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तिहरे हत्याकांड के बाद पुलिस व समाज के लिए सिरदर्द बना गोप्पा

Wed, 19 Apr 2017 08:43 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 19 Apr 2017 08:43 AM IST
सार

- आधुनिक यंत्रों से लैस एंटी डकैती टीम की रणनीति फेल

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dacoit goppa becomes headache for police
डाकू गोप्पा बना पुलिस का सिरदर्द
शिक्षा के मंदिरों में धावा बोलकर शिक्षकों से रंगदारी वसूलने वाला डाकू गोप्पा पुलिस व समाज के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। कभी डाकू बलखड़िया गैंग के साथ रहा तो इसकी कोई पहचान नहीं थी लेकिन इसके बाद इसने अलग गैंग बनाकर पहाड़ी,रैपुरा व तराई क्षेत्रों में वारदात करनी शुरु की। सबसे पहले शिक्षकों को रास्ते में रोककर वसूली की फिर स्कूलों में पहुंचकर रंगदारी की धमकी दी। बीते साल 26 जून को एक साथ तीन हत्याएं करने के बाद यह मोस्ट वांटेड की श्रेणी में आ गया है। पुलिस हर बार इस गैंग के आसपास तक पहुंचने का दावा करती रही लेकिन सरगना अभी दूर है। मोबाइल से धमकी देकर सरकारी निर्माण कार्य भी रूकवा रहा है लेकिन पुलिस की सर्विलांस व एंटी डकैती टीम उस तक नहीं पहुंच रही है।

     
पहाड़ी के हर्रा गांव का रामगोपाल उर्फ गोप्पा शिक्षकों से धमकी देकर वसूली करने पर 2015 में पांच हजार का इनामी बना। दो साल के अंदर ही इसने ताबडतोड़ वारदात कर पुलिस के लिए सिरदर्द पैदा कर दिया। आज यह 50 हजार का इनामी हो गया है और इस पर लगभग तीन दर्जन हत्या, धमकी, रंगदारी वसूलने, लूट और मारपीट के मामले दर्ज हैं। गोप्पा बलखडिया गैंग से अलग होकर दूसरे डाकू गौरी यादव गैंग का सक्रिय सदस्य है लेकिन अब उसका भी अलग गैंग है। जानकारों की मानें तो आज भी वह डाकू गौरी गैंग के साथ मिलकर भी पाठा क्षेत्र में वारदात करता है लेकिन पहाड़ी व राजापुर क्षेत्र में अलग ही वारदात को अंजाम देता है। बेलहरी में दिल्ली के दरोगा भगवान सहाय की गोली मारकर हत्या कांड में यह गौरी यादव गैंग के साथ था।

 
dacoit goppa becomes headache for police
डाकू गोप्पा (फाइल फोटो)
इधर पहाड़ी व तराई क्षेत्र को अपना क्षेत्र बनाकर गुटबंदी तरीके से गोप्पा वारदात करता है। क्षेत्र के पुराने डाकुओं की तर्ज पर अब सरकारी निर्माण कार्य में भी अडंगा लगाकर रंगदारी वसूलता है। पिछले एक साल के अंदर चार स्थानों पर काम रूकवाकर धमकी दी है। जिसकी पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज हुई। इसके बाद पुलिस सुरक्षा में निर्माण कार्य शुरु हुआ। सरैंया के पास विद्युत प्लांट का काम, हर्रा के पास सड़क निर्माण, ओरा ममसी के पास पुल निर्माण और पहाड़ी औदहा मार्ग निर्माण कार्य में ठेकेदार से लाखों रुपये की रंगदारी मांगी जा चुकी है।

पुलिस रिकार्ड में यह डाकू खूंखार होता जा रहा है। 19 दिसंबर 2016 को  पुरानी दुश्मनी के चलते हर्रा गांव में घुसकर एक युवक की गोली मारकर हत्या की। इसके पूर्व दो बार इस पर हमला कर चुका था। 29 जून 2016 को पहाड़ी के ओरा के पास तीन लोगों को गोलियों से उडाया था। कई बार फोन से धमकी भी ठेकेदार व प्रधानों को देता रहा है। जिसकी शिकायत पर पुलिस उस नंबर को सर्विलांस में लगाती है लेकिन सफलता नहीं मिली है। गैंग के कुछ साथी जरूर पकड़े जा चुके हैं। इस पर 2003 से लेकर अबतक लगभग तीन दर्जन मामले दर्ज हो चुके हैं।

पुलिस की नाकामी ही अभी तक कही जा सकती है कि सर्विलांस में नंबर लगाने के बाद लोकेशन तो मिलती है लेकिन वहां तक पहुचंने के पहले सरगना भाग निकलता है। एंटी डकैती टीम जिले में गठित है लेकिन वह भी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ जंगल की कांबिंग कर खाली हाथ लौटती है। डाकुआें को पकड़ने या मारने के मामले में आधुकिन सुविधाओं से युक्त एंटी डकैती टीम फिलहाल नाकाम है। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि डाकू गैंग भी शातिर हैं। जिस मोबाइल का प्रयोग करते हैं उसे कुछ दिनों के लिए बंद कर देते हैं। इनके पास कई सिम रहते हैं। जिससे बदल-बदलकर प्रयोग करते हैं। इसी कारण पुलिस अड्डे तक पहुंचने के बावजूद खाली हाथ आती है।
 
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