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हरदोई-लखनऊ ट्रैक पर ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम, पटरी पर रखा था 4 फीट का पत्थर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 15 Dec 2017 10:17 PM IST
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हरदोई-लखनऊ रेलवे ट्रैक
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लखनऊ-हरदोई रेलवे ट्रैक पर यात्री ट्रेन को पलटाने की साजिश का खुलासा हुआ है। रेलवे के स्थानीय अधिकारी पूरे मामले को लेकर चुप्पी साधे रहे। बेहद गोपनीय ढंग से सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने हरदोई के बघौली थाने में अज्ञात के विरुद्ध रेलवे ट्रैक पर चार पीट का पत्थर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश रचने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
लखनऊ-हरदोई रेलवे ट्रैक की डाउन लाइन (लखनऊ की ओर) पर बुधवार शाम लगभग छह बजे बघौली के पास नहर पुल के नजदीक चार पीट का पत्थर का रखा देखा गया। इसकी सूचना अप लाइन पर (दिल्ली/हरदोई की ओर) लखनऊ की ओर से आई मालगाड़ी के चालक ने रेलवे कंट्रोल रूम को दी। रेलवे कंट्रोल रूम से जानकारी प्रसारित होते ही महकमे के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हो गए। इसी बीच कुछ ग्रामीणों से संपर्क साधकर ट्रैक पर रखा पत्थर हटवा दिया गया। गनीमत यह रही कि जब पत्थर रखा तो कोई ट्रेन उधर से नहीं गुजरी वरना हादसा होना तय था।
जिस समय यह पत्थर रखा देखा गया, उससे कुछ ही देर बाद डाउन दिशा की अवध-आसाम एक्सप्रेस के अलावा अमरनाथ एक्सप्रेस को भी निकलना था। पटरी पर पत्थर रखा मिलने की जानकारी को स्थानीय रेल अधिकारियों ने बेहद गोपनीय रखा। अमर उजाला ने जब इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से पूछना शुरू किया तो विभाग में हलचल मच गई। गोपनीय ढंग से सीनियर सेक्शन इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने बघौली थाने में अज्ञात के विरुद्ध रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बघौली थानाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि धारा 150 समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना की जा रही है, यह भी पता किया जा रहा है कि आखिर किसने रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखा।
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पेट्रोलिंग का समय बीतने के बाद रखा गया पत्थर
रेलवे ट्रैक की पेट्रोलिंग का कार्य सुबह और शाम किया जाता है। रेलवे ट्रैक पर आठ-आठ किलोमीटर की लंबाई में कार्य करने के लिए टीमें गठित हैं। इस मामले में यह जानकारी मिली है कि शाम की पेट्रोलिंग हो जाने के बाद ही पत्थर रखा गया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जिस जगह पर ट्रैक पर पत्थर रखा था, वहां शाम सवा पांच बजे पेट्रोलिंग की गई थी।
अधिकारी बढ़ाएंगे सर्तकता
नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि घटना का पता चलने के बाद से नींद उड़ी हुई है। आम तौर पर ऐसी घटना हरदोई में कभी नहीं हुई। एक दो बार पेंड्रोल क्लिप निकलने की जानकारी मिली, लेकिन तब यह पता चला था कि ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण पेंड्रोल क्लिप निकल गई थी। इस बार जो घटना हुई है, उससे अधिकारी खासे परेशान हैं। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और पेट्रोलिंग को लेकर भी अधिकारी विशेष सर्तकता बरतने लगे हैं।
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लखनऊ-हरदोई रेलवे ट्रैक की डाउन लाइन (लखनऊ की ओर) पर बुधवार शाम लगभग छह बजे बघौली के पास नहर पुल के नजदीक चार पीट का पत्थर का रखा देखा गया। इसकी सूचना अप लाइन पर (दिल्ली/हरदोई की ओर) लखनऊ की ओर से आई मालगाड़ी के चालक ने रेलवे कंट्रोल रूम को दी। रेलवे कंट्रोल रूम से जानकारी प्रसारित होते ही महकमे के अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय हो गए। इसी बीच कुछ ग्रामीणों से संपर्क साधकर ट्रैक पर रखा पत्थर हटवा दिया गया। गनीमत यह रही कि जब पत्थर रखा तो कोई ट्रेन उधर से नहीं गुजरी वरना हादसा होना तय था।
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जिस समय यह पत्थर रखा देखा गया, उससे कुछ ही देर बाद डाउन दिशा की अवध-आसाम एक्सप्रेस के अलावा अमरनाथ एक्सप्रेस को भी निकलना था। पटरी पर पत्थर रखा मिलने की जानकारी को स्थानीय रेल अधिकारियों ने बेहद गोपनीय रखा। अमर उजाला ने जब इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से पूछना शुरू किया तो विभाग में हलचल मच गई। गोपनीय ढंग से सीनियर सेक्शन इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने बघौली थाने में अज्ञात के विरुद्ध रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। बघौली थानाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि धारा 150 समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवेचना की जा रही है, यह भी पता किया जा रहा है कि आखिर किसने रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखा।
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पेट्रोलिंग का समय बीतने के बाद रखा गया पत्थर
रेलवे ट्रैक की पेट्रोलिंग का कार्य सुबह और शाम किया जाता है। रेलवे ट्रैक पर आठ-आठ किलोमीटर की लंबाई में कार्य करने के लिए टीमें गठित हैं। इस मामले में यह जानकारी मिली है कि शाम की पेट्रोलिंग हो जाने के बाद ही पत्थर रखा गया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जिस जगह पर ट्रैक पर पत्थर रखा था, वहां शाम सवा पांच बजे पेट्रोलिंग की गई थी।
अधिकारी बढ़ाएंगे सर्तकता
नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि घटना का पता चलने के बाद से नींद उड़ी हुई है। आम तौर पर ऐसी घटना हरदोई में कभी नहीं हुई। एक दो बार पेंड्रोल क्लिप निकलने की जानकारी मिली, लेकिन तब यह पता चला था कि ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण पेंड्रोल क्लिप निकल गई थी। इस बार जो घटना हुई है, उससे अधिकारी खासे परेशान हैं। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और पेट्रोलिंग को लेकर भी अधिकारी विशेष सर्तकता बरतने लगे हैं।