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बड़ी सफलता: सीएसए के वैज्ञानिकों ने विकसित किया के- 1616, बिना सिंचाई के होगी 30-35 कुंतल गेहूं की पैदावार
Fri, 07 Oct 2022 12:40 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Fri, 07 Oct 2022 12:40 AM IST
सार
रवी शस्य अनुभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि के-1616 प्रजाति को एचडी-2711 व के-711 को मिलाकर संकर प्रजाति के तौर पर विकसित किया गया है।
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सीएसए कानपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के वैज्ञानिकों ने बिना सिंचाई 30 से 35 कुंतल प्रति हेक्टेयर उत्पादन देने वाली गेहूं की प्रजाति के-1616 विकसित की है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने उत्तर प्रदेश में बुवाई के लिए प्रजाति को अधिसूचित (रिलीज) कर दिया है।
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रवी शस्य अनुभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि के-1616 प्रजाति को एचडी-2711 व के-711 को मिलाकर संकर प्रजाति के तौर पर विकसित किया गया है। विभाग के डॉ. सोमवीर सिंह, डॉ. एलपी तिवारी, डॉ. वाइपी सिंह, पीएन अवस्थी, पीके गुप्ता ने चार सालों तक देश में विभिन्न प्रतिबंधित सिंचित समय पर बुवाई की स्थिति में इस प्रजाति के ट्रायल किए, इसमें सामने आया कि यह प्रजाति केवल खेत में पलेवा करके बोई जा सकती है। इसमें सिचाई की आवश्यकता नहीं है।
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