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डीडी देवीपाटन दर्ज करेंगे 11 सचिवों के बयान
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कानपुर देहात। एफआईआर कराने की धमकी देकर पंचायत सचिवों से अवैध वसूली करने समेत अन्य आरोपों में पिछले साल निलंबित हुए तत्कालीन डीपीआरओ के खिलाफ देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक पंचायत जांच करने 21 अगस्त को आएंगे। इस दौरान वह आरोप लगाने वाले 11 ग्राम पंचायत अधिकारियों के बयान दर्ज करेंगे। डीपीआरओ ने सभी सचिवों को निर्धारित समय पर उपस्थित रहने का आदेश जारी किया है।
अवैध उगाही से परेशान ग्राम पंचायत सचिव व प्रधानों ने पिछले साल फरवरी/मार्च में तत्कालीन सीडीओ जोगिंदर सिंह से शिकायत की थी। आरोप था कि डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ग्राम पंचायतों का निरीक्षण, अभिलेखों की जांच के नाम पर ट्रांसफर, तैनाती, राज्य वित्त/14वें वित्त की कार्ययोजना स्वीकृत करने आदि के नाम पर अवैध वसूली करते हैं।
इसमें उनका सरवनखेड़ा ब्लॉक के प्रभारी एडीओ पंचायत/वीडीओ जितेंद्र सिंह, कार्यालय के वरिष्ठ सहायक रामसजीवन मौर्य व संबद्ध सफाई कर्मी यादवेंद्र सिंह सहयोग करते हैं। धन न देने पर कर्मियों के विरुद्ध चार्जशीट जारी कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। कई बार एफआईआर व निलंबन की धमकी देकर प्रताड़ित भी किया जाता।
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इस पर सीडीओ ने उपायुक्त मनरेगा समेत तीन सदस्यों की टीम गठित कर जांच सौंपी थी। जांच के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी मधुलता ने 20 हजार रुपये व भगवानदीन ने 15 हजार रुपये देना स्वीकार किया। डीपीआरओ व उनके अधीनस्थों की ओर से अवैध उगाही की पुष्टि होने की जांच रिपोर्ट मिलने पर सीडीओ ने कार्रवाई की संस्तुति डीएम से की थी।
तत्कालीन डीएम राकेश कुमार सिंह ने डीपीआरओ समेत अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का पत्र 2 मार्च को शासन मेें भेजा था। जिस पर 22 जुलाई को अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से डीपीआरओ शिवशंकर सिंह, प्रभारी एडीओ जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ सहायक रामसजीवन मौर्य व सफाई कर्मी यदुवेंद्र सिंह का निलंबन पत्र जारी किया गया था।
मामले में निलंबित डीपीआरओ के खिलाफ शासन से अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक पंचायत आरएस चौधरी को जांच सौंपी है।
निलंबित हुए पूर्व डीपीआरओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक पंचायत जांच के लिए 21 अगस्त को आएंगे। संबंधित सभी 11 ग्राम पंचायत अधिकारियों को उपस्थित रहकर बयान दर्ज कराने का आदेश जारी कर दिया गया है। - अनिल कुमार सिंह (डीपीआरओ)
यह ग्राम पंचायत अधिकारी दर्ज कराएंगे बयान
मधुलता, भगवानदीन, प्राची सचान, आकांक्षा त्रिपाठी, श्रीकांत पांडेय, दीपक सिंह, स्वाती कटियार, कमल किशोर, धर्मेंद्र यादव, अर्षिता कटियार व जय सिंह उपनिदेशक पंचायत को अपने बयान दर्ज कराएंगे।
आवास पर चलता था वसूली का खेल
अवैध तरीके से वसूली करने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी भगवानदीन ने जांच कमेटी को बताया था कि डीपीआरओ की मांग पर उन्होंने 15 हजार रुपये उनके आवास पर दिए थे। इसमें उनके अधीनस्थ प्रभारी एडीओ पंचायत, कार्यालय के वरिष्ठ सहायक व सफाई कर्मी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
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अवैध उगाही से परेशान ग्राम पंचायत सचिव व प्रधानों ने पिछले साल फरवरी/मार्च में तत्कालीन सीडीओ जोगिंदर सिंह से शिकायत की थी। आरोप था कि डीपीआरओ शिवशंकर सिंह ग्राम पंचायतों का निरीक्षण, अभिलेखों की जांच के नाम पर ट्रांसफर, तैनाती, राज्य वित्त/14वें वित्त की कार्ययोजना स्वीकृत करने आदि के नाम पर अवैध वसूली करते हैं।
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इसमें उनका सरवनखेड़ा ब्लॉक के प्रभारी एडीओ पंचायत/वीडीओ जितेंद्र सिंह, कार्यालय के वरिष्ठ सहायक रामसजीवन मौर्य व संबद्ध सफाई कर्मी यादवेंद्र सिंह सहयोग करते हैं। धन न देने पर कर्मियों के विरुद्ध चार्जशीट जारी कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। कई बार एफआईआर व निलंबन की धमकी देकर प्रताड़ित भी किया जाता।
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इस पर सीडीओ ने उपायुक्त मनरेगा समेत तीन सदस्यों की टीम गठित कर जांच सौंपी थी। जांच के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी मधुलता ने 20 हजार रुपये व भगवानदीन ने 15 हजार रुपये देना स्वीकार किया। डीपीआरओ व उनके अधीनस्थों की ओर से अवैध उगाही की पुष्टि होने की जांच रिपोर्ट मिलने पर सीडीओ ने कार्रवाई की संस्तुति डीएम से की थी।
तत्कालीन डीएम राकेश कुमार सिंह ने डीपीआरओ समेत अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का पत्र 2 मार्च को शासन मेें भेजा था। जिस पर 22 जुलाई को अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की ओर से डीपीआरओ शिवशंकर सिंह, प्रभारी एडीओ जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ सहायक रामसजीवन मौर्य व सफाई कर्मी यदुवेंद्र सिंह का निलंबन पत्र जारी किया गया था।
मामले में निलंबित डीपीआरओ के खिलाफ शासन से अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करते हुए देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक पंचायत आरएस चौधरी को जांच सौंपी है।
निलंबित हुए पूर्व डीपीआरओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए देवीपाटन मंडल के उपनिदेशक पंचायत जांच के लिए 21 अगस्त को आएंगे। संबंधित सभी 11 ग्राम पंचायत अधिकारियों को उपस्थित रहकर बयान दर्ज कराने का आदेश जारी कर दिया गया है। - अनिल कुमार सिंह (डीपीआरओ)
यह ग्राम पंचायत अधिकारी दर्ज कराएंगे बयान
मधुलता, भगवानदीन, प्राची सचान, आकांक्षा त्रिपाठी, श्रीकांत पांडेय, दीपक सिंह, स्वाती कटियार, कमल किशोर, धर्मेंद्र यादव, अर्षिता कटियार व जय सिंह उपनिदेशक पंचायत को अपने बयान दर्ज कराएंगे।
आवास पर चलता था वसूली का खेल
अवैध तरीके से वसूली करने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी भगवानदीन ने जांच कमेटी को बताया था कि डीपीआरओ की मांग पर उन्होंने 15 हजार रुपये उनके आवास पर दिए थे। इसमें उनके अधीनस्थ प्रभारी एडीओ पंचायत, कार्यालय के वरिष्ठ सहायक व सफाई कर्मी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।