फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Two sisters killed by eating stale food

बासी भोजन खाने से दो बहनों की मौत

Sat, 30 Apr 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 30 Apr 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
Two sisters killed by eating stale food
मां किरन की गोद में दीपाली। इनसेट में ईशा। - फोटो : amarujala
कानपुर साउथ। नौबस्ता के लवकुश विहार में फूड पॉइजिंग से दो बहनों की मौत हो गई जबकि दो अस्पताल में भर्ती हैं। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती बहनों को भी फूड पॉइजिंग बताया है। परिजनों ने बताया कि गर्मी में बासी भोजन खाने से यह हादसा हुआ।
विज्ञापन

लवकुश विहार निवासी बसंतू चौरसिया घर के पास ही अंडे की दुकान लगाता है। परिवार में पत्नी किरन और चार बेटियां दीपाली (9), खुशी (6), ईशा (4) और माही (डेढ़ वर्ष) हैं। बसंतू ने बताया कि बुधवार दोपहर और शाम को थोड़ा खाना बच गया था जो पत्नी किरन ने ढक कर रख दिया था। गुरुवार सुबह चारों बेटियों ने यह बासी खाना खा लिया। थोड़ी देर बाद ही दीपाली और खुशी को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। हालत बिगड़ने पर दोनों को बाबा नगर स्थित नीशू हास्पिटल में भर्ती कराया गया। गुरुवार रात बसंतू अस्पताल में रुक गया और पत्नी को दो बेटियों ईशा और माही के साथ घर भेज दिया। घर में ईशा और माही ने बचा हुई बासी भोजन खा लिया। देर रात इन दोनों की भी हालत बिगड़ गई। उल्टियां-दस्त होने लगे, पेट में तेज दर्द हुआ। इसके बाद दोनों बच्चियां सो गईं। सुबह किरन ने बच्चियों को जगाया लेकिन दोनों का शरीर हरकत नहीं कर रहा था। तुरंत दोनों को हास्पिटल लाया गया जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल में कोहराम मच गया। किरन और बसंतू के साथ ही परिवार के अन्य लोग रो पड़े। बाद में परिजनों ने दोनों बच्चियों के शव पांडु नदी में प्रवाह कर दिए। शुक्रवार दोपहर इस मामले की भनक मीडिया को और फिर अफसरों को लगी। एसीएम योगेंद्र कुमार, नगर निगम की टीम, नौबस्ता पुलिस हास्पिटल पहुंची और पूछताछ की। नौबस्ता इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला फूड प्वाइजिनिंग का प्रतीत हो रहा है।
विज्ञापन

कयासबाजी भी
इलाकाई लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यही खाना बसंतू और किरन ने भी खाया लेकिन इन्हें न तो उल्टियां हुई और न ही दस्त। दीपाली और खुशी की तबियत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया लेकिन ईशा और माही को अस्पताल ले जाने में देरी क्यों की गई। दोनों बहनों की मौत की खबर पुलिस से क्यों छिपाई गई। अगर पोस्टमार्टम होता तो सवालों पर विराम लग जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

छोटे से एक कमरे में रहता है परिवार
लवकुश विहार में बसंतू परिवार के साथ एक छोटे से कमरे में रहता है। कमरे में ही रसोई है। कमरे में हवा और रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कमरे का हाल देखने के बाद नौबस्ता इंस्पेक्टर ने कहा कि बसंतू के कमरे में उमस और गर्मी की वजह से 10 मिनट रुक पाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में खाना घंटों कैसे सुरक्षित रह सकता है।

पानी भी गंदा है
बसंतू के मोहल्ले लवकुश बिहार में रहने वाले लगभग 4000 हजार लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। चार हैंडपंपों में दो ही चालू हैं लेकिन एक गंदा पानी दे रहा है।  इलाकाई लोग संगीता, सोनी, अखिलेश विश्वकर्मा, हलदर, रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि हैंडपंप से गंदा पानी आता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed