फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Cut green trees after taking permission to cut dry trees

Kanpur News: सूखे पेड़ काटने की अनुमति लेकर हरे काटे

Fri, 16 May 2025 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 16 May 2025 12:56 AM IST
विज्ञापन
Cut green trees after taking permission to cut dry trees
राजपुर। सूखे पेड़ काटने की अनुमति लेकर हरे पेड़ों की कटान की जा रही है। जिम्मेदार जानते हुए भी अनजान बने हैं। गुरुवार को क्षेत्र के पैलावर के पास हरे शीशम के पेड़ काटे गए। जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने वन कर्मियों को दी।
विज्ञापन

मुगल रोड से 200 मीटर दूर पैलावर मोड़ पर ठेकेदार ने हरे शीशम के पेड़ पर आरा चलवा दिया। लकड़ी काट रहे लोगों में न पुलिस का खौफ और न ही वन विभाग के अधिकारियों का खौफ देखने को मिला। लोगों का कहना है कि वन विभाग की मिली भगत से अवैध रूप से हरे पेड़ों को काटकर लकड़ी बाजार में ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। पेड़ों की कटान से न सिर्फ जिले को हरा भरा बनाने का मकसद अधूरा रहता है, बल्कि पेड़ों की कटान से प्रदूषण बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च करके वृक्षारोपण करवाती है। जिससे कि प्रदेश हरा-भरा रहे तथा वातावरण शुद्ध रहे। मगर जिम्मेदारों की अनदेखी से वन माफिया सरेआम अवैध कटान करा रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार एक पेड़ कटान के लिए परमिट जारी करने पर 1000 रुपये शुल्क जमा करना पड़ता है। इसी की आड़ में अवैध कटान जारी है। क्षेत्रीय वन अधिकारी स्वामीदीन का कहना है कि जहां पर भी पेड़ों के कटान सूचना मिलती है, टीम भेजकर कार्रवाई की जाती है। सूखे पेड़ों का ही परमिट जारी किया जाता है। अगर कहीं हरे पेड़ों की कटान की गई है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed