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बुजुर्ग को पीटकर किया मरणासन्न
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 07 Oct 2015 02:31 AM IST
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दस दिन पहले महाराजपुर में बेगुनाह की भीड़ के हाथों पिटाई से हुई मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि नौबस्ता में भी कुछ लोगों ने 65 साल के बुर्जुग संतोष मिश्रा उर्फ पुन्नूलाल को चोरी के आरोप में पीट-पीटकर बेदम कर दिया।
बुर्जुग को मृत समझकर उर्सला के बाहर फेंक गए। दो-तीन दिन से मोहल्ले वालों पुन्नूलाल नहीं दिखे तो तलाश शुरू की गई। मंगलवार को पुन्नूलाल उर्सला के बेड पर पड़े मिले।
वाई ब्लाक निवासी मोनी मिश्रा, अनिल मिश्रा, डॉ राजेश भदौरिया और आशीष वाजपेयी ने बताया कि पुन्नूलाल के बेटे और पत्नी नहीं है। वह मोहल्ले में ही रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। रिश्तेदारों से भी नहीं बनी तो वह अलग रहकर मसाला बेचते आैर कहीं भी रात काट लेते थे।
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तीस सितंबर की रात के बाद से जब पुन्नूलाल किसी को नहीं दिखे तो उनकी तलाश शुरू की गई, फिर किसी ने बताया कि उसी रात को बाईपास के नीचे चाय दुकानदारों ने पुन्नूलाल को दो हजार रुपये की चोरी के आरोप में पीटा था। हालांकि चाय वाले इससे मुकर गए। गली के लोगों का कहना है कि पुन्नूलाल को पीटने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
लड़कों को सिखाते थे क्रिकेट ः पुन्नूलाल अच्छे क्रिकेटर थे। आज भी गली के लड़के उनसे क्रिकेट के गुर सीखते हंै, उनके अस्पताल में भर्ती होने से सभी लड़के भी उदास हैं। वहीं मामले में नौबस्ता थानाध्यक्ष राजदेव प्रजापति का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई मामला मेरी जानकारी में नहीं है, यदि मोहल्ले का कोई भी व्यक्ति शिकायत लेकर आएगा, तो तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बुर्जुग को मृत समझकर उर्सला के बाहर फेंक गए। दो-तीन दिन से मोहल्ले वालों पुन्नूलाल नहीं दिखे तो तलाश शुरू की गई। मंगलवार को पुन्नूलाल उर्सला के बेड पर पड़े मिले।
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वाई ब्लाक निवासी मोनी मिश्रा, अनिल मिश्रा, डॉ राजेश भदौरिया और आशीष वाजपेयी ने बताया कि पुन्नूलाल के बेटे और पत्नी नहीं है। वह मोहल्ले में ही रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। रिश्तेदारों से भी नहीं बनी तो वह अलग रहकर मसाला बेचते आैर कहीं भी रात काट लेते थे।
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तीस सितंबर की रात के बाद से जब पुन्नूलाल किसी को नहीं दिखे तो उनकी तलाश शुरू की गई, फिर किसी ने बताया कि उसी रात को बाईपास के नीचे चाय दुकानदारों ने पुन्नूलाल को दो हजार रुपये की चोरी के आरोप में पीटा था। हालांकि चाय वाले इससे मुकर गए। गली के लोगों का कहना है कि पुन्नूलाल को पीटने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
लड़कों को सिखाते थे क्रिकेट ः पुन्नूलाल अच्छे क्रिकेटर थे। आज भी गली के लड़के उनसे क्रिकेट के गुर सीखते हंै, उनके अस्पताल में भर्ती होने से सभी लड़के भी उदास हैं। वहीं मामले में नौबस्ता थानाध्यक्ष राजदेव प्रजापति का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई मामला मेरी जानकारी में नहीं है, यदि मोहल्ले का कोई भी व्यक्ति शिकायत लेकर आएगा, तो तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।