक्ला व राहुल शुक्ला की मौत का जिक्र करते हुए उनकी एक विवाहित पुत्री सविता त्रिपाठी को पारिवारिक सदस्य बताया गया। अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने बताया कि गिरजाशंकर के भाई शिवसेवक को फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर उन्होंने शिकायत की। जांच के दौरान सामने आया कि सविता के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व परास्नातक के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों में पिता का नाम सुशील शुक्ला व माता का नाम मीना शुक्ला दर्ज है।

विज्ञापन

सविता व पंकज के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
आधार कार्ड में सविता के पति का नाम पंकज कुमार व पता ग्राम इनायतपुर पोस्ट ठठिया जिला कन्नौज दर्ज है।  सविता व उसके पति पंकज ने कूटरचना कर कक्षा आठ व छात्र पंजीकरण एवं स्थानांतरण प्रमाण पत्र में पिता का नाम फर्जी तरीके से गिरजाशंकर व माता का नाम अरुणा शुक्ला दर्ज कराकर व फर्जी शपथपत्र देकर गलत तरीके से पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र हासिल कर लिया। एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र निरस्त किया गया और शिवसेवक की तहरीर पर कोतवाली में सविता व पंकज के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है।

परवरिश की पर नहीं लिया था गोद
गिरजाशंकर शुक्ला के कोई बेटी नहीं थी इसलिए उन्होंने अपने साले सुशील शुक्ला की बेटी सविता को लगभग 15 साल की आयु से अपने पास रख लिया व उसकी परवरिश करते रहे। सविता की शुरुआती शिक्षा भी गिरजाशंकर व अरुणा के पास रहकर हुई लेकिन गिरजाशंकर व अरुणा ने कभी भी सविता को गोद नहीं लिया इसलिए उसे दत्तक पुत्री नहीं माना गया। परिजनों की मौत के बाद सविता ने खुद को बेटी बताकर पारिवारिक सदस्यता के लिए आवेदन कर दिया और प्रमाण पत्र हासिल भी कर लिया।

कंचन उर्फ सविता त्रिपाठी मृतक गिरजाशंकर की दूर की रिश्तेदार है। उसने अपने पति पंकज के साथ मिलकर करोड़ों की संपत्ति हड़पने की साजिश रची। पंकज के खिलाफ कई और मुकदमे भी दर्ज हैं। मिलीभगत के चलते लेखपाल की रिपोर्ट लगकर एसडीएम द्वारा पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र भी जारी हो गया। केडीए में संपत्ति के नामांतरण कार्यवाही के दौरान मामले की जानकारी हुई। तब डीएम से शिकायत कर प्रमाण पत्र निरस्त करवाया गया और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।  -विवेक शुक्ला, वरिष्ठ अधिवक्ता

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed