{"_id":"590344404f1c1b4522c0c958","slug":"dead-body-of-martyr-captain-reach-in-kanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीद कैप्टन का शव पहुंचा कानपुर और ‘जग चल पड़ा’ पीछे-पीछे...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद कैप्टन का शव पहुंचा कानपुर और ‘जग चल पड़ा’ पीछे-पीछे...
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 29 Apr 2017 07:14 AM IST
विज्ञापन
शहीद कप्तान का मृत शरीर कानपुर पहुंच गया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में आंतकी हमले के दौरान शहीद हुए कैप्टन आयुष यादव का शव शुक्रवार शाम कानपुर लाया गया। शहीद कैप्टन का शव 4:40 बजे चकेरी एयर फोर्स स्टेशन पहुंचा था। आर्मी की गाड़ी के पीछे-पीछे वाहनों का ऐसा हुजूम उमड़ा कि मानो जैसे पूरा जग पीछे-पीछे चल पड़ा हो।हर किसी की आंखों में दर्द और जुबां पर एक ही नारा था ‘आयुष यादव अमर रहे’ ‘आयुष यादव अमर रहे’।
तिरंगे में लिपटकर आया शहीद का पार्थिव शरीर
जैसे ही तिरंगे से लिपटे शहीद कैप्टन आयुष यादव के शव को प्लेन से उतारा गया, परिजन फफक पड़े। पिता ने बेटे की शहादत को सलाम करते हुए सैल्यूट किया। घर पर भी लोग जमा रहे। पास की दुकानें बंद रहीं। मां और बहन रात भर फोटो के सामने बैठी रोती रहीं। शहीद का शव कानपुर पहुंचते ही चकेरी एयरपोर्ट के बाहर जमा युवाओं की भीड़ शहीद अमर रहे के नारे लगाने लगी।
शहीद के पार्थिव शरीर को अभी सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखा गया है। शनिवार सुबह अंतिम दर्शन के लिए शव को घर ले जाया जाएगा, फिर अंतिम संस्कार होगा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, आल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन एमएस बिट्टा भी शहीद के घर पहुंचे। अखिलेश ने कहा कि इस समय देश की आंतरिक सुरक्षा ठीक नहीं है। आतंकी और नक्सली हमारे जवानों को मार रहे हैं। यह सरकार को तय करना है कि इस तरह सैनिकों की जान न जाए। सरकार को वार्ता के साथ ही ताकत का भी अहसास कराना चाहिए। एमएस बिट्टा ने कहा कि जवानों की रोज-रोज शहादत होना, दुख की बात है। जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन और धारा 370 लगाई जानी चाहिए। पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
तिरंगे में लिपटकर आया शहीद का पार्थिव शरीर
जैसे ही तिरंगे से लिपटे शहीद कैप्टन आयुष यादव के शव को प्लेन से उतारा गया, परिजन फफक पड़े। पिता ने बेटे की शहादत को सलाम करते हुए सैल्यूट किया। घर पर भी लोग जमा रहे। पास की दुकानें बंद रहीं। मां और बहन रात भर फोटो के सामने बैठी रोती रहीं। शहीद का शव कानपुर पहुंचते ही चकेरी एयरपोर्ट के बाहर जमा युवाओं की भीड़ शहीद अमर रहे के नारे लगाने लगी।
विज्ञापन
शहीद के पार्थिव शरीर को अभी सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखा गया है। शनिवार सुबह अंतिम दर्शन के लिए शव को घर ले जाया जाएगा, फिर अंतिम संस्कार होगा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, आल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के चेयरमैन एमएस बिट्टा भी शहीद के घर पहुंचे। अखिलेश ने कहा कि इस समय देश की आंतरिक सुरक्षा ठीक नहीं है। आतंकी और नक्सली हमारे जवानों को मार रहे हैं। यह सरकार को तय करना है कि इस तरह सैनिकों की जान न जाए। सरकार को वार्ता के साथ ही ताकत का भी अहसास कराना चाहिए। एमएस बिट्टा ने कहा कि जवानों की रोज-रोज शहादत होना, दुख की बात है। जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन और धारा 370 लगाई जानी चाहिए। पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन