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मनीष रावण था, मैंने उसका वध किया

Thu, 09 Jun 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Thu, 09 Jun 2016 01:12 AM IST
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Manish Ravana, I did kill him
मनीष तिवारी की लाश फेंकनें में इस्तेमाल की गई कार की जांच करती फोरेंसिक टीम - फोटो : amarujala
कानपुर। सपा ब्राह्मण युवजन सभा के प्रदेश सचिव मनीष तिवारी की हत्या मासूम बच्ची पर गंदी नजर डालने पर बच्ची के मां-बाप ने की थी। पुलिस ने बच्ची के मां-बाप को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हिरासत में बच्ची की मां ने बताया कि मनीष उसकी छोटी सी बेटी पर गंदी नजर रखता था। ब्लैकमेल करता था, रुपये मांगता था। उससे त्रस्त आ चुकी थी। इसलिए एक दिन घर बुलाकर उसे मार डाला। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल मुंगरी, सिलबट्टा, दुपट्टा और लाश ठिकाने लगाने में इस्तेमाल कार बरामद कर ली है। पुलिस हिरासत में हत्यारोपी महिला ने कहा उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है, मनीष रावण था और मैंने उसका वध किया है। 
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बताते चलें कि 3 जून को चकेरी में एक युवक की हाथ-पैर बंधी लाश मिली थी। शिनाख्त अगले दिन मकरावटगंज निवासी सपा ब्राह्मण युवजन सभा के प्रदेश सचिव मनीष तिवारी के रूप में हुई थी। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने कौशलपुरी निवासी महिला लवली सिंह (35) और उसके पति संदीप सिंह (37) से पूछताछ की तो हत्या का खुलासा हो गया। 
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बुधवार को एसपी पश्चिम सचिंद्र पटेल ने प्रेसवार्ता में बताया कि संदीप सिंह घर से ही शेयर ट्रेडिंग का काम करता था लेकिन पिछले कुछ समय से उसका काम ठीक नही चल रहा था। मनीष तिवारी का संदीप के घर आना-जाना था। लवली से भी पहचान थी। बाद में मनीष, लवली को कुछ फोटो और पति की एक वीडियो क्लिप का भय दिखाकर ब्लैकमेल करके पैसे वसूलता था। पुलिस के मुताबिक 2 जून को शाम 4 बजे मनीष लवली के घर आया और फोटो, वीडियो क्लिप के बदले एक लाख रुपये और जेवर मांगने लगा। लवली ने विरोध किया तो मनीष ने कुछ नींद की टेबलेट दीं और पति को खिलाकर बेहोश करने को कहा। मनीष ने कहा कि पति के बेहोश होने के बाद वह घर में पैसा तलाशेगा। लवली ने पति को गोली खिलाने से इंकार कर दिया तो मनीष ने उससे मारपीट शुरू कर दी। फिर लवली से मैंगोशेक बनाने को कहा। लवली ने मैंगो शेक बनाया और चुपके से नींद की टेबलेट उसी मैंगो शेक में मिला दी। मैंगो शेक पीने के बाद मनीष नशे में हो गया और लवली से फिर उलझ गया। लवली के कपड़े फाड़ डाले और फिर उसकी पांच वर्षीय बच्ची को दबोच लिया, छेड़छाड़ करने लगा। यह देखकर लवली का धैर्य टूट गया और उसने कपड़े कूटने वाली मुंगरी से मनीष पर कई वार किए। मनीष गिर गया तो लवली ने सिलबट्टे से उस पर कई प्रहार किए। तब तक संदीप भी जाग गया और पत्नी को रोकने का प्रयास किया। लेकिन बेटी से बदसलूकी से गुस्साई लवली मनीष को पटककर उसके सीने पर चढ़ गई और अपने दुपट्टे से मनीष का गला तब तक कसती रही जब तक उसका दम नहीं निकल गया। मनीष की मौत के बाद पति- पत्नी ने लाश को चादर में बांधा और रात होने का इंतजार करने लगे। रात 8 बजे पति- पत्नी लाश को कार में डालकर सनिगवां गायत्री नगर में सूनसान जगह फेंक आए। पुलिस हिरासत में लवली ने बताया कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है, मनीष रावण था और मैंने उसका वध किया है। मनीष कई अन्य महिलाओं को ब्लैकमेल करता था। एक महिला सपा नेता से करीबी का हवाला देते हुए रौब भी झाड़ता था। एक जून को अंबेडकरनगर में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में मनीष महिला सपा नेता के साथ शामिल हुआ था। मनीष पुलिस अधिकारियों, नेताओं संग अपनी फोटो दिखाकर भी लोगों पर रौब गांठता था। लवली-संदीप की गिरफ्तारी इंस्पेक्टर कर्नलगंज प्रमोद शुक्ला, एसआई सुमित सिंह और सीमांत सिंह ने उनके घर से की। लाश ठिकाने लगाने में इस्तेमाल इंडिका कार से फारेंसिक टीम ने सबूत जुटाए। वारदात के समय लवली के कपड़े भी फारेंसिक टीम ने कब्जे में लिए है। मनीष की बाइक भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
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झूले से हुई थी दोस्ती
मनीष मेलों में एक महिला सपा नेता के झूले का काम संभालता था। चार महीने पहले लाजपतनगर में लवली अपनी बच्ची को झूला झुलाने लाई थी। इसी दौरान लवली और मनीष की दोस्ती हो गई। लवली के मुताबिक मोहल्ले में एक लड़ाई के दौरान उसके पति ने एक युवक को जान से मारने की धमकी दी थी जिसे मनीष ने रिकार्ड कर लिया था। मनीष धमकी देता था कि उस युवक को मारकर वह संदीप को फंसा देगा जिसकी गवाही रिकार्डिंग होगी। इसी से वह ब्लैकमेल करता था।

आरोपी का भाई आईपीएस 
हत्यारोपी संदीप का भाई 1997 बैच का बिहार कैडर का आईपीएस अधिकारी है जो फिलहाल आईटीबीपी देहरादून में तैनात है। संदीप तीन भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई शुगर मिल में काम करता है और दूसरे नंबर का भाई आईपीएस है। कौशलपुरी में दुमंजिला अपना मकान है। ग्राउंड फ्लोर पर किरायेदार, पहले पर मां और दूसरे पर संदीप-लवली बच्ची संग रहते थे।
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