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मनरेगा घोटाले में सीबीआई छापा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 12 Mar 2015 02:43 AM IST
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महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) में हुए घोटाले के संबंध में सीबीआई ने बुधवार को छापा मारकर विकास खंड क्षेत्र के छह ग्रामसभाओं का ब्योरा खंगाला। ब्लाक कार्यालय में सीबीआई को इससे संबंधित दस्तावेज नहीं मिले। इससे माना जा रहा है कि विकास खंड में लाखों का गोलमाल हुआ।
विकास खंड अधिकारी जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने पूरी योजना के अभिलेखों को बारीक से जांचा। इस दौरान ब्लाक के रहीमपुर विसधन, मनावा, शाहपुर दुल्लू, गढेवा, सिहुरा दाराशिकोह और मैदों गांवों के वर्ष 2008 से 2010 के बीच मनरेगा योजना में खर्च की गई धनराशि के कोई अभिलेख नहीं मिल सके।
सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारियों ने ब्लाक कर्मियों से भी इन कागजात के संबंध में पूछताछ की लेकिन मनरेगा कार्यों और खर्च के कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिल सके।
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सूत्रों की मानें तो उक्त ग्राम सभाओं में से दो के ग्राम विकास अधिकारियों की मौत हो चुकी है। उनके साथ ही तमाम फाइलें भी दफन हो चुकी हैं। इसलिए पूरे खर्च का ब्योरा मिला संभव नहीं है। अब शेष सभी ग्रामसभाओं के सचिवों से जानकारी ली जाएगी।
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विकास खंड अधिकारी जितेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों ने पूरी योजना के अभिलेखों को बारीक से जांचा। इस दौरान ब्लाक के रहीमपुर विसधन, मनावा, शाहपुर दुल्लू, गढेवा, सिहुरा दाराशिकोह और मैदों गांवों के वर्ष 2008 से 2010 के बीच मनरेगा योजना में खर्च की गई धनराशि के कोई अभिलेख नहीं मिल सके।
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सूत्रों के अनुसार जांच अधिकारियों ने ब्लाक कर्मियों से भी इन कागजात के संबंध में पूछताछ की लेकिन मनरेगा कार्यों और खर्च के कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिल सके।
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सूत्रों की मानें तो उक्त ग्राम सभाओं में से दो के ग्राम विकास अधिकारियों की मौत हो चुकी है। उनके साथ ही तमाम फाइलें भी दफन हो चुकी हैं। इसलिए पूरे खर्च का ब्योरा मिला संभव नहीं है। अब शेष सभी ग्रामसभाओं के सचिवों से जानकारी ली जाएगी।