{"_id":"584eb51a4f1c1b676f6499e3","slug":"death-in-accident-will-now-double-financial-support","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में मौत पर अब मिलेगी 2 लाख की आर्थिक मदद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे में मौत पर अब मिलेगी 2 लाख की आर्थिक मदद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
किसानों व मजदूरों की मौत पर चार गुना और घायल होने पर दो गुना मुआवजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेती-किसानी या पल्लेदारी करते समय किसी हादसे में मौत होने पर परिजनों को अब दो लाख रुपये आर्थिक मदद मिलेगी। घायल होने पर तीन से 60 हजार रुपये तक मिलेंगे। सामूहिक जनता व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत मंडी परिषद यह मुआवजा देगी। 30 दिन के अंदर आवेदन करना होगा। पैसा सीधे खाते में जाएगा।
मंडी परिषद ने हादसों में घायल किसानों व मजदूरों की मदद राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी है, जबकि मौत होने पर चार गुना ज्यादा मुआवजा मिलेगा। थ्रेसिंग, जुताई, बुवाई करते समय दुर्घटना में मौत पर अब 50 हजार रुपये की जगह दो लाख रुपये आर्थिक मदद मिलेगी। छोटी उंगली कटने पर तीन हजार, एक हाथ की दो उंगलियों के नुकसान पर 12000, अंगूठा कटने पर 18000, एक हाथ की तीन उंगलियां कटने पर 20 हजार, चार उंगलियों के नुकसान पर 28 हजार, एक हाथ-एक पैर या एक आंख के नुकसान पर 30 हजार रुपये मिलेंगे। इसके पहले यह मुआवजा आधा था। किसान या मजदूर के हादसे में दोनों पैर, दोनों हाथ या दोनों आंख क्षतिग्रस्त होने पर अब 30 के बजाए 60 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।
फसल के नुकसान पर भी क्षतिपूर्ति दोगुनी
खलिहान अग्नि दुर्घटना सहायता भी अब दोगुना कर दी गई है। खलिहान में रखी या खेत में खड़ी फसल आग या शार्ट सर्किट अथवा आकाशीय बिजली से फसल जलने पर यह सहायता दी जाएगी। ढाई एकड़ से कम भूमि वालों को अधिकतम अब 15 के बजाए 30 हजार मुआवजा मिलेगा। ढाई एकड़ से पांच एकड़ वालों को 20 से बढ़कर 40 हजार और पांच एकड़ से अधिक वालों को 60 हजार रुपये क्षतिपूर्ति मिलेगी। यदि दुर्घटना में सहायता की धनराशि एक लाख से अधिक होती है तो डीएम इस पर निर्णय लेंगे। फसल जलने के बाद 15 दिन के अंदर मंडी में नि:शुल्क आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
ऐसे में मिलेगा मुआवजा
कृषि व बिजली उपकरणों का संचालन, कुओं की खुदाई, ट्रैक्टर द्वारा कृषि उत्पाद की ढुलाई, थ्रेसिंग करते समय होने वाले हादसे में सामूहिक जनता व्यक्तिगत दुर्घटना योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना में कृषि उपकरण, खाद्य रासायन, बैलगाड़ी, ट्रैक्टर ट्राली का उपयोग के साथ पल्लेदारी, गाय या बैल द्वारा सींग मारने अथवा कृषि कार्य करते समय विषैले जीव के काटने से मृत्यु पर भी मुआवजा पाने के हकदार होंगे।
विज्ञापन
मंडी परिषद ने हादसों में घायल किसानों व मजदूरों की मदद राशि बढ़ाकर दोगुनी कर दी है, जबकि मौत होने पर चार गुना ज्यादा मुआवजा मिलेगा। थ्रेसिंग, जुताई, बुवाई करते समय दुर्घटना में मौत पर अब 50 हजार रुपये की जगह दो लाख रुपये आर्थिक मदद मिलेगी। छोटी उंगली कटने पर तीन हजार, एक हाथ की दो उंगलियों के नुकसान पर 12000, अंगूठा कटने पर 18000, एक हाथ की तीन उंगलियां कटने पर 20 हजार, चार उंगलियों के नुकसान पर 28 हजार, एक हाथ-एक पैर या एक आंख के नुकसान पर 30 हजार रुपये मिलेंगे। इसके पहले यह मुआवजा आधा था। किसान या मजदूर के हादसे में दोनों पैर, दोनों हाथ या दोनों आंख क्षतिग्रस्त होने पर अब 30 के बजाए 60 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।
विज्ञापन
फसल के नुकसान पर भी क्षतिपूर्ति दोगुनी
खलिहान अग्नि दुर्घटना सहायता भी अब दोगुना कर दी गई है। खलिहान में रखी या खेत में खड़ी फसल आग या शार्ट सर्किट अथवा आकाशीय बिजली से फसल जलने पर यह सहायता दी जाएगी। ढाई एकड़ से कम भूमि वालों को अधिकतम अब 15 के बजाए 30 हजार मुआवजा मिलेगा। ढाई एकड़ से पांच एकड़ वालों को 20 से बढ़कर 40 हजार और पांच एकड़ से अधिक वालों को 60 हजार रुपये क्षतिपूर्ति मिलेगी। यदि दुर्घटना में सहायता की धनराशि एक लाख से अधिक होती है तो डीएम इस पर निर्णय लेंगे। फसल जलने के बाद 15 दिन के अंदर मंडी में नि:शुल्क आवेदन करना होगा।
विज्ञापन
ऐसे में मिलेगा मुआवजा
कृषि व बिजली उपकरणों का संचालन, कुओं की खुदाई, ट्रैक्टर द्वारा कृषि उत्पाद की ढुलाई, थ्रेसिंग करते समय होने वाले हादसे में सामूहिक जनता व्यक्तिगत दुर्घटना योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना में कृषि उपकरण, खाद्य रासायन, बैलगाड़ी, ट्रैक्टर ट्राली का उपयोग के साथ पल्लेदारी, गाय या बैल द्वारा सींग मारने अथवा कृषि कार्य करते समय विषैले जीव के काटने से मृत्यु पर भी मुआवजा पाने के हकदार होंगे।