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सपा नेत्री की गला रेतकर हत्या
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 05 Jan 2017 11:09 AM IST
परिजनों ने पड़ोसियों पर लगाया आरोप, सीढ़ी बनाने का था विवाद
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर के बाबूपुरवा में बुधवार शाम घर में अकेली सपा नेत्री राधा देवी (55) की गला रेतकर हत्या कर दी गई। घर लौटे दामाद को खून से लथपथ शव कमरे में पड़ा मिला। एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी साउथ राकेश जौली, बाबपुरवा सीओ रमेश चंद्र दुबे सर्किल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। परिजनों ने पड़ोसी सगे भाइयों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बाबूपुरवा कालोनी निवासी राधादेवी सपा महिला सभा में नगर सचिव थीं। परिवार में सात बेटियां रीना, प्रीति, पिंकी, सोना, अनामिका, मौसमी और रोशनी हैं। मौसमी को छोड़कर सभी बेटियां विवाहित हैं। राधा के साथ मौसमी और अनामिका अपने पति सत्यप्रकाश के साथ रहती हैं। दामाद सत्यप्रकाश प्रिटिंग प्रेस में नौकरी करते हैं। सत्यप्रकाश ने बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे सभी बहनें ब्लू वर्ल्ड घूमने गई थीं। वह भी नौकरी पर चल गए। घर में राधादेवी अकेली थीं। शाम करीब 6:30 बजे वह नौकरी से घर लौटे तो मेनगेट अंदर से बंद था। कई बार सास को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर वह पीछे के दरवाजे पर पहुंचे, जो खुला था। अंदर पहुंचने पर कमरे में उनका शव फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना की। बाद में बेटियां भी घर पहुंची तो कोहराम मच गया।
शव के पास मिले जूतों के निशान
सपा नेत्री की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को शव के पास ही जूतों के निशान मिले हैं। पुलिस उन निशानों के आधार पर भी पड़ताल करने में जुटी है। पुलिस ने न तो फॉरेंसिक टीम को बुलाया और न ही डॉग स्क्वायड को। बिना जांच पड़ताल कराए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बाबूपुरवा कालोनी निवासी राधादेवी सपा महिला सभा में नगर सचिव थीं। परिवार में सात बेटियां रीना, प्रीति, पिंकी, सोना, अनामिका, मौसमी और रोशनी हैं। मौसमी को छोड़कर सभी बेटियां विवाहित हैं। राधा के साथ मौसमी और अनामिका अपने पति सत्यप्रकाश के साथ रहती हैं। दामाद सत्यप्रकाश प्रिटिंग प्रेस में नौकरी करते हैं। सत्यप्रकाश ने बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे सभी बहनें ब्लू वर्ल्ड घूमने गई थीं। वह भी नौकरी पर चल गए। घर में राधादेवी अकेली थीं। शाम करीब 6:30 बजे वह नौकरी से घर लौटे तो मेनगेट अंदर से बंद था। कई बार सास को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर वह पीछे के दरवाजे पर पहुंचे, जो खुला था। अंदर पहुंचने पर कमरे में उनका शव फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना की। बाद में बेटियां भी घर पहुंची तो कोहराम मच गया।
शव के पास मिले जूतों के निशान
सपा नेत्री की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को शव के पास ही जूतों के निशान मिले हैं। पुलिस उन निशानों के आधार पर भी पड़ताल करने में जुटी है। पुलिस ने न तो फॉरेंसिक टीम को बुलाया और न ही डॉग स्क्वायड को। बिना जांच पड़ताल कराए ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।