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डाकू गोप्पा ने दिनदहाड़े किसान का किया अपहरण
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 13 Nov 2016 10:20 AM IST
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चित्रकूट में सालों से इस डाकू ने फैला रखा है आतंक
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डाकू गोप्पा ने दिनदहाड़े साथी डाकू खरदूषण के साथ पुलिस मुखबिरी करने के शक पर एक किसान का अपहरण कर जंगल की ओर ले गए। जानकारी होते ही पुलिस टीमें सक्रिय हुई और दो घंटे के अंदर अपहृत को सकुशल छुड़ा लिया।
नेरुआ गांव निवासी किसान पहलवान उर्फ लक्ष्मी (20) पुत्र जगन्नाथ आरख शनिवार की शाम को गांव के बाहर अपने खेतों की देखरेख कर रहा था। उसने बताया कि इसी बीच सुबह करीब साढ़े 11 बजे 50 हजार का इनामी डाकू गोप्पा यादव अपने साथी 12 हजार के इनामी डाकू खरदूषण के साथ बाइक से आ धमका। दोनों ने असलहे उसकी ओर तान दिए।
तभी कुछ बदमाश ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे। उसे बाइक में बैठाकर जंगल की ओर भागने लगे। इसी बीच उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर कुछ ग्रामीणों ने परिजनों को जानकारी दी। अपहरण की सूचना मिलते ही एसपी डीपी सिंह के नेतृत्व में सीओ महेश कुमार व थानाध्यक्ष आरबी सिंह पूरी फोर्स के साथ गांव पहुंचे।
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तीन पुलिस टीमों ने महुलिया जंगल में घेराबंदी की। थानाध्यक्ष ने बताया कि डाकुओं ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। पुलिस की जवाबी फायरिंग होेने पर भागने से पहले डाकू गैंग ने अपहृत को जमकर पीटा। जान से मारने के लिए गोली भी चलाई लेकिन वह बच गया। गोली उसके पैर को छूती हुई निकल गई। पुलिस को देखकर अपहृत ने चिल्लाकर अपनी मौजूदगी की जानकारी दी। पुलिस ने उसे बरामद कर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपहृत पर डाकुओं को मुखबिरी करने का शक है। इसीलिए हत्या करने के लिए उसका अपहरण किया था। पुलिस की मानें तो अपहृत के पास तमंचा भी था जिसे डाकुओं ने छीन लिया है। डाकू गोप्पा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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नेरुआ गांव निवासी किसान पहलवान उर्फ लक्ष्मी (20) पुत्र जगन्नाथ आरख शनिवार की शाम को गांव के बाहर अपने खेतों की देखरेख कर रहा था। उसने बताया कि इसी बीच सुबह करीब साढ़े 11 बजे 50 हजार का इनामी डाकू गोप्पा यादव अपने साथी 12 हजार के इनामी डाकू खरदूषण के साथ बाइक से आ धमका। दोनों ने असलहे उसकी ओर तान दिए।
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तभी कुछ बदमाश ट्रैक्टर पर सवार होकर पहुंचे। उसे बाइक में बैठाकर जंगल की ओर भागने लगे। इसी बीच उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर कुछ ग्रामीणों ने परिजनों को जानकारी दी। अपहरण की सूचना मिलते ही एसपी डीपी सिंह के नेतृत्व में सीओ महेश कुमार व थानाध्यक्ष आरबी सिंह पूरी फोर्स के साथ गांव पहुंचे।
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तीन पुलिस टीमों ने महुलिया जंगल में घेराबंदी की। थानाध्यक्ष ने बताया कि डाकुओं ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। पुलिस की जवाबी फायरिंग होेने पर भागने से पहले डाकू गैंग ने अपहृत को जमकर पीटा। जान से मारने के लिए गोली भी चलाई लेकिन वह बच गया। गोली उसके पैर को छूती हुई निकल गई। पुलिस को देखकर अपहृत ने चिल्लाकर अपनी मौजूदगी की जानकारी दी। पुलिस ने उसे बरामद कर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपहृत पर डाकुओं को मुखबिरी करने का शक है। इसीलिए हत्या करने के लिए उसका अपहरण किया था। पुलिस की मानें तो अपहृत के पास तमंचा भी था जिसे डाकुओं ने छीन लिया है। डाकू गोप्पा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।