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आतंकी सलीम ने ‘काली कमाई वाली रकम’ से परिवार को दूर रखा, खुद फाइनेंसर के रूप में ही उभरा

Thu, 20 Jul 2017 11:56 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 20 Jul 2017 11:56 PM IST
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saleem was Financier of terrorist
सलीम की पत्नी और भाई
लश्कर- ए -तैयबा से जुड़े संदिग्ध आतंकी सलीम खान का नाम अब तक फाइनेंसर के रूप में ही उभरा है। ऐसे में यह लाजिमी होता है कि परिवार की माली हालत औरों से बहुत बेहतर दिखने वाली होगी। लेकिन सलीम ने अपनी काली कमाई वाली रकम से परिवार को दूर ही रखा। पत्नी को भी उतना ही दिया, जितने से खर्च चल सके। ऐसे में खुफिया इकाई भी यह मानने लगी है कि सलीम खान के आतंक की कमाई जरूर उसके किसी एजेंट के पास होगी। इसकी मार्फत से ही वह खाते का संचालन करता रहा होगा। 
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सलीम खान के परिवार का फतेहपुर हथगाम के बंदीपुर गांव में ग्राउंड फ्लोर का पक्का मकान है। महज ढाई बीघा खेती है। परिवार की माली हालत मध्यम वर्गीय परिवारों जैसी है। ऐसे में सलीम की कमाई को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वह आतंकी गतिविधियों में रकम फाइनेंस करने का काम करता था। इससे साफ है कि उसने बड़ी रकम इकट्ठा की होगी। 
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परिवार के मुताबिक सलीम खान पिछले दस साल से परिवार से दूर था। उसने कुछ महीनों के लिए पांच साल पहले पत्नी को दुबई बुलाया था। मकान दस साल पहले की कमाई से बनवाया था। इधर के ही दस सालों में उसके आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने का खुलासा हुआ है। कहा जा रहा है कि सलीम आतंकियों को मोटी रकम पहुंचाता था। यह रकम उसे आईएसआई आतंकियों, एजेंटों तक पहुंचाने के लिए देती थी। इसे वह दूसरे नाम से भारत तक पहुंचाता था। 
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इस लेनदेन में उसे भी तगड़ा कमीशन मिलता होगा। वह खुद भी नौकरी करता था। माना जा रहा है कि आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने वाले ऐसी कमाई को अपने घरवालों में नहीं बांटते हैं। अचानक रईस होने का दिखावा होने से पकड़े जाने और शक का खतरा बढ़ता है। सलीम खान ने भी ऐसा ही किया होगा। जांच टीम के मुताबिक ऐसे लोग रकम को खास एजेंट के पास जमा रखते हैं। 


सलीम को एयरपोर्ट से निकलने के बाद ही रकम मिल जाती, लेकिन वह पहले ही दबोच लिया गया। पत्नी नाजमीन के मुताबिक इलाहाबाद में पिछले दस साल रहने के दौरान उसे खर्च के हिसाब से ही रकम मिलती थी। इन सालों में उसने घरवालों को भी बड़ी रकम नहीं भेजी। 
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