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कानपुर के नामचीन परिवार का टेरर फंडिंग से कनेक्शन, आतंकी कमरुजम्मा की गिरफ्तारी के बाद नया खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 30 Sep 2018 03:35 PM IST
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यूपी के कानपुर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरुजम्मा की गिरफ्तारी के बाद एक और नया मामला सामने आया है। मकनपुर, बिल्हौर के एक नामचीन परिवार का टेरर फंडिंग से कनेक्शन होने का सुरक्षा एजेंसियों को पता चला है। सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों को यह भी पता चला है कि, परिवार के मुखिया और उसके बेटे देश विरोधी तत्वों को शरण देने के साथ ही आर्थिक मदद भी पहुंचाते हैं।
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मकनपुर, बिल्हौर का यह नामचीन परिवार एक धार्मिक संस्था से भी ताल्लुक रखता है। इस संस्था के देश-विदेश में भारी संख्या में अनुयायी हैं। परिवार के लोग अक्सर विदेश आते-जाते रहते हैं। अफसरों को शक है कि यह परिवार धार्मिक संस्था के अनुयायियों के जरिये टेरर फंडिंग (आतंकियों को धन मुहैया) करवाता है। अफसरों ने इस परिवार के लोगों के बैंक खातों के नंबर और आधार कार्ड की कॉपी लेकर छानबीन तेज कर दी है।
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सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली में टेरर फंडिंग से जुड़े दो लोगों को पकड़ा था। उनसे पूछताछ में बरेली के फतेहगंज निवासी राशिद पुत्र इजराइल के बारे में जानकारी मिली थी। राशिद दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। सुरक्षा एजेंसी ने बरेली में छापा मारा, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। राशिद के मोबाइल की लोकेशन के आधार पर गुरुवार को सुरक्षा एजेंसी की टीम ने मकनपुर में उस परिवार के घर में दबिश दी, लेकिन राशिद पकड़ में नहीं आया।
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वहीं बिल्हौर थाना प्रभारी का कहना है कि, धोखाधड़ी के मामले में आरोपी राशिद की तलाश में दिल्ली से एक टीम यहां आई थी। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस टीम ने राशिद के मोबाइल लोकेशन के आधार पर मकनपुर क्षेत्र में गेस्ट हाउस, शीबू, अब्दुल वकार समेत कई लोगों के घरों में छानबीन की, लेकिन राशिद हाथ नहीं लगा। राशिद का मोबाइल स्विच ऑफ होने से टीम को उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। इसके बाद शुक्रवार को टीम दिल्ली वापस चली गई।